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यूपी: दवाओं की कमी से तीमारदार परेशान, डॉक्टर का पर्चा लिए मेडिकल दुकानों के काट रहे चक्कर

Sun, 02 May 2021 12:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 02 May 2021 12:23 PM IST
सार

गोरखपुर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौरान कई सारी दवाएं बाजार से गायब हो गई, कई दवाएं ऐसी, जिनकी सप्लाई बेहद कम

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lack of medicines for corona positive in gorakhpur
भलवटिया में दवा खरीदते लोग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के दौरान कई सारी दवाएं बाजार से गायब हो गई हैं। कई ऐसी दवाएं हैं, जिन्हें जीवन रक्षक माना जा रहा है। इन दवाओं की उपलब्धता बहुत कम होने से मरीजों के तीमारदार परेशान हैं। कोरोना के संक्रमण से गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को डॉक्टर भी ऐसी दवाएं लाने को कह रहे हैं, जो बाजार में उपलब्ध ही नहीं है।

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ऐसे में तीमारदार हाथ में पर्चा लेकर मेडिकल दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि कुछ दवाओं के वितरण की जिम्मेदारी प्रशासन ने ले ली है, लेकिन उपलब्धता कम होने से मरीजों की मुश्किलें जस की तस बनी हुई हैं। दवा विक्रेता समिति के महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया कि नेबुलाइजेशन और सांस फूलने से संबंधित दवाओं की मांग ज्यादा है। हालांकि, रोजाना इसकी सप्लाई बनी हुई है। महीने की आखिरी के चलते भी दवाओं की सप्लाई में कुछ दिक्कत हुई हैं, लेकिन अब हालात सामान्य हो जाएंगे।  
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इन दवाओं की ज्यादा डिमांड
- नेबुलाइजेशन की समस्त दवाएं
- सांस फूलने की दवाएं
- रक्त को पतला करने की दवाएं

 

रेमडेसिविर की प्रतिदिन एक हजार वायल की मांग

कोरोना संक्रमण के दौरान सबसे ज्यादा मांग रेमडेसिविर इंजेक्शन की है। मौजूदा समय मेें जिले में करीब एक हजार वायल की रोजाना जरूरत है, लेकिन उपलब्धता सिर्फ सौ के करीब है। इस इंजेक्शन के लिए मरीज के तीमारदार काफी परेशान हो रहे हैं।

बाजार में नहीं है टोसिलीजुमैब इंजेक्शन
यह सिप्ला कंपनी का इंजेक्शन फेफड़े के संक्रमण में कारगर माना जा रहा है। गोरखपुर में यह इंजेक्शन शनिवार को दस डोज आई थी, जो जल्द खत्म हो गई। इसके वितरण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन के पास है। बहुत सारे लोग वाराणसी से महंगे दाम में खरीदकर इसे ला रहे हैं। देवरिया का एक परिवार इस इंजेक्शन को बाजार में ढूंढकर थक चुका, लेकिन यह उपलब्ध नहीं हो सका।

सोमवार से मिलेगा मिथाइल प्रेडनिसोलोन इंजेक्शन
मिथाइल प्रेडनिसोलोन इंजेक्शन कोर्टिकोस्टेरायड से संबंधित है। सांस लेने में तकलीफ या गंभीर एलर्जी में इसका इस्तेमाल होता है। यह शरीर में प्राकृतिक रूप से मौजूद कोर्टिकोस्टेरायड के स्तर को बढ़ाता है। सूजन को नियंत्रित करता है। बाजार में इस समय यह उपलब्ध नहीं है, लेकिन सोमवार को आने की उम्मीद है।

फेबिफ्लू
कोरोना के मरीजों के लिए फेबिफ्लू काफी कारगर मानी जा रही है। इसकी मांग ज्यादा है और यह दवा बाजार में बहुत कम है। हालांकि, थोक बाजार में इसकी उपलब्धता बनी हुई है।  

विटामिन व जिंक की कमी
विटामिन-सी, मल्टीविटामिन और जिंक की मांग बढ़ गई है। हालांकि, इसकी कमी नहीं है, लेकिन लोग इन दवाओं को स्टोर करने लगे हैं। छोटे मेडिकल स्टोर पर ये दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

 
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