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Gorakhpur News: मुनाफे के खेल में सेहत से खिलवाड़ा...धंधेबाजों ने खपा दिए मिलावटी खोआ
Tue, 03 Mar 2026 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 03 Mar 2026 11:11 PM IST
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गोरखपुर। होली में मथुरा, आगरा और अयोध्या से लाया गया करीब 150 क्विंटल मिलावटी खोआ धंधेबाजों ने बाजार में खपा दिया। मंगलवार को शहर की प्रमुख मंडियों में खोआ की मांग अचानक बढ़ गई। इसका फायदा उठाकर सुबह से ही सिंथेटिक दूध, स्टार्च और अन्य रसायनों की मिलावट से तैयार खोआ को असली बताकर बेच दिया। मुनाफा के खेल में धंधेबाजों ने लोगों के सेहत का भी ख्याल नहीं रखा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि घर में भी असली-नकली की पहचान कर सकते हैं।
मिठाई के कारोबारी अर्जुन मद्देशिया बताते हैं कि मिलावटी खोआ की पहचान घर पर आसान तरीकों से की जा सकती है। शुद्ध खोआ हल्के क्रीम रंग का और दानेदार होता है, जबकि मिलावटी खोआ बहुत सफेद या चिकना दिख सकता है। थोड़ा सा खोआ हथेली पर मसलें, यदि ज्यादा चिपचिपा लगे तो संदेह करें। आयोडीन की कुछ बूंद डालने पर नीला या काला रंग बने तो स्टार्च मिला है। गर्म पानी में घोलने पर शुद्ध खोआ समान रूप से घुलता है, जबकि मिलावटी तलछट छोड़ सकता है। गरम करने पर शुद्ध खोआ घी छोड़ता है और सुगंध देता है। बहुत सस्ता मिल रहा खोआ खरीदने से बचें और हमेशा विश्वसनीय दुकान से ही लें।
व्यापारियों के अनुसार, मंगलवार को सिर्फ एक दिन में करीब 250 क्विंटल खोआ की बिक्री हुई है। इसके पहले रोजाना 100 क्विंटल से अधिक खोआ बिक रहा था। बाजार के सूत्रों के अनुसार, बाजार में पहुंचे कुल माल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा मिलावटी रहा। पहले कानपुर का माल पकड़े जाने के बाद आपूर्ति के स्रोत बदल गए। इस बार मथुरा, आगरा और अयोध्या से खोआ की खेप बड़े पैमाने पर लाई गई। इसे प्राइवेट बसों और ट्रेनों के जरिये शहर तक पहुंचाया गया, ताकि निगरानी से बचा जा सके।
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थोक बाजार में व्यापारियों को मिलावटी खोआ 100 से 150 रुपये प्रति किलो की दर से मिला। खुदरा स्तर पर यही खोआ 250 से 400 रुपये प्रति किलो तक बेचा गया। इस तरह प्रति किलो 100 से 250 रुपये तक का मुनाफा कमाया गया।
इस संबंध में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। कई जगहों से मिलावटी खोआ भी पकड़ा गया। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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मिठाई के कारोबारी अर्जुन मद्देशिया बताते हैं कि मिलावटी खोआ की पहचान घर पर आसान तरीकों से की जा सकती है। शुद्ध खोआ हल्के क्रीम रंग का और दानेदार होता है, जबकि मिलावटी खोआ बहुत सफेद या चिकना दिख सकता है। थोड़ा सा खोआ हथेली पर मसलें, यदि ज्यादा चिपचिपा लगे तो संदेह करें। आयोडीन की कुछ बूंद डालने पर नीला या काला रंग बने तो स्टार्च मिला है। गर्म पानी में घोलने पर शुद्ध खोआ समान रूप से घुलता है, जबकि मिलावटी तलछट छोड़ सकता है। गरम करने पर शुद्ध खोआ घी छोड़ता है और सुगंध देता है। बहुत सस्ता मिल रहा खोआ खरीदने से बचें और हमेशा विश्वसनीय दुकान से ही लें।
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व्यापारियों के अनुसार, मंगलवार को सिर्फ एक दिन में करीब 250 क्विंटल खोआ की बिक्री हुई है। इसके पहले रोजाना 100 क्विंटल से अधिक खोआ बिक रहा था। बाजार के सूत्रों के अनुसार, बाजार में पहुंचे कुल माल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा मिलावटी रहा। पहले कानपुर का माल पकड़े जाने के बाद आपूर्ति के स्रोत बदल गए। इस बार मथुरा, आगरा और अयोध्या से खोआ की खेप बड़े पैमाने पर लाई गई। इसे प्राइवेट बसों और ट्रेनों के जरिये शहर तक पहुंचाया गया, ताकि निगरानी से बचा जा सके।
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थोक बाजार में व्यापारियों को मिलावटी खोआ 100 से 150 रुपये प्रति किलो की दर से मिला। खुदरा स्तर पर यही खोआ 250 से 400 रुपये प्रति किलो तक बेचा गया। इस तरह प्रति किलो 100 से 250 रुपये तक का मुनाफा कमाया गया।
इस संबंध में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। कई जगहों से मिलावटी खोआ भी पकड़ा गया। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।