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फर्जी बीएड के अंकपत्र के सहारे पाई नौकरी, तीन बर्खास्त
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गोरखपुर में फर्जी अंकपत्र के सहारे पाई नौकरी, तीन बर्खास्त
गोरखपुर। कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जिले के परिषदीय विद्यालयों में नौकरी करने वाले फर्जी शिक्षकों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है। शनिवार को विभाग की ओर से पिपराइच और चरगांवा ब्लॉक में तैनात दो शिक्षकों के बीएड का अंकपत्र फर्जी होने और पाली ब्लॉक में तैनात शिक्षिका की ओर से दूसरे के दस्तावेजों पर नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया।
पिपराइच के प्राथमिक विद्यालय हेमछापर पर तैनात सहायक अध्यापक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बेसिक शिक्षा विभाग को अपने अभिलेखों, नोटरी शपथ पत्र के साथ त्याग पत्र भेजा था। विभाग ने बीएड के अंकपत्र के सत्यापन के लिए अभिलेखों को गोरखपुर विश्वविद्यालय भेजा। पता चला कि आरोपी शिक्षक ने किसी शैलेश कुमार के अनुक्रमांक का फर्जी बीएड अंकपत्र तैयार कर नौकरी हासिल की। ऐसे ही चरगांवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय जंगल अहमद अली शाह पर तैनात शिक्षिका पूनम राय के खिलाफ फर्जी अंकपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने की शिकायत पर जांच हुई। पता चला कि शिक्षिका ने बीएड का अंकपत्र छात्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का कूटरचित तैयार किया है।
वहीं चंदौली के बीआरसी पर तैनात सहायक समन्वयक सुनीता तिवारी ने गोरखपुर के बीएसए को शिकायत की थी कि उनके पैन कार्ड का बेजा इस्तेेमाल पाली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बाघनगर गोल्हयी पर तैनात सुनीता तिवारी नाम की महिला कर रही है। जांच में तीनों शिक्षकों पर लगे प्राथमिक आरोपों की पुष्टि होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इन्हें निलंबित करते हुए मामले की जांच संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दी।
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अब उनकी रिपोर्ट पर इन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जांच में तेजी लाने का निर्देश शासन स्तर से मिला है। हर महीने इसकी रिपोर्ट मांगी जा रही है।
अब तक 54 बर्खास्त, 27 निलंबित
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अब तक 54 फर्जी शिक्षकों को पिछले दो वर्षों में बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं 27 अभी निलंबित चल रहे हैं। इनकी जांच बीइओ की ओर से की जा रही है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर इन्हें भी बर्खास्त किया जाएगा। इनके अलावा 20 और शिक्षकों के खिलाफ विभाग को शिकायत मिली है। इनकी जांच अभी खुद विभाग की ओर से की जा रही है।
40 से अधिक शिक्षकों पर केस, 25 से रिकवरी की तैयारी
अब 40 से अधिक फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इनके खिलाफ राजघाट पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ भी जांच में जुटी है। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद 25 बर्खास्त शिक्षकों की कुंडली विभाग की ओर से तैयार की जा रही है। जल्द ही इनसे वेतन रिकवरी की कार्रवाई शुरू होगी।
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गोरखपुर। कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जिले के परिषदीय विद्यालयों में नौकरी करने वाले फर्जी शिक्षकों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है। शनिवार को विभाग की ओर से पिपराइच और चरगांवा ब्लॉक में तैनात दो शिक्षकों के बीएड का अंकपत्र फर्जी होने और पाली ब्लॉक में तैनात शिक्षिका की ओर से दूसरे के दस्तावेजों पर नौकरी हासिल करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया।
पिपराइच के प्राथमिक विद्यालय हेमछापर पर तैनात सहायक अध्यापक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बेसिक शिक्षा विभाग को अपने अभिलेखों, नोटरी शपथ पत्र के साथ त्याग पत्र भेजा था। विभाग ने बीएड के अंकपत्र के सत्यापन के लिए अभिलेखों को गोरखपुर विश्वविद्यालय भेजा। पता चला कि आरोपी शिक्षक ने किसी शैलेश कुमार के अनुक्रमांक का फर्जी बीएड अंकपत्र तैयार कर नौकरी हासिल की। ऐसे ही चरगांवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय जंगल अहमद अली शाह पर तैनात शिक्षिका पूनम राय के खिलाफ फर्जी अंकपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने की शिकायत पर जांच हुई। पता चला कि शिक्षिका ने बीएड का अंकपत्र छात्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का कूटरचित तैयार किया है।
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वहीं चंदौली के बीआरसी पर तैनात सहायक समन्वयक सुनीता तिवारी ने गोरखपुर के बीएसए को शिकायत की थी कि उनके पैन कार्ड का बेजा इस्तेेमाल पाली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बाघनगर गोल्हयी पर तैनात सुनीता तिवारी नाम की महिला कर रही है। जांच में तीनों शिक्षकों पर लगे प्राथमिक आरोपों की पुष्टि होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इन्हें निलंबित करते हुए मामले की जांच संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दी।
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अब उनकी रिपोर्ट पर इन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जांच में तेजी लाने का निर्देश शासन स्तर से मिला है। हर महीने इसकी रिपोर्ट मांगी जा रही है।
अब तक 54 बर्खास्त, 27 निलंबित
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अब तक 54 फर्जी शिक्षकों को पिछले दो वर्षों में बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं 27 अभी निलंबित चल रहे हैं। इनकी जांच बीइओ की ओर से की जा रही है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर इन्हें भी बर्खास्त किया जाएगा। इनके अलावा 20 और शिक्षकों के खिलाफ विभाग को शिकायत मिली है। इनकी जांच अभी खुद विभाग की ओर से की जा रही है।
40 से अधिक शिक्षकों पर केस, 25 से रिकवरी की तैयारी
अब 40 से अधिक फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इनके खिलाफ राजघाट पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ भी जांच में जुटी है। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद 25 बर्खास्त शिक्षकों की कुंडली विभाग की ओर से तैयार की जा रही है। जल्द ही इनसे वेतन रिकवरी की कार्रवाई शुरू होगी।