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Gorakhpur News: राजघाट पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की शुरू हुई जांच
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गोरखपुर। राप्ती नदी के राजघाट स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद का छज्जा गिरने की घटना की जांच मंगलवार को शुरू हो गई। टीम को इलाज में लापरवाही के साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की भी जांच करनी है इसलिए अब टीम में लोक निर्माण विभाग के अभियंता को भी शामिल किया गया है। टीम के सदस्यों ने राजघाट जाकर मुख्य प्रवेश द्वार और गुंबद की जांच-पड़ताल की।
रविवार को गुरु गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद का छज्जा गिरने से मलबे में दबकर दो अधिवक्ताओं की मौत हो गई थे। इसके बाद नाराज अधिवक्ताओं ने इलाज में लापरवाही के साथ ही घाट पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद डीएम दीपक मीणा ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी थी। टीम में एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एसपी सिटी निमिष पाटील और बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित नेहरू चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीएन शुक्ल शामिल हैं। लेकिन यह टीम सिर्फ इलाज में लापरवाही और एंबुलेंस के न पहुंचने के कारणों की जांच करने वाली थी। बाद में जांच का दायरा बढ़ाकर घाट पर हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी शामिल कर लिया गया।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंता को टीम में शामिल किया गया है।
रविवार को गुरु गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद का छज्जा गिरने से मलबे में दबकर दो अधिवक्ताओं की मौत हो गई थे। इसके बाद नाराज अधिवक्ताओं ने इलाज में लापरवाही के साथ ही घाट पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद डीएम दीपक मीणा ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी थी। टीम में एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एसपी सिटी निमिष पाटील और बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित नेहरू चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीएन शुक्ल शामिल हैं। लेकिन यह टीम सिर्फ इलाज में लापरवाही और एंबुलेंस के न पहुंचने के कारणों की जांच करने वाली थी। बाद में जांच का दायरा बढ़ाकर घाट पर हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को भी शामिल कर लिया गया।
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डीएम दीपक मीणा ने बताया कि तकनीकी जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंता को टीम में शामिल किया गया है।