Gorakhpur News: गोरखपुर में डेंगू के बढ़े मामले, पांच वर्षीय बच्ची समेत दो और संक्रमित
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि नए केस मिलने के बाद संभावित 48 अन्य मरीजों का भी परीक्षण किया गया। अब तक कुल 3092 लोगों को परीक्षण किया गया है। इसमें 2810 लोगों का एनएस-1 आरडीटी व 282 का एलाइजा टेस्ट किया गया है। अभी तक 3168 पानी के पात्रों की जांच की चुकी है।
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गोरखपुर जिले में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंगलवार को भी दो मरीज मिले हैं। इनमें से एक कैंपियरगंज तो दूसरा बांसगांव क्षेत्र का है। इसके अलावा 48 लोगों का परीक्षण किया गया। एक सप्ताह में ही मरीजों की संख्या चार से बढ़कर 13 पहुंच गई है।
अगस्त से नवंबर तक का महीना डेंगू के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। पिछले वर्षों की तरह ही इस बार भी 15 अगस्त के बाद तेजी से मरीज सामने आने लगे हैं। मंगलवार को दो नए मरीज मिले हैं। इसमें बांसगांव क्षेत्र की पांच वर्षीय बच्ची तो दूसरा मरीज कैंपियरगंज क्षेत्र का 18 वर्षीय युवक है। इससे पहले सोमवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी डेंगू के चार मरीज मिले थे। इनमें एक गोरखपुर, एक बस्ती और दो कुशीनगर के मरीज थे। बीआरडी में दो दिन पहले भी दो मरीज मिले थे।
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि नए केस मिलने के बाद संभावित 48 अन्य मरीजों का भी परीक्षण किया गया। अब तक कुल 3092 लोगों को परीक्षण किया गया है। इसमें 2810 लोगों का एनएस-1 आरडीटी व 282 का एलाइजा टेस्ट किया गया है। अभी तक 3168 पानी के पात्रों की जांच की चुकी है।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी पर डेंगू के मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। इस बार सीएचसी-पीएचसी के अलावा वेलनेस सेंटरों पर भी डेंगू की प्रारंभिक जांच के लिए किट भेजा गया है। जांच में संभावित पाए गए मरीजों को फिर जिला अस्पताल लाकर परीक्षण कराया जाएगा।
कैसे पहचाने डेंगू
- अचानक तेज सिरदर्द व बुखार।
- मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द।
- आंख के पीछे दर्द, जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है।
- जी मिचलाना और उल्टी।
- गंभीर मामलों में नाक-मुंह व मसूड़ाें से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना।
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बचाव के लिए ये बरतें सतर्कता
- साफ पानी में ही डेंगू का मच्छर पनपता है, इसलिए घर के आसपास पानी न जमा होने दें।
- फूलदान, गमले, फ्रिज के पीछे की ट्रे का पानी सप्ताह में दो बार जरूर बदलें।
- पानी से भरे बर्तन व टंकिंयों को ढक कर रखें।
- डिस्पोजेबल गिलास, बर्तन, टायर, ड्रम, बोतल, बाल्टी एवं टीन के डिब्बों में पानी एकत्रित न होने दें।
- प्रत्येक सप्ताह कूलर के पानी को खाली कर सुखाकर दोबारा प्रयोग करें।
- डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है, इसलिए ऐसे कपड़े पहनें जो पूरे शरीर को ढके।