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Gorakhpur: महायोजना पर आपत्तियों को लेकर सुनवाई जल्द, संशोधन कर GDA बोर्ड में रखा जाएगा प्रारूप
Wed, 09 Nov 2022 01:44 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 09 Nov 2022 01:44 PM IST
सार
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि महायोजना के प्रारूप से जुड़ी आपत्तियों को उनकी प्रवृत्ति के अनुसार अलग-अलग कर लिया गया है। जल्द ही सुनवाई की तिथि घोषित कर दी जाएगी। एक महीने के भीतर महायोजना को शासकीय समिति के पास भेजने का लक्ष्य है। वहीं से इसे लागू कर दिया जाएगा।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : Social Media
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विस्तार
नई महायोजना 2031 को लेकर एक बार फिर तैयारियां तेज हो गई हैं। आपत्तियों को उनकी प्रवृत्ति के हिसाब से अलग-अलग समूह में कर लिया गया है। एक से दो दिन में सुनवाई की तिथि घोषित करने की तैयारी है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह से सुनवाई शुरू हो जाएगी।
15 दिनों में सुनवाई का काम पूरा कर प्रारूप में जरूरी संशोधन किया जाएगा। फिर इसे जीडीए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। वहीं से महायोजना लागू की जाएगी। माना जा रहा है कि नए साल के पहले महीने में महायोजना लागू हो जाएगी।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महायोजना के प्रारूप पर करीब सवा महीने में 11 हजार से अधिक आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। ज्यादातर आपत्तियां विस्तारित क्षेत्र को लेकर हैं। वन क्षेत्र के आसपास 100 मीटर तक निर्माण पर रोक, प्राकृतिक नालों के आसपास निर्माण पर रोक, हाइवे फैसिलिटी जोन, लैंड यूज आदि को लेकर सबसे ज्यादा आपत्तियां आई हैं। नगर नियोजक की टीम ने एक तरह की आपत्तियों को अलग-अलग कर लिया है। एक तरह की आपत्तियां करने वाले लोगों को एक साथ ही सुनवाई के लिए जीडीए सभागार में बुलाया जाएगा। एक साथ करीब 100 लोग सभागार में बैठ सकेंगे।
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सुनवाई पूरी होने के बाद इन आपत्तियों पर जीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली समिति निर्णय लेगी। इसकेे बाद महायोजना के प्रारूप में जरूरी संशोधन करने के साथ इसे जीडीए बोर्ड की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद प्राधिकरण इसे शासकीय समिति को भेज देगा।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि महायोजना के प्रारूप से जुड़ी आपत्तियों को उनकी प्रवृत्ति के अनुसार अलग-अलग कर लिया गया है। जल्द ही सुनवाई की तिथि घोषित कर दी जाएगी। एक महीने के भीतर महायोजना को शासकीय समिति के पास भेजने का लक्ष्य है। वहीं से इसे लागू कर दिया जाएगा।
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15 दिनों में सुनवाई का काम पूरा कर प्रारूप में जरूरी संशोधन किया जाएगा। फिर इसे जीडीए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। वहीं से महायोजना लागू की जाएगी। माना जा रहा है कि नए साल के पहले महीने में महायोजना लागू हो जाएगी।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महायोजना के प्रारूप पर करीब सवा महीने में 11 हजार से अधिक आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। ज्यादातर आपत्तियां विस्तारित क्षेत्र को लेकर हैं। वन क्षेत्र के आसपास 100 मीटर तक निर्माण पर रोक, प्राकृतिक नालों के आसपास निर्माण पर रोक, हाइवे फैसिलिटी जोन, लैंड यूज आदि को लेकर सबसे ज्यादा आपत्तियां आई हैं। नगर नियोजक की टीम ने एक तरह की आपत्तियों को अलग-अलग कर लिया है। एक तरह की आपत्तियां करने वाले लोगों को एक साथ ही सुनवाई के लिए जीडीए सभागार में बुलाया जाएगा। एक साथ करीब 100 लोग सभागार में बैठ सकेंगे।
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सुनवाई पूरी होने के बाद इन आपत्तियों पर जीडीए उपाध्यक्ष की अध्यक्षता वाली समिति निर्णय लेगी। इसकेे बाद महायोजना के प्रारूप में जरूरी संशोधन करने के साथ इसे जीडीए बोर्ड की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद प्राधिकरण इसे शासकीय समिति को भेज देगा।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि महायोजना के प्रारूप से जुड़ी आपत्तियों को उनकी प्रवृत्ति के अनुसार अलग-अलग कर लिया गया है। जल्द ही सुनवाई की तिथि घोषित कर दी जाएगी। एक महीने के भीतर महायोजना को शासकीय समिति के पास भेजने का लक्ष्य है। वहीं से इसे लागू कर दिया जाएगा।