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Gorakhpur News: अनशनकारियों ने अतिरिक्त नियंता को दौड़ाया, पिटने से बाल-बाल बचे
Wed, 09 Sep 2026 02:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 09 Sep 2026 02:44 AM IST
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गोरखपुर विश्वविद्यालय : गार्डों ने मोर्चा संभालकर हमलावरों को रोका, पुलिस पहुंची तो थमा बवाल
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अराजकता का आलम मंगलवार को एक बार फिर सामने आया। प्रशासनिक भवन परिसर में अनशन कर रहे छात्रों ने अतिरिक्त नियंता डॉ. वेद प्रकाश राय को दौड़ा लिया और उनके साथ हाथापाई की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख डॉ. राय किसी तरह वहां से भागकर बचने में सफल रहे। विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों ने साहस दिखाते हुए हमलावर छात्रों को रोका। घटना के बाद परिसर में अफरातफरी मच गई।
मामले की सूचना पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और परिसर में तनाव को नियंत्रित किया। घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉ. वेद प्रकाश राय प्रशासनिक भवन के गेट में लगे ताले को खोलवाने के लिए अनशनकारियों से वार्ता करने गए थे।
अगस्त में कुलपति को शिक्षकों ने था दौड़ाया
विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार का यह पहला मामला नहीं है। बीते अगस्त माह में तत्कालीन कुलपति प्रो. पूनम टंडन को भी गुऑक्टा के शिक्षकों ने प्रशासनिक भवन परिसर में घेरकर दौड़ा लिया था। स्थिति ऐसी बनी कि कुलपति को पैदल अपने आवास तक जाना पड़ा था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन और प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल उठ रहे हैं।
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अनशनकारियों ने प्रशासनिक भवन के दोनों गेट में ताला लगा दिया था। जिससे कार्यालयों में लोग फंस गए थे। मैं प्रशासनिक भवन के गेट में लगे ताले को खुलवाने गया था। वार्ता के दौरान अनशनकारी मुझपर हमलावर हो गए। - डॉ. वेद प्रकाश राय, अतिरिक्त नियंता, गोरखपुर विश्वविद्यालय
छह नामजद समेत कई के खिलाफ कैंट थाने में दी तहरीर
सरकारी काम में बाधा, जान से मारने की धमकी देने का आरोप
गोरखपुर। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में मंगलवार को गेट में ताला लगाकर सरकारी कामकाज बाधित करने और नियंता मंडल के सदस्यों के साथ अभद्रता व मारपीट के प्रयास का आरोप लगाते हुए नियंता ने कैंट थाने में तहरीर दी है। सतीश प्रजापति, सत्यम गोस्वामी, उज्जवल सिंह, विश्ववर्धन प्रताप सागर और उत्कर्ष पांडेय समेत छह नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के अनुसार, दोपहर करीब 2:30 बजे प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला लगाए जाने की सूचना पर नियंता मंडल के सदस्य छात्रों से वार्ता करने पहुंचे थे। गेट खोलने और सरकारी काम में बाधा न डालने का आग्रह करने के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर गोलबंद होकर गाली-गलौज शुरू कर दी और उन्हें दौड़ा लिया। आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह नियंता मंडल के सदस्यों को बाहर निकाला। इसके बाद भी छात्र प्रशासनिक भवन के द्वार तक पीछा करते हुए पहुंचे। तहरीर में सोशल मीडिया के जरिए पिछले कई दिनों से जान से मारने और बेइज्जत करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। नियंता ने घटना को साजिश के तहत अंजाम दिए जाने की आशंका जताते हुए छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और प्रशासनिक भवन के सामने धरना दे रहे छात्रों को हटाने की मांग की है, ताकि परिसर में शांति व्यवस्था बनी रहे। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अराजकता का आलम मंगलवार को एक बार फिर सामने आया। प्रशासनिक भवन परिसर में अनशन कर रहे छात्रों ने अतिरिक्त नियंता डॉ. वेद प्रकाश राय को दौड़ा लिया और उनके साथ हाथापाई की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख डॉ. राय किसी तरह वहां से भागकर बचने में सफल रहे। विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों ने साहस दिखाते हुए हमलावर छात्रों को रोका। घटना के बाद परिसर में अफरातफरी मच गई।
मामले की सूचना पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और परिसर में तनाव को नियंत्रित किया। घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉ. वेद प्रकाश राय प्रशासनिक भवन के गेट में लगे ताले को खोलवाने के लिए अनशनकारियों से वार्ता करने गए थे।
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अगस्त में कुलपति को शिक्षकों ने था दौड़ाया
विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार का यह पहला मामला नहीं है। बीते अगस्त माह में तत्कालीन कुलपति प्रो. पूनम टंडन को भी गुऑक्टा के शिक्षकों ने प्रशासनिक भवन परिसर में घेरकर दौड़ा लिया था। स्थिति ऐसी बनी कि कुलपति को पैदल अपने आवास तक जाना पड़ा था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन और प्रशासनिक नियंत्रण पर सवाल उठ रहे हैं।
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अनशनकारियों ने प्रशासनिक भवन के दोनों गेट में ताला लगा दिया था। जिससे कार्यालयों में लोग फंस गए थे। मैं प्रशासनिक भवन के गेट में लगे ताले को खुलवाने गया था। वार्ता के दौरान अनशनकारी मुझपर हमलावर हो गए। - डॉ. वेद प्रकाश राय, अतिरिक्त नियंता, गोरखपुर विश्वविद्यालय
छह नामजद समेत कई के खिलाफ कैंट थाने में दी तहरीर
सरकारी काम में बाधा, जान से मारने की धमकी देने का आरोप
गोरखपुर। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में मंगलवार को गेट में ताला लगाकर सरकारी कामकाज बाधित करने और नियंता मंडल के सदस्यों के साथ अभद्रता व मारपीट के प्रयास का आरोप लगाते हुए नियंता ने कैंट थाने में तहरीर दी है। सतीश प्रजापति, सत्यम गोस्वामी, उज्जवल सिंह, विश्ववर्धन प्रताप सागर और उत्कर्ष पांडेय समेत छह नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के अनुसार, दोपहर करीब 2:30 बजे प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला लगाए जाने की सूचना पर नियंता मंडल के सदस्य छात्रों से वार्ता करने पहुंचे थे। गेट खोलने और सरकारी काम में बाधा न डालने का आग्रह करने के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर गोलबंद होकर गाली-गलौज शुरू कर दी और उन्हें दौड़ा लिया। आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह नियंता मंडल के सदस्यों को बाहर निकाला। इसके बाद भी छात्र प्रशासनिक भवन के द्वार तक पीछा करते हुए पहुंचे। तहरीर में सोशल मीडिया के जरिए पिछले कई दिनों से जान से मारने और बेइज्जत करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। नियंता ने घटना को साजिश के तहत अंजाम दिए जाने की आशंका जताते हुए छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और प्रशासनिक भवन के सामने धरना दे रहे छात्रों को हटाने की मांग की है, ताकि परिसर में शांति व्यवस्था बनी रहे। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है।