Gorakhpur News: मोबाइल फोन तो नहीं ले जा रहे, किसी को दे दीजिए, नहीं तो ले लेंगे
अधिकांश लोग वोटिंग के बाद सोशल मीडिया पर फोटो डालने के चक्कर में मोबाइल साथ ले गए। इनमें युवतियों, महिलाओं और युवकों की तादाद अधिक रही। उनकी इस मंशा पर सुरक्षाकर्मियों ने पानी फेर दिया। उनको मतदान केंद्र के बाहर आकर ही अपनी तस्वीर खींचनी पड़ी।
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गोरखपुर। मोबाइल फोन तो नहीं ले जा रहे हैं। क्यों लेकर आ गए, किसी को दे दीजिए, हम यहां सबका फोन बटोरने आए हैं, इसीलिए हमारी ड्यूटी लगी है। पुलिसकर्मियों की बात सुनकर मतदान केंद्र पर पहुंचे लोग परेशान होते रहे। किसी ने सफाई दी कि वह भूल से इसे लेकर आ गए हैं। हालांकि ऐसे मतदाताओं की समस्या का समाधान तत्काल ही आसपास मंडरा रहे प्रत्याशियों के कार्यकर्ता कर दे रहे थे। बृहस्पतिवार को नगर निगम चुनाव के दौरान तकरीबन हर बूथ पर लोगों मोबाइल फोन के कारण परेशान रहे।
सेल्फी के चक्कर में साथ ले गए मोबाइल
अधिकांश लोग वोटिंग के बाद सोशल मीडिया पर फोटो डालने के चक्कर में मोबाइल साथ ले गए। इनमें युवतियों, महिलाओं और युवकों की तादाद अधिक रही। उनकी इस मंशा पर सुरक्षाकर्मियों ने पानी फेर दिया। उनको मतदान केंद्र के बाहर आकर ही अपनी तस्वीर खींचनी पड़ी।
मतदाताओं का मोबाइल फोन रोका, खुद रहे व्यस्त
मतदान केंद्रों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने मतदाताओं के मोबाइल फोन की जांच पर तो ध्यान दिया लेकिन ज्यादातर खुद मोबाइल फोन पर व्यस्त नजर आए। स्पर्श राजकीय दृष्टि बाधित बालिका इंटर कॉलेज नार्मल कैंपस में शहीद अशफाक उल्लाह नगर वार्ड नंबर 32 का मतदान केंद्र बना था। इस केंद्र पर दोपहर 3.40 बजे वोट डालने पहुंची एक युवती को पुलिसकर्मियों ने मोबाइल रखने के चलते अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद खुद वहीं खाली कुर्सी पर बैठकर मोबाइल में गेम खेलने लगे। बगल में मौजूद पुलिसकर्मी भी मोबाइल पर व्यस्त नजर आए।
व्हील चेयर नहीं होने से परेशान हुुए बीमार और बुजुर्ग
मतदान केंद्रों पर व्हील चेयर का इंतजाम नहीं होने से बुजुर्ग और बीमारों को वोट डालने में तकलीफ हुई। किसी तरह से परिजन ऐसे वोटर को लेकर मतदान स्थल पर पहुंचे। लेकिन बूथ तक ले जाने में काफी दिक्कत हुई। वार्ड नंबर 77, गीता प्रेस नगर के अंजुमन इस्लामिया स्कूल खूनीपुर मतदान स्थल पर पहुंचे 60 साल के मोहम्मद शकील को वोट डालने के लिए परेशान होना पड़ा। उनके परिजन किसी तरह से स्कूटी पर लेकर पहुंचे थे।
सड़कों पर कम रही आवाजाही
शहर की प्रमुख सड़कों के अलावा अन्य जगहों पर लोगों की आवाजाही कम रही। मतदान के कारण सार्वजनिक अवकाश होने से दुकानें, सरकारी संस्थान और अन्य प्रतिष्ठान बंद रहे। मतदान करने वाले लोगों के अलावा ट्रेन और बस से यात्रा करने, अस्पताल जाने और बेहद ही जरूरी कामों के लिए लोग घरों से निकले। शहर के विभिन्न मोहल्लों में यही हाल रहा। शाम पांच बजे के बाद धीरे-धीरे दुकानें खुलनीं शुरू हुई, तो चहल पहल नजर आई।