जुगाड़ का कमाल: कबाड़ से बना डाली 'फॉर्मूला-वन रेसिंग कार', आनंद महिंद्रा ने भी की शिव के श्रम 'पूजन' की सराहना
बस्ती की हर्रैया तहसील क्षेत्र के गांव रौताईनपुर निवासी शिवपूजन ने जुगाड़ से बना दी फॉर्मूला वन जैसी गाड़ी। जिसको लेकर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी शिवपूजन की सराहना की है। शिवपूजन ने बताया कि तीन पहिया वाहन बनाने में उन्हें बहुत की कम समय लगा।
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आवश्यकता आविष्कार की जननी है। इसे सच साबित करके दिखाया है बस्ती में हर्रैया तहसील क्षेत्र के शिवपूजन ने। उन्होंने कबाड़ से फॉर्मूला वन रेसिंग कार की तरह दिखने वाली गाड़ी बनाई है, जिससे वह रोज ग्रामीण क्षेत्र से दूध इकट्ठा कर शहर पहुंचाते हैं। शिवपूजन की इस कला और मेहनत को प्रख्यात उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी सराहा है। जिससे शिवपूजन भी फूले नहीं समां रहे हैं।
हर्रैया तहसील क्षेत्र के गांव रौताईनपुर (परिवारपुर) निवासी शिवपूजन ने बताया की वह इंटर पास हैं। पहले वह दूध का व्यवसाय मोटरसाइकिल से करते थे। जिससे वे जरूरत के हिसाब से दूध उतनी मात्रा में नहीं ले जा सकते थे। उन्होंने बताया कि उनके मन में पेट्रोल रहित एक वाहन बनाने का ख्याल आया, फिर क्या था उन्होंने कबाड़ से सामान इकट्ठा किया और एक तीन पहिया वाहन को बना डाला। उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती।
अब जिंदगी हो गई आसान
मेहनत और लगन से उनकी मुफलिसी में पूंजी का अभाव भी आड़े नहीं आया। अब शिव पूजन दूध के ड्रम को ग्रामीण क्षेत्र से शहर तक आसानी से पहुंचाते हैं। कहते हैं कि पहले परिवार चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था लेकिन अब जिंदगी आसान हो गई है। दूध के व्यवसाय में काफी फायदा हो रहा है।
तीन महीने के श्रम से कर डाला कमाल, आई इतनी लागत
शिवपूजन ने बताया कि तीन पहिया वाहन बनाने में तीन महीने का समय लगा। जिसमें कबाड़ से लोहे का एंगल व ई-रिक्शा का मोटर और दो बैटरी का उपयोग करके इसे बनाया है। ये दिखने में बिल्कुल ओपन है। जिसमें कबाड़ से कार का रिम व टायर, ट्यूब को बाजार से खरीदकर लगाया गया है। जुगाड़ करने के बाद भी इसे तैयार करने में लगभग एक लाख तीस हजार रुपये की लागत आई। वाहन की बैटरी चार्ज करने के बाद लगभग 70 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस वाहन की क्षमता दो कुंतल भार वहन करने की है। इसमें गियर, क्लच, ब्रेक और कार के अन्य हिस्सों को कबाड़ से लेकर लगाया गया है।