फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   in primary school audio and vedio medium execute i n education

परिषदीय विद्यालय: ऑडियो-वीडियो से सुधारेंगे पढ़ाई की परंपरागत तकनीक

Mon, 24 Aug 2020 01:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 24 Aug 2020 01:55 PM IST
विज्ञापन
in primary school audio and vedio  medium  execute i n education
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को कारगर तरीके से पढ़ाने, सिखाने और समझाने में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों की मदद नए ऑडियो और वीडियो पर आधारित मॉड्यूल करेंगे। इनका इस्तेमाल जहां बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए किया जाएगा, वहीं शिक्षक भी लाभान्वित होंगे।

विज्ञापन


पहले चरण में 30 सितंबर तक 50 वीडियो तैयार किए जाएंगे। वीडियो को विकसित करने, स्क्रिप्ट लेखन, वीडियो निर्माण, वॉइस ओवर, कंपोजिंग से जुड़े कार्यों के लिए राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने 11 सदस्यों की टीम को लगाया है। इस टीम में गोरखपुुर के तीन शिक्षक भी शामिल हैं।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने बुनियादी शिक्षा को मजबूत आधार देने के लिए तैयार की गई आधारशिला, ध्यानाकर्षण और शिक्षण संग्रह हस्तपुस्तिकाओं पर आधारित वीडियो को तैयार करने के लिए प्रदेश के 11 शिक्षकों की एक टीम बनाई है। अब तक 20 वीडियो तैयार कर राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से जारी किए जा चुके हैं। 24 अगस्त को आठ और वीडियो जारी किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


टीम में अहम रोल निभा रहे गोरखपुर के प्रवीण मिश्र, प्रतीक्षा ओझा ने बताया कि कई बच्चे किताबी पढ़ाई के साथ कुछ क्रिएटिव टीचिंग से ज्यादा समझते हैं।

उदाहरण के तौर पर उन्हें समझाने के लिए क्लास में एक्ट कराया जाए या वीडियो और फोटो से समझाया जाए, तो हमारी मेहनत का ज्यादा अच्छा परिणाम निकलकर सामने आता है और बच्चों का पढ़ाई के प्रति रुझान भी बढ़ता है। इन हस्तपुस्तिकाओं के पीछे भी मकसद यही है कि बच्चों को रोचक तरीके से खेल-खेल में पढ़ाया जा सके। ये वीडियो बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी लाभप्रद होंगे।

वे इनका इस्तेमाल पढ़ाने की तकनीक को और बेहतर बनाने के लिए कर सकेंगे। डायट प्रवक्ता जेपी ओझा ने बताया कि पहले चरण में 100 वीडियो बनाने का लक्ष्य है जिनमें से 20 वीडियो तैयार किए जा चुके हैं। वीडियो बनाने के बाद तीन मॉड्यूल में क्यूआर कोड या लिंक दिया जाएगा जिसे स्कैन करके बच्चे और अध्यापक इन वीडियो को देख सकेंगे।

गोरखपुर के शिक्षकों की अहम भूमिका
11 अध्यापकों की टीम में गगहा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेलकुर के प्रवीण मिश्र, कैंपियरगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय जंगल झंझवा की सहायक अध्यापक प्रतीक्षा ओझा और डायट के जेपी ओझा का नाम शामिल है।

इस मॉड्यूल पर आधारित है ऑडियो और वीडियो

आधारशिला

पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों की पढ़ाई की नींव मजबूत करने के लिए ‘आधारशिला’ मॉड्यूल विकसित किया गया है। इसमें बताया गया है कि इन तीनों कक्षाओं से संबंधित लर्निंग आउटकम (बच्चों के सीखने-समझने के लिए कक्षावार निर्धारित लक्ष्य) को हासिल करने के लिए शिक्षक कौन-कौन सी गतिविधियां करें। इस मॉड्यूल में गणित और भाषा पर जोर होगा।

ध्यानाकर्षण
दूसरा मॉड्यूल कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की रेमेडियल टीचिंग के लिए तैयार कराया गया है जिसे ‘ध्यानाकर्षण’ नाम दिया गया है। रेमेडियल टीचिंग उन बच्चों के लिए विशेष किस्म का प्रशिक्षण होता है जो अपनी कक्षा के अन्य बच्चों से पढ़ाई में पीछे होते हैं। इस मॉड्यूल में शिक्षकों के लिए 17 ऐसी तकनीकें डिजाइन की गई हैं जिनका इस्तेमाल करके वे बच्चों को पाठ्यक्रम समझाने-सिखाने में कामयाब हो सकें।

शिक्षण संग्रह
तीसरा मॉड्यूल ‘शिक्षण संग्रह’ है। यह ऐसा पिटारा होगा जिसमें लर्निंग आउटकम हासिल करने के लिए लेसन व टीचिंग प्लान, टाइमटेबल आदि भी होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed