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Gorakhpur News: रमजान में परफ्यूम नहीं इत्र की खुशबू से महक रही फिजा
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गोरखपुर । शहर की फिजा इत्र की खुशबू से महक उठी है। हर वक्त परफ्यूम से गमकने वाले घर भी में भी इत्र की महक लोगों को आकर्षित कर रही है। खासतौर पर युवा वर्ग ने रमजान के खास मौके पर परफ्यूम से किनारा कर लिया है। वह अपने प्यारे रसूल मोहम्मद साहब की सुन्नत अपनाते हुए अब ज्यादा से ज्यादा इत्र का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उन्हें सवाब तो मिल ही रहा है, वहीं वह अल्कोहल के इस्तेमाल से भी बच रहे हैं।
हर जगह देशी-विदेशी खुशबू संजोए यह खुशबूदार इत्र मार्केट में अपना जादू बिखेर रहे हैं। इसमें भी सबसे खास और हाथों-हाथ लिया जाने वाला इत्र कन्नौज और मुंबई का बना हुआ है। जिसकी खुशबू काफी बेहतर और ज्यादा देर तक टिकने वाली है। रमजान की शुरुआत के साथ ही इत्र का इस्तेमाल आम दिनों के मुकाबले चार गुना तक बढ़ गया। आम दिनों में जहां बाजार में रोजाना चार दर्जन इत्र बेच दिए जाते हैं, वहीं रमजान में इनकी संख्या बढ़कर 15-20 दर्जन तक पहुंच जाती है। मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी की मानें तो इत्र लगाना पैगम्बर मुहम्मद साहब की सुन्नतों में शामिल था। मोहम्मद साहब का कहना था कि अगर तुम्हें तोहफे में कोई इत्र दे, तो उसे कभी इंकार मत करना। जुमे के दिन इसे लगाना सुन्नत है और रमजान में सुन्नतों का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि इन दिनों इसकी मांग और भी ज्यादा बढ़ गई है।
परफ्यूम कारोबारी अख्तर आलम ने बताया कि शहर में विदेशी इत्र बहुत कम मिलते हैं। इसकी वजह से इनकी मांग भी काफी ज्यादा रहती है। बाहरी इत्र में सबसे ज्यादा डिमांड जन्नतुल फिरदौस इत्र की मांग है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसकी खुशबू तो काफी देर तक रहती है, वहीं इसकी क्वालिटी भी आम इत्र के मुकाबले काफी बेहतर होती है। देश में बनने वाले इत्र में सबसे ज्यादा मांग मजमुआ, गुलाब और मैगनेट की है। इसके अलावा कई और देशी इत्र बाजार में मौजूद हैं, जो लोगों को पसंद आ रहे हैं।
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कारोबारी की मानें तो इत्र की खुशबू और इसकी क्वालिटी ही इसका दाम तय करती है। जितनी अच्छी और देर तक रहने वाली खुशबू होगी, उसका दाम उतना ही ज्यादा होगा। बाहर से आने वाले इत्र भी काफी महंगे बिकते हैं। एक्सपोर्ट क्वालिटी का होने की वजह से इनकी खुशबू आम इत्र के मुकाबले काफी देर तक रहती है। यही वजह है कि ज्यादा देर तक खुशबू रहने वाले इत्र का कारोबार बाकी के मुकाबले काफी ज्यादा है।
इत्र की बात करें तो इन दिनों लोकल लेवल पर भी इत्र की सप्लाई काफी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा इत्र मुंबई से मार्केट में पहुंच रहे हैं. इत्र कारोबारी जावेद की मानें तो पिछले बार के मुकाबले इस बार काफी बेहतर क्वालिटी के इत्र बाजार में आए हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा मांग अल-नईम इत्र की है, जिसमें खुशबू की काफी वेरायटी भी मौजूद है। इनकी सबसे खास बात यह है कि इनके रेट भी काफी कम हैं.
यह इत्र बाजार में मौजूद मजमुआ -
फिरदौसी
गुलाब
मुश्क
मुश्क अम्बर
मैगनेट
अतर संदल
बहार
अतर फवाके सदफ
अतर हयाती
कस्तूरी
अतर शमामा
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हर जगह देशी-विदेशी खुशबू संजोए यह खुशबूदार इत्र मार्केट में अपना जादू बिखेर रहे हैं। इसमें भी सबसे खास और हाथों-हाथ लिया जाने वाला इत्र कन्नौज और मुंबई का बना हुआ है। जिसकी खुशबू काफी बेहतर और ज्यादा देर तक टिकने वाली है। रमजान की शुरुआत के साथ ही इत्र का इस्तेमाल आम दिनों के मुकाबले चार गुना तक बढ़ गया। आम दिनों में जहां बाजार में रोजाना चार दर्जन इत्र बेच दिए जाते हैं, वहीं रमजान में इनकी संख्या बढ़कर 15-20 दर्जन तक पहुंच जाती है। मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी की मानें तो इत्र लगाना पैगम्बर मुहम्मद साहब की सुन्नतों में शामिल था। मोहम्मद साहब का कहना था कि अगर तुम्हें तोहफे में कोई इत्र दे, तो उसे कभी इंकार मत करना। जुमे के दिन इसे लगाना सुन्नत है और रमजान में सुन्नतों का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि इन दिनों इसकी मांग और भी ज्यादा बढ़ गई है।
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परफ्यूम कारोबारी अख्तर आलम ने बताया कि शहर में विदेशी इत्र बहुत कम मिलते हैं। इसकी वजह से इनकी मांग भी काफी ज्यादा रहती है। बाहरी इत्र में सबसे ज्यादा डिमांड जन्नतुल फिरदौस इत्र की मांग है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसकी खुशबू तो काफी देर तक रहती है, वहीं इसकी क्वालिटी भी आम इत्र के मुकाबले काफी बेहतर होती है। देश में बनने वाले इत्र में सबसे ज्यादा मांग मजमुआ, गुलाब और मैगनेट की है। इसके अलावा कई और देशी इत्र बाजार में मौजूद हैं, जो लोगों को पसंद आ रहे हैं।
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कारोबारी की मानें तो इत्र की खुशबू और इसकी क्वालिटी ही इसका दाम तय करती है। जितनी अच्छी और देर तक रहने वाली खुशबू होगी, उसका दाम उतना ही ज्यादा होगा। बाहर से आने वाले इत्र भी काफी महंगे बिकते हैं। एक्सपोर्ट क्वालिटी का होने की वजह से इनकी खुशबू आम इत्र के मुकाबले काफी देर तक रहती है। यही वजह है कि ज्यादा देर तक खुशबू रहने वाले इत्र का कारोबार बाकी के मुकाबले काफी ज्यादा है।
इत्र की बात करें तो इन दिनों लोकल लेवल पर भी इत्र की सप्लाई काफी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा इत्र मुंबई से मार्केट में पहुंच रहे हैं. इत्र कारोबारी जावेद की मानें तो पिछले बार के मुकाबले इस बार काफी बेहतर क्वालिटी के इत्र बाजार में आए हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा मांग अल-नईम इत्र की है, जिसमें खुशबू की काफी वेरायटी भी मौजूद है। इनकी सबसे खास बात यह है कि इनके रेट भी काफी कम हैं.
यह इत्र बाजार में मौजूद मजमुआ -
फिरदौसी
गुलाब
मुश्क
मुश्क अम्बर
मैगनेट
अतर संदल
बहार
अतर फवाके सदफ
अतर हयाती
कस्तूरी
अतर शमामा