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गोरखपुर बीआरडी में कोरोना संक्रमण का बढ़ा खतरा, इस मशीन के खराब होने से परेशान हैं लोग
Sat, 25 Jul 2020 06:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 25 Jul 2020 06:29 PM IST
सार
- माइक्रोबायोलॉजी विभाग में खराब है ऑटोक्लेव मशीन
- ऑटोक्लेव मशीन से वायल किए जाते हैं विसंक्रमित
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BRD medical college
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोरोना संक्रमितों के वायल (नमूना लेने वाला) को विसंक्रमित करने वाला ऑटोक्लेव मशीन खराब हो गया है।
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इसकी वजह से वायल केवल एक प्रतिशत हाइपोक्लोरोइड सल्यूशन में ही विसंक्रमित हो पा रहा है। मशीन खराब होने से वायरस को विसंक्रमित करने में काफी परेशानी हो रही है।
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जानकारी के मुताबिक माइक्रोबायोलॉजी विभाग में गोरखपुर मंडल के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के जिलों के नमूनों की जांच हो रही है। प्रतिदिन 800 से अधिक नमूनों की जांच विभाग कर रहा है। लेकिन इसी जांच के दौरान ही कोरोना सैंपलिंग में प्रयोग किए जाने वाले वायल किट को विसंक्रमित करने वाला मशीन ऑटोक्लेव खराब हो गया।
परेशान है पूरा विभाग
इसकी वजह से वायल केवल एक प्रतिशत हाइपोक्लोराइड सल्यूशन में ही विसंक्रमित हो पा रहा है। जबकि ऑटोक्लेव मशीन ऑटोमैटिक 180 डिग्री सेंटीग्रेट के तापमान में वायल को विसंक्रमित करता है।
इससे वायरस के बचने के चांस बिल्कुल नहीं होते हैं। इसकी वजह से कर्मी भी डरे हुए हैं। क्योंकि लैब का एक कर्मी पहले ही संक्रमित हो चुका है। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि ऑटोक्लेव मशीन खराब हो गई है। एक से दो दिनों के अंदर मशीन बन जाएगा।
इससे वायरस के बचने के चांस बिल्कुल नहीं होते हैं। इसकी वजह से कर्मी भी डरे हुए हैं। क्योंकि लैब का एक कर्मी पहले ही संक्रमित हो चुका है। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि ऑटोक्लेव मशीन खराब हो गई है। एक से दो दिनों के अंदर मशीन बन जाएगा।