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Gorakhpur News: सीएचसी के बगल में चला रहा था अवैध अस्पताल, प्रशासन ने किया सील

Tue, 28 Feb 2023 12:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो कैंपियरगंज (गोरखपुर)।
अमर उजाला ब्यूरो कैंपियरगंज (गोरखपुर)। Published by: vivek shukla Updated Tue, 28 Feb 2023 12:00 PM IST
सार

खोराबार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झरवां में तैनात एएनएम प्रिया अग्रहरि ने फर्जी हस्ताक्षर के इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। उसने बताया कि एक अप्रैल 2019 से वह खोराबार ब्लॉक में संविदा पर तैनात है। बिना उनकी जानकारी के डिग्री और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सत्यम हॉस्पिटल ने पंजीकरण में इस्तेमाल किया।

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Illegal hospital running next to CHC administration sealed it
कैंपियरगंज के कमला हॉस्पिटल को सील किया गया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर कैंपियरगंज सीएचसी के बगल में अवैध तरीके से संचालित कमला अस्पताल को महिला की मौत के बाद एसडीएम ने सोमवार को सील कर दिया। उधर, पुलिस ने मृतिका के पति की तहरीर पर अज्ञात अस्पताल संचालक व डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग सवालों के घेरे में है। क्योंकि, अवैध अस्पताल उस स्वास्थ्य अधिकारी के सामने चल रहा था, जिस पर कार्रवाई की जिम्मेदारी है।

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जानकारी के मुताबिक, चौमुखा के करतहरी निवासी दीपचंद ने तहरीर में लिखा है कि पत्नी आरती (30) को पथरी था। ऑपरेशन के लिए बृहस्पतिवार को सीएचसी के पास स्थित कमला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोपहर बाद ऑपरेशन हुआ। एक घंटे बाद आरती की तबीयत बिगड़ने लगी तो संचालक ने शहर के दूसरे अस्पताल में रेफर कर भर्ती करा दिया। वहां उपचार के दौरान शनिवार को मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर कैंपियरगंज थाने पहुंच गए थे।
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पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के साथ ही सीएमओ को रिपोर्ट भेजी थी। अब पुलिस को बताया गया कि वह अस्पताल अवैध है। मामला तूल पकड़ने पर सोमवार को एसडीएम स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अस्पताल को सील कर दिया। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। संचालक और डॉक्टर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के अवैध होने की जानकारी दी है।
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रात भर हॉस्पिटल के सामने शव रखकर बैठे रहे परिजन

कमला हॉस्पिटल के सामने रविवार पूरी रात परिजन शव लेकर बैठे रहे। सोमवार सुबह पहुंचे एसडीएम ने हास्पिटल सील कराने के बाद परिवार को आर्थिक सहायता व आरोपियों पर कार्रवाई कराने का भरोसा देकर धरना खत्म कराया। दोपहर बाद राप्ती तट पर आरती देवी का दाह संस्कार हुआ।

एएनएम का कोर्ट में दर्ज कराया गया बयान, बनेगी गवाह
भटहट के सत्यम हॉस्पिटल के मामले में नया मोड़ आ गया। जिस एएनएम के नाम का इस्तेमाल किया गया था, उसने फर्जी हस्ताक्षर का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। सोमवार को पुलिस ने एएनएम का कोर्ट में बयान दर्ज कराया है। खबर है कि उसे पुलिस गवाह बनाने की तैयारी में है। उधर, जिस डॉ. सुनील सरोज के नाम पर सत्यम हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन हुआ था, उसकी तलाश में एक बार फिर टीम दिल्ली रवाना हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, खोराबार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झरवां में तैनात एएनएम प्रिया अग्रहरि ने फर्जी हस्ताक्षर के इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। उसने बताया कि एक अप्रैल 2019 से वह खोराबार ब्लॉक में संविदा पर तैनात है। बिना उनकी जानकारी के डिग्री और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर सत्यम हॉस्पिटल ने पंजीकरण में इस्तेमाल किया।

एएनएम ने आशंका जाहिर किया कि पद पर तैनाती के समय अपनी डिग्री की फोटो कॉपी उसने सीएमओ कार्यालय में दी थी। हो सकता है कि वहीं से इसका दुरुपयोग किया गया हो। प्रभारी निरीक्षक मनोज पांडेय ने बताया कि कोर्ट में एएनएम का बयान दर्ज कराया गया। सीएमओ कार्यालय में जमा किए गए शपथ पत्र व अन्य दस्तावेजों को प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
 
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