Gorakhpur News: चेक बाउंस कराकर बिजली निगम को पहुंचाते थे नुकसान, जांच शुरू
निदेशक ने जोन के उप मुख्य लेखाधिकारी से विभिन्न वितरण खंडों के एक-एक चेक का सत्यापन व रोकड़बहीं( विभागीय लेखा राजस्व रजिस्टर) में दर्ज ब्यौरे की जांच कराकर 15 दिन में जवाब तलब किया। जोन के विभिन्न वितरण खंडों में बांउस चेक का यह खेल 2019-20 में हुआ था।
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बिजली निगम में चेक बाउंस कर 8 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पक़ड़ में आई है। कुल 792 ऐसे चेक हैं, जिनका भुगतान नहीं हो सका। ये सभी चेक बिजली बकाया भुगतान किए जाने के मद में जमा किए गए थे। लेकिन, भुगतान होने की जगह से बाउंस हो गए। जांच शुरू होने से खंडों के लिपिकों की सांस अटक गई है। पूर्वांचल वितरण निगम के निदेशक वित्त ने 20 जनवरी को खंडं के बैंक समाधान विवरण की समीक्षा के दौरान इस गड़बड़ी को पकड़ा।
निदेशक ने जोन के उप मुख्य लेखाधिकारी से विभिन्न वितरण खंडों के एक-एक चेक का सत्यापन व रोकड़बहीं( विभागीय लेखा राजस्व रजिस्टर) में दर्ज ब्यौरे की जांच कराकर 15 दिन में जवाब तलब किया। जोन के विभिन्न वितरण खंडों में बांउस चेक का यह खेल 2019-20 में हुआ था। तीन साल बाद पूर्वांचल वितरण निगम के निदेशक वित्त एसके जाड़िया ने हिसाब-किताब के दौरान इस मामले को पकड़ा।
जोन के उपमुख्यलेखाधिकारी को बांउस चेक का खंडवार विवरण भेजकर निर्देश दिए है कि खंडों के रोकड़-बही में दर्ज ऋणात्मक प्रविष्टि और एक-एक चेक का सत्यापन करने के साथ ही चेक देने वाले उपभोक्ताओं की आईडी की जांच कराकर रिपोर्ट 15 दिन में भेजे। इसमें देखे कि क्या उपभोक्ता की बिजली बकाएदारी को इस चेक के माध्यम से खत्म कर दी गई थी?
इस जांच में सहयोग व अभिलेखिय दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराने वाले वितरण खंडों के कर्मचारियों व अभियंताओं की नामावली भी भेजे। जांच शुरु होने से खण्डों में हड़कंप मचा हुआ है। उप मुख्यलेखाधिकारी मनोज वर्मा ने बताया कि इन चेक का मिलान उपभोक्ताओं की आईडी से करवाया जाएगा। इसके बाद भी पूरी बात सामने आएगी। चेक बाउंस वाली राशि उपभोक्ता के खाते में वापस जोड़ी गई या नहीं? ये जांचने के बाद पूरी गड़बड़ी सामने आएगी।
सबसे ज्यादा खंड प्रथम में मामला
ग्रामीण वितरण खंड प्रथम में सबसे अधिक 653 चेक बाउंस के सामने आए हैं। इसमें 5 से 6 करोड़ रुपये की धनराशि के हेरफेर की संभानवा है। इसके अलावा मोहद्दीपुर खंड में भी ऐसे ही लगभग 150 कई चेक बाउंस के मामले सामने आए हैं। सभी की जांच की जाएगी। सलेमपुर खंड में लगभग 100 बाउंस चेक हैं।
ऐसे ही करते थे चेक से धोखाधड़ी
सू्त्रों की मानें तो अभी तक की जांच में जो तथ्य आया है, वो बेहद हैरान करने वाला है। उदाहरण, उपभोक्ता अंकित पर तीन लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। उससे तीन लाख रुपये का चेक ले लिया गया। चेक लेकर उसे भुगतान की पर्ची दे दी गई। लेक बाउंस हो जाएगा, ये देने वाले और निगम के लेने वाले को भी पता था। ऐसे में सुविधा शुल्क लेकर उसके बकाए को भी सिस्टम से खत्म कर दिया और मूल भुगतान का चेक भी बाउंस हो गया। कुछ इस तरह निगम को राजस्व की क्षति पहुंचाई गई।