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Gorakhpur News: गोरक्षनगरी में नए कानून का श्रीगणेश भी गोरखनाथ थाने से, दर्ज हुआ था पहला केस, ये थी धाराएं
Tue, 02 Jul 2024 03:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अंमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अंमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 03:44 PM IST
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नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद दर्ज हुआ था पहला केस
- फोटो : istock
पूरे देश के साथ ही गोरक्षनगरी को भी नए कानून के लागू होने का बेसब्री से इंतजार था। एक जुलाई यानी सोमवार से नया कानून लागू हुआ तो जिले में पहला केस दोपहर दो बजकर सात मिनट पर गोरखनाथ थाने में मारपीट की धारा में दर्ज किया गया।
इसके बाद कैंट थाने में दो बजकर 11 मिनट पर दहेज उत्पीड़न की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई। सोमवार को जिले के थानों में बीएनएस के अंतर्गत 11 केस दर्ज किए गए। इसमें गोरखनाथ, झंगहा व गोला में क्रमश: दो-दो, कैंट, रामगढ़ताल, एम्स, सहजनवां और बांसगांव थाने में एक-एक केस दर्ज हुए। अन्य थानों में एक भी केस नहीं दर्ज हुए।
रविवार देर रात 12 बजते ही थानों पर तैनात प्रशिक्षित दीवान और पुलिसकर्मी सक्रिय हो गए। सुबह तक किसी भी थाना क्षेत्र में कोई घटना नहीं घटी, इसलिए एफआईआर की संख्या भी जीरो ही रही। सुबह दस बजते ही पुलिस अधिकारियों के फोन भी थानों में घनघनाने लगे। नए कानून को लेकर दिक्कत तो नहीं आ रही है, इसकी जानकारी लेते रहे।
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सुबह सभी थानों में बीएनएस को लेकर एक बार फिर अधिकारियों की दीवान समेत अन्य पुलिसकर्मियों के साथ चर्चा हुई। शहर के कैंट, रामगढ़ताल, कोतवाली, राजघाट, गोरखनाथ, चिलुआताल, गुलरिहा, शाहपुर, महिला थाने पर प्रभारी दिनभर डटे रहे। कोई भी फरियादी आ रहा था, तो उसे खुद पूछताछ करते दिखे। वहीं कलम और रजिस्टर लेकर बैठे पुलिसकर्मी दीवार पर चस्पा नए कानून की धारा भी बार-बार पढ़ते नजर आए।
थाने में बदमाश या अपराध को लेकर नहीं, बल्कि दिनभर बीएनएस को लेकर चर्चा होती रही। जिले के 29 थानों के अलावा साइबर और एएचटी थाने पर भी प्रभारी सक्रिय दिखे। हर दिन थाने पर फरियादियों की भीड़ सुबह 10 बजते ही लग जाती थी। सोमवार को भीड़ नहीं दिखी। पुलिसकर्मियों ने बताया कि पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है कि फरियादी ही नहीं नजर आ रहे हैं।
आखिरी दिन 30 जून को दर्ज हुए सर्वाधिक 67 केस
एक तरफ पुलिस रविवार को बीएनएस के अंतर्गत केस दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। दूसरी तरफ 30 जून को आखिरी दिन सर्वाधिक जिले के थानों में 67 केस दर्ज हुए। इसमें सबसे अधिक सात केस चिलुआताल थाने में दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार प्रतिदिन 50 से 55 केस दर्ज होते थे।
गोरखनाथ थाने में दर्ज हुआ मारपीट का केस
गोरखनाथ थाने में सोमवार को दोपहर 2:07 बजे बीएनएस के अंतर्गत मारपीट की धारा 115 (2), 351 (2), 352 में केस दर्ज किया गया। सोमवार को यह पहला मामला था। इसमें पीड़ित, थाना गगहा क्षेत्र के बस्तुपार गांव निवासी नित्यानंद दूबे ने बताया कि वह रामगढ़ताल क्षेत्र के दुर्गापुरम काॅलोनी में रहते हैं।
वह एक कंपनी में वह सुरक्षा कर्मचारी पद पर कार्य कर रहे थे। आरोप है कि काफी दिनों से कंपनी उनका बकाया नहीं दे रही है। एक जुलाई को वह धर्मशाला स्थित कंपनी के ऑफिस पर बकाया मांगने गए तो उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया गया।
उत्तराखंड निवासी पति, सास, ननद पर दहेज उत्पीड़न का केस
कैंट क्षेत्र के पैडलेगंज पंजाबी काॅलोनी की रहने वाली उपेंद्र कौर ने तहरीर देकर बेटी अमरदीप कौर के ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न, मारने-पीटने और धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बेटी अमरदीप की शादी मार्च 2016 में उत्तराखंड देहरादून, क्लैमनटाऊन न्यू डिफेंस काॅलोनी निवासी कंवलजीत सिंह से हुई थी।
इसके बाद से ही पति समेत ससुराल के लोग बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। सोमवार को ससुराल के लोगों ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी है। कैंट पुलिस ने सोमवार को दोपहर 2:11 बजे बीएनएस की धारा 85, 115 (2), 351 (2), 352 में पति कंवलजीत सिंह, सास अमरजीत सिंह, ननद सिम्मी कौर पर केस दर्ज किया है।
झंगहा में मारपीट का केस दर्ज
