{"_id":"5f70f4fd8ebc3e9bad320bfa","slug":"jee-advance-2020-physics-and-maths-are-so-tuff-gorakhpur-city-news-gkp3671967125","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेईई एडवांस में फिजिक्स और मैथ्स के सवालों ने किया परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेईई एडवांस में फिजिक्स और मैथ्स के सवालों ने किया परेशान
विज्ञापन
जेई एडवांस की परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी।
- फोटो : GORAKHPUR CITY
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेईई एडवांस : फिजिक्स और
मैथ्स के सवालों ने किया परेशान
गोरखपुर। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस रविवार को शहर के छह ऑनलाइन केंद्रों पर कराई गई। परीक्षा के लिए 750 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 80 फीसदी विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
सभी केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया। दो पालियों में परीक्षा हुई जिसमें विद्यार्थियों को पहला पेपर आसान लगा जबकि दूसरे को हल करने में कठिनाई हुई। फिजिक्स और मैथ्स में ेलंबी गणना वाले सवालों को हल करने में विद्यार्थियों के पसीने छूट गए।
विमल मांटेसरी इंटर कॉलेज, पादरी बाजार में 84 विद्यार्थी नामांकित थे। यहां परीक्षा देकर निकले विद्यार्थी दूसरे पेपर को लेकर मायूस दिखे। इसी तरह एल्युमिनियम फैक्ट्री स्थित ऑनलाइन सेंटर पर 54 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। विद्यार्थी स्कोर को लेकर आश्वस्त नहीं थे। माइनस मार्किंग होने से उनकी दिक्कतें और बढ़ गई हैं। परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार कई सवालों का जवाब दशमलव में थे, इसलिए गणना करने में दिक्कत हुई। समय ज्यादा लगा।
विज्ञापन
रसायन शास्त्र का पेपर औसत था। विशेषज्ञ अमित श्रीवास्तव का कहना है कि जेईई एडवांस का प्रश्न पत्र भौतिकी, रसायन व गणित के रुप में बंटा था। दूसरा पेपर ज्यादा कठिन था। भौतिकी खंड में लंबी गणना करनी थी। जबकि पहले पेपर में इन-आगेर्निंग केमेस्ट्री के कुछ ट्रिकी सवालों को हल करना आसान था। गणित के कुछ सवाल अपेक्षाकृत कठिन थे जिन्हें हल करने में छात्रों को परेशानी हुई होगी।
पहले पेपर को हल करने में कठिनाई नहीं हुई। लेकिन दूसरा पेपर कुछ कठिन था। सवालों को गणना आधारित बनाया गया था जिसमें समय अधिक लग रहा था। मुझे फिजिक्स आसान लगा। -मणिकांत खरवार
फिजिक्स के सवाल कठिन थे और यह गणना आधारित थे। हालांकि पहले पेपर में मैथ्स मुझे आसान लगा। एनसीईआरटी से कई सवाल पूछे गए थे। ओवरऑल पेपर अच्छा हुआ है।
-नीलेश नायक
जिन्होंने पूरा पाठ्यक्रम पढ़ा है उन्हें बहुत दिक्कत नहीं हुई होगी। क्योंकि कई सवाल ऐसे थे जो लंबे थे। गणना और फॉर्मूले पर आधारित थे। माइनस मार्किंग के चलते कुछ सवालों को हल नहीं किया।- अग्रेश दुबे
मुझे तो दूसरा पेपर बहुत कठिन लगा। अब केमेस्ट्री ही स्कोर बनाएगा। इन -आर्गेनिक केमेस्ट्री से सवाल बहुत आसान थे। पहले पेपर में मैथ्स भी ज्यादा कठिन नहीं लगी। -अश्विनी सिंह
विज्ञापन
मैथ्स के सवालों ने किया परेशान
गोरखपुर। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस रविवार को शहर के छह ऑनलाइन केंद्रों पर कराई गई। परीक्षा के लिए 750 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 80 फीसदी विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
सभी केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया। दो पालियों में परीक्षा हुई जिसमें विद्यार्थियों को पहला पेपर आसान लगा जबकि दूसरे को हल करने में कठिनाई हुई। फिजिक्स और मैथ्स में ेलंबी गणना वाले सवालों को हल करने में विद्यार्थियों के पसीने छूट गए।
विज्ञापन
विमल मांटेसरी इंटर कॉलेज, पादरी बाजार में 84 विद्यार्थी नामांकित थे। यहां परीक्षा देकर निकले विद्यार्थी दूसरे पेपर को लेकर मायूस दिखे। इसी तरह एल्युमिनियम फैक्ट्री स्थित ऑनलाइन सेंटर पर 54 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। विद्यार्थी स्कोर को लेकर आश्वस्त नहीं थे। माइनस मार्किंग होने से उनकी दिक्कतें और बढ़ गई हैं। परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार कई सवालों का जवाब दशमलव में थे, इसलिए गणना करने में दिक्कत हुई। समय ज्यादा लगा।
विज्ञापन
रसायन शास्त्र का पेपर औसत था। विशेषज्ञ अमित श्रीवास्तव का कहना है कि जेईई एडवांस का प्रश्न पत्र भौतिकी, रसायन व गणित के रुप में बंटा था। दूसरा पेपर ज्यादा कठिन था। भौतिकी खंड में लंबी गणना करनी थी। जबकि पहले पेपर में इन-आगेर्निंग केमेस्ट्री के कुछ ट्रिकी सवालों को हल करना आसान था। गणित के कुछ सवाल अपेक्षाकृत कठिन थे जिन्हें हल करने में छात्रों को परेशानी हुई होगी।
पहले पेपर को हल करने में कठिनाई नहीं हुई। लेकिन दूसरा पेपर कुछ कठिन था। सवालों को गणना आधारित बनाया गया था जिसमें समय अधिक लग रहा था। मुझे फिजिक्स आसान लगा। -मणिकांत खरवार
फिजिक्स के सवाल कठिन थे और यह गणना आधारित थे। हालांकि पहले पेपर में मैथ्स मुझे आसान लगा। एनसीईआरटी से कई सवाल पूछे गए थे। ओवरऑल पेपर अच्छा हुआ है।
-नीलेश नायक
जिन्होंने पूरा पाठ्यक्रम पढ़ा है उन्हें बहुत दिक्कत नहीं हुई होगी। क्योंकि कई सवाल ऐसे थे जो लंबे थे। गणना और फॉर्मूले पर आधारित थे। माइनस मार्किंग के चलते कुछ सवालों को हल नहीं किया।- अग्रेश दुबे
मुझे तो दूसरा पेपर बहुत कठिन लगा। अब केमेस्ट्री ही स्कोर बनाएगा। इन -आर्गेनिक केमेस्ट्री से सवाल बहुत आसान थे। पहले पेपर में मैथ्स भी ज्यादा कठिन नहीं लगी। -अश्विनी सिंह