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Gorakhpur News: आवंटन के 30 साल बाद भी नहीं बनाया होटल, नोटिस
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पैडलेगंज बुद्ध द्वार के पास होटल लोटस निक्को के लिए जीडीए ने 1993 में आवंटित की थी भूमि
होटल निदेशक को 15 दिन में मानचित्र पास कराकर निर्माण शुरू कराने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पैडलेगंज बुद्ध द्वार के पास भूखंड आवंटित होने के 30 साल बाद भी प्रबंधन द्वारा होटल का निर्माण नहीं कराने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अब सख्ती शुरू कर दी है। प्राधिकरण के सचिव यूपी सिंह ने होटल लोटस निक्को के निदेशक लाजपत राय को नोटिस देकर चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर मानचित्र स्वीकृत कराकर निर्माण शुरू कर दिया जाए।
साथ ही जवाब-तलब करते हुए यह भी कहा गया है शर्तों का उल्लंघन करने पर क्यों न आवंटन निरस्त कर दिया जाए? जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि निर्माण शुरू नहीं होने की दशा में आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। उधर, होटल प्रबंधन की तरफ से अपना पक्ष रखने पहुंचे उनके एक अधिकारी ने दलील दी कि पर्यावरण को लेकर जारी होने वाली एनओसी में कई पेच है। जैसे ही एनओसी जारी हो जाएगी, मानचित्र पास कराकर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
प्राधिकरण की तरफ से भेजे गए नोटिस में लिखा गया है कि 17 अगस्त 2016 को होटल के लिए मानचित्र स्वीकृत कराया गया था। इसकी वैधता 21 नवंबर 2016 से 20 नवंबर 2021 तक थी। मानचित्र की अवधि पूरी होने के बाद भी होटल का निर्माण शुरू नहीं कराया गया।
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होटल प्रबंधन की ओर से नवीनीकरण का आवेदन दिया गया था लेकिन मानचित्र स्वीकृत कराने की व्यवस्था ऑनलाइन हो जाने के कारण उसे 25 नवंबर 2021 को निरस्त कर दिया गया। प्राधिकरण ने ऑनलाइन आवेदन करने को कहा था लेकिन मानचित्र का नवीनीकरण नहीं कराया गया।
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20 मार्च 1993 को दिया गया कब्जा, पिलाते रहे आश्वासन की घुट्टी
करीब 14 साल पहले 18 अगस्त 2004 को प्राधिकरण की तरफ से पत्र लिखकर होटल का निर्माण शुरू करने को कहा गया था। इसपर आश्वासन दिया गया कि जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा मगर हुआ नहीं। जीडीए सचिव यूपी सिंह का कहना है कि जीडीए एवं लोटस ट्रांस ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड, राजेंद्र प्लेस नई दिल्ली के बीच आवंटित भूखंड को लेकर करीब तीन दशक पहले हुए लीज डीड में यह प्राविधान है कि यहां एक माडर्न होटल का निर्माण किया जाएगा। फ्री होल्ड डीड 1997 में यह भी उल्लिखित है कि दूसरे पक्ष को लीज डीड की शर्तों का पालन करना होगा। लोटस ट्रांस ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड को जमीन का कब्जा 20 मार्च 1993 को हस्तगत किया जा चुका है। जीडीए की ओर से होटल प्रबंधन को यह अंतिम अवसर दिया गया है।
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कोट
होटल लोटस निक्को के निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 30 साल पहले ही होटल निर्माण के लिए भूखंड आवंटित किया गया था लेकिन अभी तक निर्माण नहीं शुरू हो सका। होटल प्रबंधन को अंतिम मौका देते हुए 15 दिन के भीतर मानचित्र स्वीकृत कराकर निर्माण शुरू करने को कहा गया है।
- महेंद्र सिंह तंवर, उपाध्यक्ष, जीडीए
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होटल निदेशक को 15 दिन में मानचित्र पास कराकर निर्माण शुरू कराने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पैडलेगंज बुद्ध द्वार के पास भूखंड आवंटित होने के 30 साल बाद भी प्रबंधन द्वारा होटल का निर्माण नहीं कराने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अब सख्ती शुरू कर दी है। प्राधिकरण के सचिव यूपी सिंह ने होटल लोटस निक्को के निदेशक लाजपत राय को नोटिस देकर चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर मानचित्र स्वीकृत कराकर निर्माण शुरू कर दिया जाए।
साथ ही जवाब-तलब करते हुए यह भी कहा गया है शर्तों का उल्लंघन करने पर क्यों न आवंटन निरस्त कर दिया जाए? जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि निर्माण शुरू नहीं होने की दशा में आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। उधर, होटल प्रबंधन की तरफ से अपना पक्ष रखने पहुंचे उनके एक अधिकारी ने दलील दी कि पर्यावरण को लेकर जारी होने वाली एनओसी में कई पेच है। जैसे ही एनओसी जारी हो जाएगी, मानचित्र पास कराकर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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प्राधिकरण की तरफ से भेजे गए नोटिस में लिखा गया है कि 17 अगस्त 2016 को होटल के लिए मानचित्र स्वीकृत कराया गया था। इसकी वैधता 21 नवंबर 2016 से 20 नवंबर 2021 तक थी। मानचित्र की अवधि पूरी होने के बाद भी होटल का निर्माण शुरू नहीं कराया गया।
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होटल प्रबंधन की ओर से नवीनीकरण का आवेदन दिया गया था लेकिन मानचित्र स्वीकृत कराने की व्यवस्था ऑनलाइन हो जाने के कारण उसे 25 नवंबर 2021 को निरस्त कर दिया गया। प्राधिकरण ने ऑनलाइन आवेदन करने को कहा था लेकिन मानचित्र का नवीनीकरण नहीं कराया गया।
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20 मार्च 1993 को दिया गया कब्जा, पिलाते रहे आश्वासन की घुट्टी
करीब 14 साल पहले 18 अगस्त 2004 को प्राधिकरण की तरफ से पत्र लिखकर होटल का निर्माण शुरू करने को कहा गया था। इसपर आश्वासन दिया गया कि जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा मगर हुआ नहीं। जीडीए सचिव यूपी सिंह का कहना है कि जीडीए एवं लोटस ट्रांस ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड, राजेंद्र प्लेस नई दिल्ली के बीच आवंटित भूखंड को लेकर करीब तीन दशक पहले हुए लीज डीड में यह प्राविधान है कि यहां एक माडर्न होटल का निर्माण किया जाएगा। फ्री होल्ड डीड 1997 में यह भी उल्लिखित है कि दूसरे पक्ष को लीज डीड की शर्तों का पालन करना होगा। लोटस ट्रांस ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड को जमीन का कब्जा 20 मार्च 1993 को हस्तगत किया जा चुका है। जीडीए की ओर से होटल प्रबंधन को यह अंतिम अवसर दिया गया है।
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कोट
होटल लोटस निक्को के निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 30 साल पहले ही होटल निर्माण के लिए भूखंड आवंटित किया गया था लेकिन अभी तक निर्माण नहीं शुरू हो सका। होटल प्रबंधन को अंतिम मौका देते हुए 15 दिन के भीतर मानचित्र स्वीकृत कराकर निर्माण शुरू करने को कहा गया है।
- महेंद्र सिंह तंवर, उपाध्यक्ष, जीडीए