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Gorakhpur News: प्रतिबंधित कोडीन सीरप तस्करी कर भेजा जा रहे देश-विदेश, अब हर सप्ताह इन्हें देनी होगी रिपोर्ट

Sun, 11 Feb 2024 11:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 11 Feb 2024 11:10 AM IST
सार

गोरखपुर जिले से अब प्रत्येक सप्ताह ड्रग इंस्पेक्टर कोडिनयुक्त कफ सीरप की जांच करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, करीब आठ माह पहले प्रतिबंधित हो चुके कोडिनयुक्त कफ सीरप से तस्कर मालामाल हो रहे हैं। ये कफ सीरप यूपी से बिहार, पश्चिम बंगाल के रास्ते पड़ोसी देश नेपाल और बांग्लादेश में भेजे जा रहे हैं।
 

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Banned codeine syrup is being smuggled and sent within the country and abroad, now they will have to give repo
हार्ट अटैक पर शोध - फोटो : SOCIAL MEDIA

विस्तार

करीब आठ माह पहले प्रतिबंधित हो चुके कोडिनयुक्त कफ सीरप से तस्कर मालामाल हो रहे हैं। ये कफ सीरप यूपी से बिहार, पश्चिम बंगाल के रास्ते पड़ोसी देश नेपाल और बांग्लादेश में भेजे जा रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टर इस दवा की खरीद बिक्री से संबंधित रिकार्ड अपडेट करेंगे।

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अफीम के पौधे से मिलने वाला कोडिन नशीला होता है। इसलिए इससे बने कफ सीरप का प्रयोग नशे के लिए भी हो रहा है। इसके प्रयोग से बच्चों में हार्ट व आंत में दिक्कत आती है। इसके अलावा बड़े इसके प्रयोग से नशेड़ी बन जाते हैं। इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए पिछले साल सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इस कफ सीरप की बिक्री और तेज हो गई। अब इसे बिहार और पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश व नेपाल तक भेजा जा रहा है। मामले की शिकायत शासन तक पहुंची तो इस पर निगरानी के लिए नए नियम बनाए गए हैं।
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अपर मुख्य सचिव अनीता सिंह की तरफ से प्रदेश के आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को भेजे पत्र में इसकी तस्करी व नुकसान आदि का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इसकी निगरानी के लिए तय किया गया है कि प्रदेश के बाहर से इस प्रकार के कफ सीरप के खरीद-बिक्री करने वाली फर्म या व्यक्ति को इसकी सूचना प्रत्येक सोमवार औषधि निरीक्षक को देनी होगी। इसके अलावा विक्रेता की यह जिम्मेदारी होगी कि जिसे वह सीरप बेच रहा है वह व्यक्ति या फर्म फर्जी नहीं है। इन आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित फर्म की मान्यता निरस्त कर दी जाएगी।
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बच्चों को बीमार, बड़ों को बनाता है नशेड़ी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ डीके सिंह ने बताया कि कोडिन अफीम के पौधे में पाया जाता है। यह नशीला होता है। इसके प्रयोग से बच्चों में आंत धीमी हो जाती है, जिससे उनकी पाचन क्रिया प्रभावित हाेती है। इसके अलावा इसके प्रयोग से बच्चों में हृदय संबंधी रोग होने की संभावना भी अत्यधिक बढ़ जाती है। बड़े लोग इसका प्रयोग करने से आदती हो जाते हैं। इसके अधिक प्रयोग से शरीर में डिहाइड्रेशन होने लगता है।

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