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Gorakhpur News: रूपहले पर्दे पर दिखेगा हॉकी गुरु मोहम्मद इमरान का संघर्ष
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''''टॉयलेट एक प्रेमकथा'''' और ''''बत्ती गुल मीटर चालू'''' जैसीं सामाजिक फिल्में देने वाले श्री नारायण करेंगे निर्देशन
फर्टिलाइजर के हॉकी ग्राउंड में पहुंचे फिल्म निर्देशक श्री नारायण और पटकथा लेखक राजेश बेरी
गोरखपुर। हॉकी गुरु मोहम्मद इमरान का संघर्ष और कृतित्व अब रूपहले पर्दे पर भी दिखेगा। बॉलीवुड में उन पर फिल्म बनेगी। ''''टॉयलेट एक प्रेमकथा'''' और ''''बत्ती गुल मीटर चालू'''' जैसीं सामाजिक फिल्में देने वाले मशहूर फिल्म निर्देशक व संपादक श्री नारायण इस फिल्म का निर्देशन करेंगे।
बॉलीवुड के मशहूर फिल्म डायरेक्टर श्री नारायण और लेखक राजेश बेरी रविवार को एक साथ गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने हॉकी गुरु 77 वर्षीय मोहम्मद इमरान (इमरान चचा) से मुलाकात कर करीब दो घंटे तक बात की। इस दौरान उनके कई संघर्ष और अनछुए पहलू भी सामने आए। इसके बाद फर्टिलाइजर स्थित उस हॉकी मैदान में भी गए, जहां पिछले 39 वर्षों से मो. इमरान निस्वार्थ भाव से देश के लिए हॉकी की पौध तैयार कर रहे हैं।
फिल्म निर्देशक श्री नारायण ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि हॉकी गुरु की जीवन यात्रा बेहद दिलचस्प है। व्यक्तिगत समस्याओं को दरकिनार कर उन्होंने देश के लिए योगदान दिया। 1980-90 के दशक में पूर्वांचल जैसे पिछड़े क्षेत्र में लड़कियों के अभिभावकों को खेल के लिए तैयार करने जैसे तथ्य ऐतिहासिक हैं। इस पर फिल्म बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। बेशक फिल्म बनाने की दिशा में आज से ही काम शुरू हो गया।
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समाज के लिए योगदान है फिल्म बनाने का उद्देश्य : श्री नारायण
एक सवाल के जवाब में श्री नारायण ने कहा कि यह कॉमर्शियल फिल्में बनाने का दौर है। फिल्म बनाते समय सेफ्टी और श्योरिटी देखी जाती है। मसाला फिल्मों की तरफ 90 प्रतिशत झुकाव होता है लेकिन समाज पर आधारित फिल्में भी बनती हैं। ''''टॉयलेट एक प्रेमकथा (2017)'''' और ''''बत्ती गुल मीटर चालू (2018)'''' जैसीं फिल्में इसी सोच के साथ बनी थीं। वर्ष 2018 के फिल्मफेयर अवार्ड्स में ''''टॉयलेट एक प्रेमकथा'''' के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक श्रेणी में नामांकित हो चुके श्री नारायण ने कहा कि हॉकी गुरु पर फिल्म बनाने का उद्देश्य भी समाज के लिए योगदान देना है।
हॉकी गुरु के योगदान को मिलेगी पहचान
मशहूर लेखक राजेश बेरी ने कहा कि हम आज महिला सशक्तीकरण की बात कर हैं लेकिन हॉकी गुरु इस दिशा में 1980 के दशक से कार्य कर रहे हैं। फिल्म के माध्यम से उनके संघर्ष, हॉकी के प्रति समर्पण और योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश होगी।
हॉकी गुरु ने दिए हैं देश को आठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
हॉकी का नाम आए और मोहम्मद इमरान का जिक्र न हो, गोरखपुर में ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने अपने बूते देश को आठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए। इनमें छह महिला खिलाड़ी रजनी चौधरी, रीता मिश्रा, संजू ओझा, निधि खुल्लर, प्रतिभा चौधरी व परवनी शर्मा शामिल हैं। जनार्दन गुप्ता व सनवर अली को भी उन्होंने ही तराशा। इनके अलावा उन्होंने 200 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देश को दिए। वर्ष 1987 में उन्होंने निशुल्क प्रशिक्षण शुरू किया था।
राजेश बेरी लिख चुके हैं पुस्तक ''''इमरान चाचा''''
फिल्म ''''सरबजीत'''' फेम व बॉलीवुड में पटकथा-संवाद लेखन और स्क्रीनप्ले के लिए मशहूर राजेश बेरी ने मोहम्मद इमरान पर वर्ष 2024 में पुस्तक ''''इमरान चाचा'''' लिखी थी। वर्ष 2020 में पहली बार राजेश बेरी गोरखपुर आए थे। तब उन्होंने शहर में रहकर हॉकी गुरु के बारे में अध्ययन किया था। करीब चार वर्ष बाद पुस्तक प्रकाशित हुई थी। तब फिल्म बनाने को लेकर भी राजेश बेरी ने कोशिश शुरू की थी। अब उन कोशिशों को मुकाम मिलने जा रहा है।
