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Gorakhpur News: कोतवाली में मौजूद था दरोगा, तरंग से दिखाई गिरफ्तारी- जानें किसने किया ये दावा
Thu, 16 May 2024 10:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 May 2024 10:49 AM IST
सार
कमल ने सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करने के लिए आईजीआरएस पर 29 अप्रैल को प्रार्थना पत्र डाला था। पत्र में एक कोर्ट केस का भी उदाहरण दिया है। कमल ने बताया कि 20 जनवरी, 2015 को टोमासो ब्रूनो और अन्य बनाम यूपी राज्य के फैसले के अनुसार, साक्ष्य अधिनियम की धारा 658 के तहत अदालत में वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का उत्पादन जांच एजेंसी और अभियोजन पक्ष के लिए बहुत मददगार है।
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दरोगा आलोक सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
व्यापारी से 50 लाख रुपये छीनने के मामले में आरोपी दरोगा आलोक सिंह के भाई बलिया मुराडीह निवासी कमल सिंह ने आईजीआरएस पर प्रार्थना पत्र दिया है। उनका कहना है कि नौ अप्रैल की रात 12:05 बजे से सुबह आठ बजे तक उनका भाई आलोक कोतवाली थाने में था, जबकि उसकी गिरफ्तारी तरंग ओवरब्रिज के पास से दिखाई गई है।
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उन्होंने कोतवाली की इस अवधि की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। कमल ने सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित करने के लिए आईजीआरएस पर 29 अप्रैल को प्रार्थना पत्र डाला था। पत्र में एक कोर्ट केस का भी उदाहरण दिया है।
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कमल ने बताया कि 20 जनवरी, 2015 को टोमासो ब्रूनो और अन्य बनाम यूपी राज्य के फैसले के अनुसार, साक्ष्य अधिनियम की धारा 658 के तहत अदालत में वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य का उत्पादन जांच एजेंसी और अभियोजन पक्ष के लिए बहुत मददगार है। कमल ने पत्र में बताया है कि निष्पक्ष जांच के लिए यह बहुत ही जरूरी है।
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कहां गया सिपाही
सूत्रों की मानें तो दरोगा आलोक सिंह के साथ घटना वाले पूरे दिन एक सिपाही भी मौजूद था। इस मामले में उसका नाम भी आया था। नौ अप्रैल के बाद से ही सिपाही का न नाम सामने आया ना ही उसका कोई पता चला। बताया जा रहा है कि वह उसी दिन से लापता है।
कुछ दिन उसकी तलाश भी की गई थी। उधर दरोगा आलोक सिंह विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट नंबर दो में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद दूसरी बार भी जमानत को कोर्ट ने खारिज किया है। अब दरोगा आलोक सिंह के भाई कमल सिंह उसके केस की पैरवी कर रहे हैं।
यह है मामला
बेनीगंज के लाला टोली निवासी व्यापारी नवीन कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि तीन अप्रैल को चेकिंग के बहाने 50 लाख रुपये से भरा बैग दरोगा आलोक सिंह ने रख लिया। इस मामले में प्रिंस, प्रचंड, मुकेश और विशाल का नाम भी आया था। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद नौ अप्रैल को दरोगा और प्रिंस को गिरफ्तार कर उनके पास से 44 लाख रुपये बरामद कर लिए थे।