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Gorakhpur News: विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी, दिल्ली में मास्टरमाइंड गिरफ्तार
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गोरखपुर। एम्स थाना क्षेत्र के बेलवा खुर्द गांव निवासी गनेश सिंह से विदेश भेजने के नाम पर 69 लाख रुपये की ठगी के मामले में वांछित मास्टरमाइंड अंबिका सिंह को पुलिस ने दिल्ली से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से बिहार के सीवान जनपद के दरौली थाना क्षेत्र के टड़वा परसिया गांव का रहने वाला है और वर्तमान में उत्तरी दिल्ली के सोनिया बिहार इलाके में किराये के मकान में रह रहा था। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
मामले में पीड़ित गनेश सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि अंबिका सिंह ने खुद को विदेश की कंपनियों से जुड़ा बताते हुए गनेश सिंह को झांसे में लिया और मजदूरों को विदेश भेजने के नाम पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया।
सीओ कैंट अरुण कुमार यश के अनुसार, वर्ष 2023 में आरोपी ने 36 युवकों को विदेश भेजने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में 29 लाख रुपये ऑनलाइन अपने और अपनी पत्नी के खातों में मंगवाए, जबकि करीब 40 लाख रुपये नकद भी लिए। कुल मिलाकर 69 लाख रुपये लेने के बाद भी आरोपियों ने तय समय पर वीजा उपलब्ध नहीं कराया। बाद में कथित तौर पर फर्जी वीजा देकर युवकों को दिल्ली बुलाया गया और टिकट बुकिंग के बहाने पर टरकाया गया।
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गनेश सिंह का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें अतिरिक्त आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी और अपने साथियों के जरिये धमकी दिलवाई। यहां तक कि फर्जी मामलों में फंसाने की भी धमकी दी गई। आरोप है कि 23 दिसंबर 2024 को आरोपी ने पीड़ित को गांव के पास बुलाया, लेकिन खुद नहीं पहुंचा और बाद में फोन पर पैसा लौटाने का आश्वासन देता रहा। पीड़ित ने कई बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
प्रार्थना पत्र में सुप्रीम कोर्ट के ‘ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार’ मामले का हवाला देते हुए अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एम्स पुलिस ने पिछले साल 28 अगस्त को अंबिका सिंह, उसकी पत्नी रीता सिंह और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और अब मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सीओ ने बताया कि आरोपी को शनिवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य गुर्गों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
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मामले में पीड़ित गनेश सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि अंबिका सिंह ने खुद को विदेश की कंपनियों से जुड़ा बताते हुए गनेश सिंह को झांसे में लिया और मजदूरों को विदेश भेजने के नाम पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया।
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सीओ कैंट अरुण कुमार यश के अनुसार, वर्ष 2023 में आरोपी ने 36 युवकों को विदेश भेजने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में 29 लाख रुपये ऑनलाइन अपने और अपनी पत्नी के खातों में मंगवाए, जबकि करीब 40 लाख रुपये नकद भी लिए। कुल मिलाकर 69 लाख रुपये लेने के बाद भी आरोपियों ने तय समय पर वीजा उपलब्ध नहीं कराया। बाद में कथित तौर पर फर्जी वीजा देकर युवकों को दिल्ली बुलाया गया और टिकट बुकिंग के बहाने पर टरकाया गया।
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गनेश सिंह का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें अतिरिक्त आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी और अपने साथियों के जरिये धमकी दिलवाई। यहां तक कि फर्जी मामलों में फंसाने की भी धमकी दी गई। आरोप है कि 23 दिसंबर 2024 को आरोपी ने पीड़ित को गांव के पास बुलाया, लेकिन खुद नहीं पहुंचा और बाद में फोन पर पैसा लौटाने का आश्वासन देता रहा। पीड़ित ने कई बार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
प्रार्थना पत्र में सुप्रीम कोर्ट के ‘ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार’ मामले का हवाला देते हुए अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एम्स पुलिस ने पिछले साल 28 अगस्त को अंबिका सिंह, उसकी पत्नी रीता सिंह और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और अब मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सीओ ने बताया कि आरोपी को शनिवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य गुर्गों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।