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UP Nikay Chunav 2023: सपा उम्मीदवार काजल निषाद बोलीं, नो इफ-नो बट, तगड़े में होगी लड़ाई
Fri, 14 Apr 2023 12:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 14 Apr 2023 12:13 PM IST
सार
काजल ने कहा कि इससे पहले विधानसभा के चुनाव में उन्हें भले ही दो बार शिकस्त मिली, लेकिन उनके भीतर हिम्मत और जुनून बहुत है। पार्टी प्रत्याशी ने कहा कि जरूरी नहीं कि जीत ही हासिल हो लेकिन, सबको पता है कि कहीं न कहीं कोई परिवर्तन जरूर होगा।
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गोरखपुर मेयर पद के लिए सपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद अपने समर्थकों के साथ फिल्म अभिनेत्री काजल निष
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
समाजवादी पार्टी से गोरखपुर मेयर पद की प्रत्याशी घोषित होने के बाद काजल निषाद ने कहा- नो इफ-नो बट यानी बिना किसी शक-संदेह के तगड़े में लड़ाई होगी। जोश और जुनून के साथ मैं चुनाव में उतरी हूं और किसी से डरने वाली नहीं। दमदारी से चुनाव लड़ूंगी। भले सामने बाबा हों या फिर प्रचार-प्रसार के लिए रवि किशन, निरहुआ और मनोज तिवारी ही क्यों न मैदान में आकर डट जाएं।
बृहस्पतिवार को गोरखपुर पहुंचीं काजल निषाद पत्रकारों से रूबरू थीं। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निषाद समाज के कार्यकर्ता, वह भी महिला पर भरोसा जताया है, जिसे वह टूटने नहीं देंगी।
उन्होंने कहा कि इससे पहले विधानसभा के चुनाव में उन्हें भले ही दो बार शिकस्त मिली, लेकिन उनके भीतर हिम्मत और जुनून बहुत है। पार्टी प्रत्याशी ने कहा कि जरूरी नहीं कि जीत ही हासिल हो लेकिन, सबको पता है कि कहीं न कहीं कोई परिवर्तन जरूर होगा।
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इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में मेयर पद के चार दावेदार, सभी वार्डाें में नहीं मिले पार्षद प्रत्याशी
एक सवाल के जवाब में उन्होंने मंत्री संजय निषाद को खजूर का पेड़ बताते हुए कहा कि वह सिर्फ अपने व अपने परिवार के हितैषी हैं। कभी किसी दूसरे का भला नहीं कर सकते। निषाद समाज इस सच्चाई को जान चुका है और अब उनके झांसे में आने वाला नहीं है।
पार्टी के भीतर और बाहर पैराशूट प्रत्याशी बताए जाने के सवाल पर काजल ने गोरखपुर से गहरा नाता बताते हुए कहा कि सदर तहसील के भउवापार में उनकी ससुराल है। एक कहावत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बेटी की मायके से डोली उठती है और ससुराल से अर्थी। जिस तरह बेटी अपने घर को सजाने-संवारने में अपनी पूरी जिंदगी काट देती है उसी तरह पूरा गोरखपुर उनका घर है, जिसके प्रति व समर्पित हैं।
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बृहस्पतिवार को गोरखपुर पहुंचीं काजल निषाद पत्रकारों से रूबरू थीं। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निषाद समाज के कार्यकर्ता, वह भी महिला पर भरोसा जताया है, जिसे वह टूटने नहीं देंगी।
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उन्होंने कहा कि इससे पहले विधानसभा के चुनाव में उन्हें भले ही दो बार शिकस्त मिली, लेकिन उनके भीतर हिम्मत और जुनून बहुत है। पार्टी प्रत्याशी ने कहा कि जरूरी नहीं कि जीत ही हासिल हो लेकिन, सबको पता है कि कहीं न कहीं कोई परिवर्तन जरूर होगा।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने मंत्री संजय निषाद को खजूर का पेड़ बताते हुए कहा कि वह सिर्फ अपने व अपने परिवार के हितैषी हैं। कभी किसी दूसरे का भला नहीं कर सकते। निषाद समाज इस सच्चाई को जान चुका है और अब उनके झांसे में आने वाला नहीं है।
पार्टी के भीतर और बाहर पैराशूट प्रत्याशी बताए जाने के सवाल पर काजल ने गोरखपुर से गहरा नाता बताते हुए कहा कि सदर तहसील के भउवापार में उनकी ससुराल है। एक कहावत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बेटी की मायके से डोली उठती है और ससुराल से अर्थी। जिस तरह बेटी अपने घर को सजाने-संवारने में अपनी पूरी जिंदगी काट देती है उसी तरह पूरा गोरखपुर उनका घर है, जिसके प्रति व समर्पित हैं।