प्रशासन मौन: गोरखपुर में बेखौफ हैं खनन माफिया, धड़ल्ले से हो रहा मिट्टी का धंधा
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि खनन माफिया भट्ठा संचालकों से मिलकर पोकलेन और जेसीबी से 10 से 20 फीट गहरी मिट्टी निकाल रहे हैं। अगर कोई ग्रामीण विरोध करता है तो खनन कर रहे लोगों की ओर से कहा जाता है कि तहसील से खनन की अनुमति है तभी खनन किया जा रहा है।
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गीडा अधिसूचित अधिकांश गावों में मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। प्रतिबंध के बावजद खनन माफिया बाज नहीं आ रहे हैं। इसे लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, सहजनवां तहसील क्षेत्र के नगवा, बांसपार, माही, कुरमौल, देईपार, तेनुआ, जैतपुर, नंदापार, ककना, अमटौरा, पिपरौली, खरैला, अड़ीलापार आदि गांवों में इन दिनों मिट्टी का अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। शिकायत के बावजूद तहसील प्रशासन चुपी साधे हुए है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गीडा विकास मॉडल के अधिसूचित क्षेत्र में मिट्टी का अवैध खनन कर कुछ लोग सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने का कार्य कर रहे हैं।
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क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि खनन माफिया भट्ठा संचालकों से मिलकर पोकलेन और जेसीबी से 10 से 20 फीट गहरी मिट्टी निकाल रहे हैं। अगर कोई ग्रामीण विरोध करता है तो खनन कर रहे लोगों की ओर से कहा जाता है कि तहसील से खनन की अनुमति है तभी खनन किया जा रहा है।
सवाल यह है कि तहसील प्रशासन ने खनन की अनुमति दी है तो उसका मानक क्या है? कृषि भूमि से 15 फिट गहरी मिट्टी निकालने की अनुमति हैं? गीडा अधिसूचित या अधिग्रहण क्षेत्र में मिट्टी खनन होना चाहिए।
कुछ लोगों ने बताया कि मिट्टी के अवैध खनन की सूचना कई बार हल्का लेखपाल को दी गई, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। हद तो यहां तक हो गई कि खनन करने वाले गांव के तालाब और बगीचे तक खनन करके गहरी मिट्टी निकाल रहे हैं।
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बताते चले कि गीडा प्रशासन की ओर से हमेशा से कहा जाता है कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी प्रकार का खनन नहीं किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो गीडा के पास कर्मचारियों के कमी के कारण क्षेत्र में अवैध कार्य की जानकारी नहीं हो पाती। इसीलिए अवैध खनन पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की है। अगर क्षेत्र में किए जा रहे खनन को लेकर बड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो, खनन माफिया जल्द ही गीडा क्षेत्र के अधिकांश जमीन को बड़ी झील में तब्दील कर देंगे।
प्राइवेट मिट्टी खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है : एसडीएम
तहसील प्रशासन किसी को भी खेतों से मिट्टी खनन करने के लिए अनुमति नहीं देता। वह स्वयं क्षेत्र में जाकर जांच करेंगे, अगर किसी द्वारा अवैध तरीके से खेत की मिट्टी निकाली गई होगी तो उस पर जुर्माना लगाने के साथ विधिक कार्रवाई की जाएगी।