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भारत-नेपाल के बीच हुई वार्ता, जल्द खुलेंगे सांस्कृतिक पर्यटन के रास्ते
Fri, 09 Oct 2020 09:25 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)।
अमर उजाला ब्यूरो, कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 09 Oct 2020 09:25 PM IST
सार
- भारत के राजदूत क्वात्रा और उड्डयन मंत्री योगेश भट्टराई के बीच हुई मुलाकात
- दोनो देशों के बीच हवाई, पर्यटन संस्कृति को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
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Indo nepal border
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
सांस्कृतिक पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री योगेश भट्टराई और नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा के बीच शुक्रवार को शिष्टाचार मुलाकात हुई। मुलाकात में दोनों देशों के बीच हवाई पर्यटन तथा संस्कृति प्रसार के विषय पर चर्चा हुई।
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई कि दोनों देशों के बीच भैरहवा से उड़ान प्रवेश करने और नेपालगंज व महेंद्र नगर से उड़ान की अनुमति के लिए पहले से पत्राचार चल रहा है। बैठक में जल्द ही फैसला लिए जाने पर सहमति बनी।
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कोविड-19 के कारण काठमांडू और भारत के तमाम शहरों के बीच बंद चल रहीं उड़ानों को दोबारा चालू करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह सांस्कृतिक क्षेत्र में पशुपति, लुंबिनी, जनकपुर को विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित करने की चर्चा हुई।
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मंत्री भट्टराई और राजदूत क्वात्रा दोनों ने ही रामायण सर्किट अवधारणा के जल्द क्रियान्वयन में लाने के लिए सकारात्मकता दिखाई। नेपाल के संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भारत सरकार की ओर से किए गए अब तक के सहयोग के प्रति मंत्री भट्टराई ने आभार व्यक्त किया।
राजदूत क्वात्रा ने भी नेपाल के सांस्कृतिक तथा धार्मिक केंद्रों के विकास के लिए भारत सरकार के सकारात्मक रहने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि कोरोना के कारण प्रभावित हुए पर्यटन क्षेत्रों को विकसित कर बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार सदैव तत्पर है।