Gorakhpur News: बेतियाहाता में डॉक्टर्स लेन जाम से बीमार, सुबह से रात तक जाम से जूझते हैं लोग
गोरखपुर-बस्ती मंडल के साथ ही बिहार और पड़ोसी देश नेपाल तक के मरीज एंबुलेंस और चार पहिया वाहनों से यहां इलाज कराने आते हैं। पार्किंग नहीं होने से मरीजों के परिजन, दुकान वाले और अन्य लोग वाहनों को सड़क के दोनों पटरियों पर लगा कर छोड़ देते हैं।
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गोरखपुर जिले में बेतियाहाता स्थित फिराक गोरखपुरी चौक से भगत सिंह चौराहा तक की करीब 400 मीटर लंबी सड़क पर राहगीर सुबह से रात तक जाम से जूझते हैं। दो लेन की आधे किलोमीटर से कम लंबाई वाली इस सड़क के किनारे 200 से अधिक अस्पताल, डायगोनिस्टिक सेंटर, क्लीनिक और मेडिकल स्टोर हैं। इसलिए इसे डॉक्टर्स लेन के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन लगातार जाम के कारण यह रोड मरीजों के लिए दर्द का कारण बन रही है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल के साथ ही बिहार और पड़ोसी देश नेपाल तक के मरीज एंबुलेंस और चार पहिया वाहनों से यहां इलाज कराने आते हैं। पार्किंग नहीं होने से मरीजों के परिजन, दुकान वाले और अन्य लोग वाहनों को सड़क के दोनों पटरियों पर लगा कर छोड़ देते हैं। ऐसे में दो लेन की इस सड़क के आधे से ज्यादा हिस्से पर चार पहिया गाड़ियों का कब्जा रहता है।
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कई बार लोग चार पहिया वाहन को सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। इस रोड पर मौजूद इक्का-दुक्का अस्पतालों को छोड़ दें तो किसी के पास पार्किंग नहीं है। जिनके पास है भी तो वह चार पहिया वाहनों को खड़ा करने लायक नहीं है। वहां सिर्फ दो पहिया वाहनों को खड़ा करने की ही जगह है। इसके अलावा इस सड़क पर लगने वाले ठेले-खोमचे, ई-रिक्शा भी जाम का कारण बन रहे हैं।
नहीं है पेयजल और शौचालय की व्यवस्था
लगभग 400 मीटर की सड़क पर कहीं भी इस सड़क पर कहीं भी इस गर्मी में प्यास बुझाने या शौचालय का इंतजाम नहीं है। एक हैंडपंप है भी तो वह खराब है। वहां कूड़े का ढेर लगा रहता है। दुकानदारों के साथ ही मरीजों और उनके परिजनों को शौचालय नहीं होने से काफी दूर जाना पड़ता है।
पार्किंग बन जाती तो मिलती राहत
अधिकतर मरीज चार पहिया वाहनों से आते हैं, परिजन वाहनों को सड़कों पर ही खड़ा करते हैं। इससे यहां सुबह से शाम तक जाम की समस्या बनी रहती है। यहां कहीं पार्किंग बन जाती तो थोड़ी राहत मिलती। : राजेश कुमार टेकड़ीवाल, दुकानदार
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प्रभावित होती है दुकानदारी
मरीजों के परिजन दुुकान के सामने गाड़ी लगा देते हैं, इससे दुकानदारी प्रभावित होती है। वहीं इस मार्ग पर कोई शौचालय नहीं है, इससे दुकानदारों को दूर जाना पड़ता है। यहां एक सुलभ शौचालय की आवश्यकता है। : सुनील पांडेय, दुकानदार
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सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल
पिपराइच से इलाज कराने आया हूं, जाम के चलते इस सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल है। जिधर देखो लोग अपने वाहन बेतरतीब खड़ा किए है। इसके अलावा इस सड़क पर पीने के पानी का भी इंतजाम होना चाहिए। : राम केवल मौर्य, मरीज