Gorakhpur News: प्रदूषण के साथ ही हवा में तैर गई, कहीं गैस लीक तो नहीं- यहां हुई चर्चा और हटा पर्दा
शुरुआती दौर में लोगों को लगा कि किसी फैक्टरी में गैस लीक तो नहीं हो रही। बाद में पता चला कि यह प्रदूषण का असर है तो लोगों ने इससे राहत पाने के उपाय तलाशे।
भीषण गर्मी में शुक्रवार से ही मौसम में बदलाव होने लगा। इस दौरान हवाओं की रफ्तार मंद पड़ने लगीं। शनिवार को अचानक लगभग बंद हो गई, तो प्रदूषक जहां थे, वहीं ठहर गए। इस कारण लोगों को परेशानी होने लगी। लोग यहां तक कयास लगाने लगे कि कहीं कोई गैस तो नहीं लीक हो रही है।
सुबह एक्यूआई 335 था, जोकि 500 तक पहुंच गया। जबकि शाम को एक्यूआई का स्तर सामान्य तक पहुंच गया। आपदा प्रबंधन विभाग के गौतम कुमार ने बताया कि पछुआ हवा अचानक बंद हुई तो धुल, धुआं वातावरण में फैलने लगा और लोगों की आंखों में जलन होने लगी।
जब लोगों को पता चला कि प्रदूषण बढ़ने जैसी स्थिति हुई है, तो सभी प्रदूषण नियंत्रण और पौधरोपण की बातें करने लगे।
पर्यावरणविद डॉ. गोविंद पांडेय ने बताया कि सामान्य तौर पर गोरखपुर में एक्यूआई 70 से 125 के आसपास रहता है, लेकिन एक्यूआई 500 तक हो गया तो यह खतरनाक है। प्रदूषण के कारण ऊपर जाते हैं और हवा के साथ आगे उड़ जाते हैं। इसके विचरण से वातावरण में सुधार हो जाता है। गर्मी में धूल के कण अधिक होते हैं, जबकि धुआं भी खूब उड़ रहा है। अचानक हवा थम गई तो अचानक प्रदूषण का स्तर बढ़ गया।
खजांची चौराहा स्थित रंजीत कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह ही आंखों में जलन होने लगी। मैंने तीन लोगों से बात की तो सही जानकारी नहीं मिली। कुछ लोग कयास लगा रहे थे कि कहीं गैस लीक हो रही है? लोगों की चिंता थी कि कहीं ये परेशानी बढ़ गई तो क्या होगा।
राजेंद्र नगर के अरविंद तिवारी ने बताया कि सुबह आंखों में जलन होने से लोग परेशान हो गए। पहले मुझे लगा कि मेरी ही आंख में कोई दिक्कत है। उसके बाद परिवार के लोगों ने भी यहीं परेशानी बताई। फिर आसपास के लोगों से बात की, लेकिन कोई नहीं बता पाया कि ये परेशानी क्यों है।
इस कारण जहरीली हुई हवा
पदेवरिया बाईपास फोरलेन निर्माण एवं रुस्तमपुर और फलमंडी में सिक्स लेन निर्माण के कारण लोगों की परेशानी अधिक रही, क्योंकि उन क्षेत्रों में पहले से ही लोग उड़ती धूल से परेशान थे। नाॅर्मल रोड पर भी सड़क की धूल से परेशानी बढ़ रही थी। इसी प्रकार मोहद्दीपुर चौराहों पर वाहनों का जाम लगने से धुआं उठता रहा, जबकि गोरखपुर बस अड्डे पर भी जाम से दिक्कत अधिक रही।