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Gorakhpur News: चिड़ियाघर में वन्य जीवों को जोड़े में रखें
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0- केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने बाड़ों का निरीक्षण वन्य जीवों के बेहतर रख-रखाव के दिए निर्दे
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से आए सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी बीके सिंह और पॉलिसी एडवाइजर अपूर्व वंडल ने दूसरे दिन भी चिड़ियाघर का निरीक्षण किया। विभिन्न बाड़ों का भ्रमण कर उनके निर्माण एवं पूरे प्राणी उद्यान में रह रहे विभिन्न प्रजाति के वन्य जीवों के बारे में जानकारी ली।
इस मौके पर बीके सिंह ने कहा कि जिन-्रजिन प्रजातियों के वन्य जीवों की संख्या केवल एक है, उनको जल्द जोड़े में रखने की व्यवस्था करें। इससे वो खुद को अकेला न महसूस करे और उनकी ब्रीडिंग भी हो सके। मंगलवार को टीम ने वन्य जीवों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत किए गए उपाय, उनको व्यस्त रखने के लिए लगाए गए बाड़ों के इंतजामों की समीक्षा की।
प्राणी उद्यान में रह रहे वन्यजीवों एवं कार्य कर रहे विभिन्न कर्मियों के बारे में जानकारी हासिल की। सभी के अभिलेखों की जांच भी हुई। किचन स्टोर की व्यवस्था एवं वन्य जीवों के स्वास्थ्य को देख कर टीम ने प्राणी विज्ञान प्रबंधन की तारीफ की। कुछ सुझाव भी दिए। इस दौरान निदेशक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला, प्राणी उद्यान के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह, गौरव वर्मा एवं रोहित सिंह, डॉ. रवि यादव आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से आए सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी बीके सिंह और पॉलिसी एडवाइजर अपूर्व वंडल ने दूसरे दिन भी चिड़ियाघर का निरीक्षण किया। विभिन्न बाड़ों का भ्रमण कर उनके निर्माण एवं पूरे प्राणी उद्यान में रह रहे विभिन्न प्रजाति के वन्य जीवों के बारे में जानकारी ली।
इस मौके पर बीके सिंह ने कहा कि जिन-्रजिन प्रजातियों के वन्य जीवों की संख्या केवल एक है, उनको जल्द जोड़े में रखने की व्यवस्था करें। इससे वो खुद को अकेला न महसूस करे और उनकी ब्रीडिंग भी हो सके। मंगलवार को टीम ने वन्य जीवों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत किए गए उपाय, उनको व्यस्त रखने के लिए लगाए गए बाड़ों के इंतजामों की समीक्षा की।
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प्राणी उद्यान में रह रहे वन्यजीवों एवं कार्य कर रहे विभिन्न कर्मियों के बारे में जानकारी हासिल की। सभी के अभिलेखों की जांच भी हुई। किचन स्टोर की व्यवस्था एवं वन्य जीवों के स्वास्थ्य को देख कर टीम ने प्राणी विज्ञान प्रबंधन की तारीफ की। कुछ सुझाव भी दिए। इस दौरान निदेशक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला, प्राणी उद्यान के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह, गौरव वर्मा एवं रोहित सिंह, डॉ. रवि यादव आदि मौजूद रहे।
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