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सलाह: हथेली को सैनिटाइज कर ऑक्सीमीटर का करें इस्तेमाल, होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड मरीजों की करते रहें जांच
Thu, 03 Jun 2021 03:39 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 03 Jun 2021 03:39 PM IST
सार
होम आइसोलेशन में नियमित तौर पर ऑक्सीमीटर से जांच करें ऑक्सीजन का स्तर। बाजार से जांच-परख कर ही खरीदें पल्स ऑक्सीमीटर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
पल्स ऑक्सीमीटर का प्रयोग हमेशा हथेली और अंगुली को ठीक तरीके से सैनिटाइज करने के बाद ही करना चाहिए। होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड मरीजों के ऑक्सीजन स्तर की नियमित तौर पर पल्स ऑक्सीमीटर से जांच करते रहें। बाजार से जो पल्स ऑक्सीमीटर खरीद रहे हैं, उसकी जांच अवश्य कर लें।
ये बातें खोराबार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी श्वेता पांडेय ने कहीं। उन्होंने पल्स ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल करने के तौर-तरीके के बारे में एक वीडियो संदेश भी बनाया है। यह वीडियो संदेश उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं को प्रेषित किया है।
लगभग दो मिनट के वीडियो संदेश में श्वेता पांडेय ने बताया है कि हाथों को सैनिटाइज करने के बाद अंगूठे की बगल वाली अंगुली को पल्स ऑक्सीमीटर में लगाना है। अंगुली में लगाने के बाद हाथ ढीला छोड़ दें। अंगुली लगाने के बाद पल्स ऑक्सीमीटर का बटन हल्के से दबा दें। इसके बाद लगभग 30 सेकेंड तक रिडिंग स्थिर होने तक इंतजार करना है।
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स्क्रीन के ऊपर के हिस्से में एसपीओटू जबकि नीचे के हिस्से में पीआरबीपीएम लिख कर आता है। एसपीओटू ऑक्सीजन का स्तर जबकि पीआरबीपीएम दिल की धड़कनों की दर बताता है। अगर ऑक्सीजन स्तर 95 तक है तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर यह 94 से 92 के बीच आता है तो इसका मतलब है कि ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ व्यवस्था सोच लेनी है। ऐसी अवस्था में पेट के बल लेटने की तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए।
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ये बातें खोराबार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी श्वेता पांडेय ने कहीं। उन्होंने पल्स ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल करने के तौर-तरीके के बारे में एक वीडियो संदेश भी बनाया है। यह वीडियो संदेश उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं को प्रेषित किया है।
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लगभग दो मिनट के वीडियो संदेश में श्वेता पांडेय ने बताया है कि हाथों को सैनिटाइज करने के बाद अंगूठे की बगल वाली अंगुली को पल्स ऑक्सीमीटर में लगाना है। अंगुली में लगाने के बाद हाथ ढीला छोड़ दें। अंगुली लगाने के बाद पल्स ऑक्सीमीटर का बटन हल्के से दबा दें। इसके बाद लगभग 30 सेकेंड तक रिडिंग स्थिर होने तक इंतजार करना है।
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स्क्रीन के ऊपर के हिस्से में एसपीओटू जबकि नीचे के हिस्से में पीआरबीपीएम लिख कर आता है। एसपीओटू ऑक्सीजन का स्तर जबकि पीआरबीपीएम दिल की धड़कनों की दर बताता है। अगर ऑक्सीजन स्तर 95 तक है तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर यह 94 से 92 के बीच आता है तो इसका मतलब है कि ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ व्यवस्था सोच लेनी है। ऐसी अवस्था में पेट के बल लेटने की तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए।