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डेंगू से जंग जीतने के लिए करना होगा ये बदलाव, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया निर्देश
Sat, 26 Sep 2020 02:16 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 26 Sep 2020 02:16 PM IST
सार
- अधिकारियों को डेंगू की रोकथाम के लिए एहतियाती कदम उठाने का निर्देश
- साफ पानी के जमाव को रोकने और मच्छरों की ब्रीडिंग साइट्स नष्ट करने पर जोर
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा है कि संचारी रोगों का व्यवहार परिवर्तन से गहरा संबंध है। डेंगू भी इसी प्रकार की बीमारी है। अगर समुदाय अपना व्यवहार बदले तो इस बीमारी पर अंकुश लगाया जा सकता है। डेंगू की रोकथाम के लिए एहतियाती कदम उठाने होंगे। साफ पानी का जमाव रोकना होगा और मच्छरों की ब्रीडिंग साइट्स नष्ट करनी होगी।
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उन्होंने कहा कि नवंबर तक संचारी रोगों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया आदि का शहरी क्षेत्र में खतरा बना रहता है और इस समय बारिश भी शुरू हो गई है, इस लिहाज से समुदाय को इन बीमारियों के प्रति संवेदीकृत करना बेहद आवश्यक है।
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उन्होंने बताया कि संस्था के सहयोग से डेंगू के बारे में कुल 441 चिकित्सक, 2122 आशा, एएनएम, 240 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 389 फार्माशिस्ट प्रशिक्षित किये जा चुके हैं। इन प्रशिक्षित लोगों की मदद से बीमारी की रोकथाम, बीमारी का शीघ्र पता कर उपचार मुहैया कराने और इनके कारकों को नष्ट करने का प्रयास है।
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इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरप्रीत, डॉ. पल्लवी, डॉ. शालिनी, सर्विलांस सेल से डॉ. एसके द्विवेदी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद, जिला क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ. मुस्तफा खान, शहरी स्वास्थ्य समन्वयक सुरेश सिंह चौहान और जेई-एईस कंसल्टेंट डॉ. सिद्धेश्वरी सिंह प्रमुख तौर से मौजूद रहीं।
पचास फीसदी घरों में मिले थे ब्रीडिंग साइट्स
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शहरी क्षेत्र के पचास फीसदी घरों में डेंगू के वाहक मच्छरों के ब्रीडिंग साइट्स पाए जा चुके हैं, जिन्हें नष्ट कराया जा चुका है। पिछले साल संस्था की मदद से 42327 घरों में जाकर सर्वे किया गया था। कुल 10190 कूलर जबकि 12321 फ्रीज चेक किए गए। इनमें से 21751 मच्छरों के ब्रीडिंग साइट्स पाए गए जिन्हें लोगों को जागरूक कर नष्ट करवाया गया। जिन घरों में सर्वे किया गया वहां से 3235 लोग बुखार के रोगी पाए गए।
उन्होंने बताया कि इस बार कोरोना के प्रसार के कारण साफ-सफाई और सैनेटाइजेशन पर विशेष जोर रहा है, इसलिए मच्छरों का प्रकोप थोड़ा कम हुआ है। हालांकि सितंबर माह की बारिश के बाद साफ पानी का जमाव चुनौती दे सकता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि कूलर, फ्रीज, गमला, छत पर फेके गए टायर आदि में साफ पानी न इकट्ठा होने दें। डेंगू के मच्छर का लार्वा पनपने के लिए एक चम्मच साफ पानी ही काफी है, इसलिए सभी को साफ पानी के जमाव से सतर्क रहना होगा।
डेंगू को जानिए
उन्होंने बताया कि इस बार कोरोना के प्रसार के कारण साफ-सफाई और सैनेटाइजेशन पर विशेष जोर रहा है, इसलिए मच्छरों का प्रकोप थोड़ा कम हुआ है। हालांकि सितंबर माह की बारिश के बाद साफ पानी का जमाव चुनौती दे सकता है। इसलिए लोगों को चाहिए कि कूलर, फ्रीज, गमला, छत पर फेके गए टायर आदि में साफ पानी न इकट्ठा होने दें। डेंगू के मच्छर का लार्वा पनपने के लिए एक चम्मच साफ पानी ही काफी है, इसलिए सभी को साफ पानी के जमाव से सतर्क रहना होगा।
डेंगू को जानिए
- प्लेटलेट का कम होना हमेशा डेंगू नहीं होता है।
- समय से अस्पताल आने पर डेंगू का सस्ता इलाज संभव है।
- समय से चिकित्सालय पहुंचने पर डेंगू जानलेवा रूप नहीं धारण करता।
- चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण एक तरह के होते हैं। चिकित्सकीय जांच के बाद ही पता चल सकता है कि मरीज को डेंगू या चिकनगुनिया।
- चिकनगुनिया के खतरनाक अवस्था में शरीर झुक जाता है और वह कभी ठीक नहीं होता।
- डेंगू और चिकगुनिया एक ही प्रजाति के मच्छर के काटने से होता है और दोनों बीमारियों के मच्छर दिन में काटते हैं।
- मच्छरों से बचाव कर हम चिकनगुनिया और डेंगू समेत सभी मच्छरजनित रोगों पर अंकुश पा सकते हैं।