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बदमाशों और खाकी की दोस्ती खंगाल रहे पुलिस अफसर, एडीजी ने जारी किया ये फरमान

Tue, 07 Jul 2020 08:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 07 Jul 2020 08:46 PM IST
सार

  • गोरखपुर पुलिस ने फेरबदल भी शुरू किया
  • लंबे समय से थाना-चौकी पर जमे 300 पुलिस वालों को पुलिस लाइंस बुलाया गया

 

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Kanpur vikas Dubey Encounter after Gorakhpur ADG order to police also started shuffling
गोरखपुर के एडीजी जोन दावा शेरपा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर मुठभेड़ में पुलिस वालों की विकास दुबे से साठगांठ उजागर होने के बाद एडीजी दावा शेरपा ने जोन के सभी पुलिस कप्तानों को कर्मियों की भूमिका की जांच का आदेश दिया है। स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे पुलिस वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए जिनका बदमाशों से संपर्क रहा हो।

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उधर, गोरखपुर के एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता इसे लेकर सक्रिय हो गए हैं। लंबे समय से चौकी और थाने में जमे   300 पुलिस वालों को पुलिस लाइंस और लाइंस से थाने-चौकी की पोस्टिंग दी जा रही है। एसएसपी का मानना है कि लंबे समय तक फील्ड में रहने पर ही बदमाशों के संपर्क में आते हैं। इस वजह से बदलाव किया जा रहा है।
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जानकारी के मुताबिक, कानपुर में आठ पुलिस वालों की शहादत के मामले में सामने आया है कि वहां के स्थानीय थानेदार का ही गैंगस्टर विकास दुबे से सीधा संपर्क था और उसने ही पुलिस की पूरी योजना की जानकारी बदमाशों को दे दी।

उजागर हो चुकी है पुलिसकर्मियों की साठगांठ

मामला सामने आने के बाद गोरखपुर रेंज के एडीजी दावा शेरपा ने जोन के सभी एसपी को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि वे स्थानीय पुलिस और बदमाश के गठजोड़ की जांच करें और कहीं भी कोई ऐसा मिले तो सख्त कार्रवाई की जाए।

एडीजी दावा शेरपा ने बताया कि जोन के सभी एसपी को पत्र लिखकर माफिया पर कार्रवाई के लिए आदेश दिया गया है। पुलिस और बदमाश की साठगांठ की जांच करें जहां भी इस तरह का मामला सामने आएगा कार्रवाई की जाएगी।

वर्ष 2017 में खोराबार थाने में तैनात सिपाही को पशु तस्करों से साठगांठ में सस्पेंड किया गया था। बाद में जांच के बाद सिपाही का गैर जनपद तबादला भी किया गया था। गोला के एसओ पर भी सवाल उठा था। रामनयन नाम के सिपाही ने पत्र लिखकर थानेदार रहे संतोष पर सवाल उठाया था। जांच शुरू हुई, कुछ दिनों बाद फाइल बंद कर दी गई।

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पुलिस लाइंस और थाने-चौकी पर तैनात पुलिस वालों में फेरबदल किया जा रहा है। लंबे समय तक थाने-चौकी पर रहने पर बदमाश से साठगांठ होने की आशंका रहती है। इस वजह से कई पुलिस वालों का तबादला भी किया जा चुका है। - डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी
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