Gorakhpur News: गोरखपुर में प्रॉपर्टी डीलिंग ऑफिस की आड़ में चल रहा था हुक्का बार, दो गिरफ्तार
गोरखपुर शहर के गोलघर, बैंक रोड, असुरन, मेडिकल काॅलेज रोड, देवरिया बाइपास, जेल बाइपास, रुस्तमपुर, गोरखनाथ में अत्याधुनिक साज-सज्जा युक्त हुक्का बार संचालित हो रहे हैं। रोजाना शाम को यहां युवक व युवतियों की भीड़ जुटती है। शहर में चोरी से चल रहे हुक्का बार ने पुलिस व प्रशासन के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।
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गोरखपुर में रामगढ़ताल इलाके के बुद्ध विहार काॅलोनी में कार शोरूम की दूसरी मंजिल पर प्रॉपर्टी डीलिंग के ऑफिस की आड़ में चल रहे हुक्का बार को पुलिस ने पकड़ा है। मौके से संचालक वेदांत त्रिपाठी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य लोग पिछले दरवाजे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस ने दरोगा शंभूदयाल मिश्र की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मौके से पुलिस ने हुक्का, खुला हुआ तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों को बरामद किया है। एसएसपी मानुष पारिक ने नए उम्र के युवकों की सेहत को देखते हुए पूरे प्रकरण की गहनता से जांच का आदेश दिया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रुस्तमपुर निवासी वेदांत त्रिपाठी व रामजानकीनगर निवासी अयानुर रहमान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात एक बजे के करीब पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अवैध रूप से हुक्का बार चलाया जा रहा है और वहां नए उम्र के लड़कों को नशे की सामग्री भी दी जा रही है।
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इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरा धुआं से भरा था। पुलिस को देखते ही पिछले दरवाजे से सब फरार हो गए, लेकिन संचालक व उसका एक साथी पकड़ा गया। हुक्का बार का लाइसेंस मांगने पर नहीं दिखा सके। संचालक वेदांत त्रिपाठी ने बताया कि हुक्का बार काफी दिनों से चल रहा है। यहां पर जो लोग आते हैं, उनके बारे में जानकारी नहीं है। मौके से एक चिलम, दो हुक्का पीने वाला पाइप, 69 कोयला, तंबाकू बरामद किया गया।
एक ग्राहक से वसूलते हैं पांच सौ से आठ सौ रुपये
आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि एक ग्राहक से हुक्का लगाने के लिए पांच सौ से आठ सौ रुपये वसूले जाते हैं। उनसे होने वाली आमदनी से ही स्टॉफ का खर्चा भी निकालते हैं। हुक्का बार कितने समय से चल रहा है, इस पर कोई सटीक जानकारी तो नहीं दिए, लेकिन लंबे समय से चलाए जाने की बात आरोपियों ने स्वीकारी है।
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शहर के प्रमुख बाजारों में खुला है हक्का बार
गोरखपुर शहर में धड़ल्ले से बिना लाइसेंस के हुक्का बार खोले गए हैं। सिर्फ बड़े सात रेस्त्रां वालों ने प्रशासन को हुक्का बार की जानकारी दी है, अन्य सभी अवैध रूप से ही संचालित हो रहे हैं। जबकि, शहर में फिलहाल 39 हुक्का बार हैं। इनका लाइसेंस रेस्टोरेंट के नाम पर लिया गया है। इन हुक्का बारों में नाबालिगों को तंबाकू फ्लेवर का हुक्का पिलाने की शिकायत पुलिस को मिली, जिसके बाद जांच शुरू की गई है।
जानकारी के मुताबिक, शहर के गोलघर, बैंक रोड, असुरन, मेडिकल काॅलेज रोड, देवरिया बाइपास, जेल बाइपास, रुस्तमपुर, गोरखनाथ में अत्याधुनिक साज-सज्जा युक्त हुक्का बार संचालित हो रहे हैं। रोजाना शाम को यहां युवक व युवतियों की भीड़ जुटती है। शहर में चोरी से चल रहे हुक्का बार ने पुलिस व प्रशासन के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।
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रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे हुक्का बार में जुटे युवा देर रात तक नशे की पार्टी करते हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान अभियान चलाकर हुक्का बार संचालकों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बाद अभियान रुक गया।
घटनाएं भी हो चुकी हैं
- 24 जुलाई 2019 : पादरी बाजार में स्थित हुक्का बार में मनचलों ने बर्थडे पार्टी में शामिल लड़कियों से छेड़खानी कर दी। विरोध करने पर दोनों पक्ष के बीच मारपीट हुई। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
- 14 जुलाई 2021: मेडिकल कॉलेज रोड स्थित हुक्का बार में सीओ गोरखनाथ ने छापा डाला। कई नाबालिग लड़कियां और लड़के हुक्का पीते पकड़े गए, जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया।
- 21 फरवरी 2020 : हुक्का बार में हुए विवाद में गोरखनाथ के आंबेडकर पार्क में युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गांधी गली के एक हुक्का बार में दोनों के बीच विवाद हुआ था।
- 17 फरवरी 2022 : गोलघर में हुक्का पीने आए दो युवकों में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई उसके बाद एक ने अपने पास से पिस्टल निकाल ली। बार में लगे सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।