झंगहा क्षेत्र के जंगल गौरी नंबर एक की रहनी वाली कमलावती देवी पत्नी सुरेश निषाद की तहरीर पर सोमवार को चार महिलाओं पर मारपीट का केस दर्ज किया गया है। कमलावती का आरोप है कि सोमवार को दोपहर 2:30 बजे के करीब शादी की बात को लेकर हुए विवाद में गांव की अमरावती, रुख्मीना, सरोज, रीता ने लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया।
इसके बाद जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 115 (2), 351 (2), 352 में चारों महिलाओं के खिलाफ शाम 5:18 बजे केस दर्ज किया है।
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इसके बाद कैंट थाने में दो बजकर 11 मिनट पर दहेज उत्पीड़न की धारा में रिपोर्ट दर्ज हुई। सोमवार को जिले के थानों में बीएनएस के अंतर्गत 11 केस दर्ज किए गए। इसमें गोरखनाथ, झंगहा व गोला में क्रमश: दो-दो, कैंट, रामगढ़ताल, एम्स, सहजनवां और बांसगांव थाने में एक-एक केस दर्ज हुए। अन्य थानों में एक भी केस नहीं दर्ज हुए।
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रविवार देर रात 12 बजते ही थानों पर तैनात प्रशिक्षित दीवान और पुलिसकर्मी सक्रिय हो गए। सुबह तक किसी भी थाना क्षेत्र में कोई घटना नहीं घटी, इसलिए एफआईआर की संख्या भी जीरो ही रही। सुबह दस बजते ही पुलिस अधिकारियों के फोन भी थानों में घनघनाने लगे। नए कानून को लेकर दिक्कत तो नहीं आ रही है, इसकी जानकारी लेते रहे।
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सुबह सभी थानों में बीएनएस को लेकर एक बार फिर अधिकारियों की दीवान समेत अन्य पुलिसकर्मियों के साथ चर्चा हुई। शहर के कैंट, रामगढ़ताल, कोतवाली, राजघाट, गोरखनाथ, चिलुआताल, गुलरिहा, शाहपुर, महिला थाने पर प्रभारी दिनभर डटे रहे। कोई भी फरियादी आ रहा था, तो उसे खुद पूछताछ करते दिखे। वहीं कलम और रजिस्टर लेकर बैठे पुलिसकर्मी दीवार पर चस्पा नए कानून की धारा भी बार-बार पढ़ते नजर आए।
थाने में बदमाश या अपराध को लेकर नहीं, बल्कि दिनभर बीएनएस को लेकर चर्चा होती रही। जिले के 29 थानों के अलावा साइबर और एएचटी थाने पर भी प्रभारी सक्रिय दिखे। हर दिन थाने पर फरियादियों की भीड़ सुबह 10 बजते ही लग जाती थी। सोमवार को भीड़ नहीं दिखी। पुलिसकर्मियों ने बताया कि पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है कि फरियादी ही नहीं नजर आ रहे हैं।
आखिरी दिन 30 जून को दर्ज हुए सर्वाधिक 67 केस
एक तरफ पुलिस रविवार को बीएनएस के अंतर्गत केस दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। दूसरी तरफ 30 जून को आखिरी दिन सर्वाधिक जिले के थानों में 67 केस दर्ज हुए। इसमें सबसे अधिक सात केस चिलुआताल थाने में दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार प्रतिदिन 50 से 55 केस दर्ज होते थे।
गोरखनाथ थाने में दर्ज हुआ मारपीट का केस
गोरखनाथ थाने में सोमवार को दोपहर 2:07 बजे बीएनएस के अंतर्गत मारपीट की धारा 115 (2), 351 (2), 352 में केस दर्ज किया गया। सोमवार को यह पहला मामला था। इसमें पीड़ित, थाना गगहा क्षेत्र के बस्तुपार गांव निवासी नित्यानंद दूबे ने बताया कि वह रामगढ़ताल क्षेत्र के दुर्गापुरम काॅलोनी में रहते हैं।
वह एक कंपनी में वह सुरक्षा कर्मचारी पद पर कार्य कर रहे थे। आरोप है कि काफी दिनों से कंपनी उनका बकाया नहीं दे रही है। एक जुलाई को वह धर्मशाला स्थित कंपनी के ऑफिस पर बकाया मांगने गए तो उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया गया।
उत्तराखंड निवासी पति, सास, ननद पर दहेज उत्पीड़न का केस
कैंट क्षेत्र के पैडलेगंज पंजाबी काॅलोनी की रहने वाली उपेंद्र कौर ने तहरीर देकर बेटी अमरदीप कौर के ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न, मारने-पीटने और धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बेटी अमरदीप की शादी मार्च 2016 में उत्तराखंड देहरादून, क्लैमनटाऊन न्यू डिफेंस काॅलोनी निवासी कंवलजीत सिंह से हुई थी।
इसके बाद से ही पति समेत ससुराल के लोग बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे। सोमवार को ससुराल के लोगों ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी है। कैंट पुलिस ने सोमवार को दोपहर 2:11 बजे बीएनएस की धारा 85, 115 (2), 351 (2), 352 में पति कंवलजीत सिंह, सास अमरजीत सिंह, ननद सिम्मी कौर पर केस दर्ज किया है।
झंगहा में मारपीट का केस दर्ज
झंगहा क्षेत्र के जंगल गौरी नंबर एक की रहनी वाली कमलावती देवी पत्नी सुरेश निषाद की तहरीर पर सोमवार को चार महिलाओं पर मारपीट का केस दर्ज किया गया है। कमलावती का आरोप है कि सोमवार को दोपहर 2:30 बजे के करीब शादी की बात को लेकर हुए विवाद में गांव की अमरावती, रुख्मीना, सरोज, रीता ने लाठी-डंडे से पीटकर घायल कर दिया।
इसके बाद जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 115 (2), 351 (2), 352 में चारों महिलाओं के खिलाफ शाम 5:18 बजे केस दर्ज किया है।