फर्टिलाइजर के हॉकी ग्राउंड में पहुंचे फिल्म निर्देशक श्री नारायण और पटकथा लेखक राजेश बेरी
गोरखपुर। हॉकी गुरु मोहम्मद इमरान का संघर्ष और कृतित्व अब रूपहले पर्दे पर भी दिखेगा। बॉलीवुड में उन पर फिल्म बनेगी। ''''टॉयलेट एक प्रेमकथा'''' और ''''बत्ती गुल मीटर चालू'''' जैसीं सामाजिक फिल्में देने वाले मशहूर फिल्म निर्देशक व संपादक श्री नारायण इस फिल्म का निर्देशन करेंगे।
बॉलीवुड के मशहूर फिल्म डायरेक्टर श्री नारायण और लेखक राजेश बेरी रविवार को एक साथ गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने हॉकी गुरु 77 वर्षीय मोहम्मद इमरान (इमरान चचा) से मुलाकात कर करीब दो घंटे तक बात की। इस दौरान उनके कई संघर्ष और अनछुए पहलू भी सामने आए। इसके बाद फर्टिलाइजर स्थित उस हॉकी मैदान में भी गए, जहां पिछले 39 वर्षों से मो. इमरान निस्वार्थ भाव से देश के लिए हॉकी की पौध तैयार कर रहे हैं।
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फिल्म निर्देशक श्री नारायण ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि हॉकी गुरु की जीवन यात्रा बेहद दिलचस्प है। व्यक्तिगत समस्याओं को दरकिनार कर उन्होंने देश के लिए योगदान दिया। 1980-90 के दशक में पूर्वांचल जैसे पिछड़े क्षेत्र में लड़कियों के अभिभावकों को खेल के लिए तैयार करने जैसे तथ्य ऐतिहासिक हैं। इस पर फिल्म बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। बेशक फिल्म बनाने की दिशा में आज से ही काम शुरू हो गया।
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समाज के लिए योगदान है फिल्म बनाने का उद्देश्य : श्री नारायण
एक सवाल के जवाब में श्री नारायण ने कहा कि यह कॉमर्शियल फिल्में बनाने का दौर है। फिल्म बनाते समय सेफ्टी और श्योरिटी देखी जाती है। मसाला फिल्मों की तरफ 90 प्रतिशत झुकाव होता है लेकिन समाज पर आधारित फिल्में भी बनती हैं। ''''टॉयलेट एक प्रेमकथा (2017)'''' और ''''बत्ती गुल मीटर चालू (2018)'''' जैसीं फिल्में इसी सोच के साथ बनी थीं। वर्ष 2018 के फिल्मफेयर अवार्ड्स में ''''टॉयलेट एक प्रेमकथा'''' के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक श्रेणी में नामांकित हो चुके श्री नारायण ने कहा कि हॉकी गुरु पर फिल्म बनाने का उद्देश्य भी समाज के लिए योगदान देना है।
हॉकी गुरु के योगदान को मिलेगी पहचान
मशहूर लेखक राजेश बेरी ने कहा कि हम आज महिला सशक्तीकरण की बात कर हैं लेकिन हॉकी गुरु इस दिशा में 1980 के दशक से कार्य कर रहे हैं। फिल्म के माध्यम से उनके संघर्ष, हॉकी के प्रति समर्पण और योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश होगी।
हॉकी गुरु ने दिए हैं देश को आठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
हॉकी का नाम आए और मोहम्मद इमरान का जिक्र न हो, गोरखपुर में ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने अपने बूते देश को आठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए। इनमें छह महिला खिलाड़ी रजनी चौधरी, रीता मिश्रा, संजू ओझा, निधि खुल्लर, प्रतिभा चौधरी व परवनी शर्मा शामिल हैं। जनार्दन गुप्ता व सनवर अली को भी उन्होंने ही तराशा। इनके अलावा उन्होंने 200 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी देश को दिए। वर्ष 1987 में उन्होंने निशुल्क प्रशिक्षण शुरू किया था।
राजेश बेरी लिख चुके हैं पुस्तक ''''इमरान चाचा''''
फिल्म ''''सरबजीत'''' फेम व बॉलीवुड में पटकथा-संवाद लेखन और स्क्रीनप्ले के लिए मशहूर राजेश बेरी ने मोहम्मद इमरान पर वर्ष 2024 में पुस्तक ''''इमरान चाचा'''' लिखी थी। वर्ष 2020 में पहली बार राजेश बेरी गोरखपुर आए थे। तब उन्होंने शहर में रहकर हॉकी गुरु के बारे में अध्ययन किया था। करीब चार वर्ष बाद पुस्तक प्रकाशित हुई थी। तब फिल्म बनाने को लेकर भी राजेश बेरी ने कोशिश शुरू की थी। अब उन कोशिशों को मुकाम मिलने जा रहा है।