फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   If you want to get treatment in AIIMS then bring experts with you... otherwise you will remain wandering

Gorakhpur News: एम्स में इलाज कराना है तो जानकार को साथ लाएं, वरना भटकते रह जाएंगे

Wed, 28 Aug 2024 12:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 28 Aug 2024 12:34 PM IST
सार

एम्स में इलाज कराने आए हैं तो अपने साथ किसी ऐसे जानकार को लेकर आइए जो इस संस्थान के बारे में सब कुछ जानता हो। वरना दिन भर भटकते रह जाएंगे। पर्ची कटाने से लेकर ओपीडी और जांच तक के लिए इतने चक्कर लगाने होते हैं कि अगर आपको इसकी जानकारी नहीं है तो पूरा दिन भटकना पड़ेगा।

विज्ञापन
If you want to get treatment in AIIMS then bring experts with you... otherwise you will remain wandering
गोरखपुर एम्स - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एम्स में इलाज कराने आए हैं तो अपने साथ किसी ऐसे जानकार को लेकर आइए जो इस संस्थान के बारे में सब कुछ जानता हो। वरना दिन भर भटकते रह जाएंगे। पर्ची कटाने से लेकर ओपीडी और जांच तक के लिए इतने चक्कर लगाने होते हैं कि अगर आपको इसकी जानकारी नहीं है तो पूरा दिन भटकना पड़ेगा।
विज्ञापन


कई मरीज जानकारी के अभाव में गलत लाइन में घंटों खड़े रहने के बाद काउंटर से लौटाए जाते हैं। सही जगह पहुंचने पर ओपीडी फुल हो जाने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ता है।
विज्ञापन


मंगलवार को सुबह से ही ओपीडी मरीजों से भरा रहा। पूरे दिन 3849 मरीजों ने डॉक्टर को दिखाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इसके लिए लंबी लाइन में लगकर घंटों खड़ा रहना पड़ा। लेकिन दूर दराज से आए कई ऐसे भी मरीज थे, जिन्हें पर्चा बनवाने की सही जानकारी नहीं होने के कारण गलत लाइन में लग गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


काफी इंतजार के बाद एक काउंटर से दूसरी काउंटर पर जाने के लिए कहा गया। दूसरी लाइन में लगने पर जब तक नंबर आया ओपीडी फुल हो गई थी। मरीजों का कहना है कि पंजीकरण काउंटर के ठीक सामने पूछताछ काउंटर पर बैठे कर्मियों से सही जानकारी नहीं मिल रही है।

गार्ड और अन्य मरीजों से पूछकर मरीज और उनके तीमारदार ओपीडी, पर्चा काउंटर और जांच केंद्रों पर पहुंचते हैं। मरीजों का कहना है कि यहां इलाज कराना आसान नहीं है। पहली बार आने पर दिन भर भटकना पड़ता है। एम्स में इलाज कराने से पहले इसके बारे में जानने वाले किसी रिश्तेदार या परिचित को लेकर आने पर ही सुविधा रहती है।

नहीं तो जांच केंद्रों से लेकर ओपीडी तक जाने में भी समस्या होती है। इस समस्या के कारण मंगलवार को तमाम मरीज बिना डॉक्टर को दिखाए ही लौट गये। क्योंकि अधिकतर मरीज पहली बार एम्स पहुंचे थे। सही जानकारी नहीं मिलने के कारण कई तो बिना पर्चा बनवाए ही लौट गए।


सोनबरसा की संगीता सुबह नौ बजे ही एम्स पहुंच गई थीं। पूछताछ काउंटर से सही जानकारी नहीं मिलने के काण सुनीता का पर्चा ही नहीं बन पाया। संगीता को न्यूरो विभाग में दिखाने के लिए जाना था। संगीता ने कहा इतने बड़े अस्पताल में कोई कुछ बनाने वाला नहीं है। दिनभर भटकते रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed