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Gorakhpur News: जिले में बदले जाएंगे दो लाख 29 हजार आयुष्मान कार्ड
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गोरखपुर। आयुष्मान कार्डों में गड़बड़ी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग नई कोशिश कर रहा है। इस बार जिले में 229606 नए पीवीसी कार्ड बंटवाए जा रहे हैं। वितरण की जिम्मेदारी आशा, आंगनबाड़ी और ग्राम रोजगार सेवकों को दी गई है। इसके लिए प्रति कार्ड तीन रुपये मेहनताना भी दिया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि पीवीसी कार्ड बंटने के बाद कार्ड बनाने में धोखाधड़ी रुक जाएगी।
जिले के चार लाख 32 हजार परिवारों के 19 लाख 39 हजार लोग आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हैं। अब तक सात लाख 79 हजार लोगों को कार्ड भी उपलब्ध कराया जा चुका है। इस योजना के तहत पंजीकृत लोगों को कार्ड कागज पर प्रिंट होकर मिलता था। इसको सुरक्षित रखने में दिक्कत आती है। दूसरी समस्या यह थी कि कई कॉमन सर्विस सेंटरों पर साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर हूबहू नकली कार्ड प्रिंट कर दिया जाता था। शासन स्तर पर कई बार इसकी शिकायत हो चुकी है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पंजीकृत लाभार्थियों को सरकार की तरफ से पीवीसी (पॉलीविनाइल क्लोराइड) कार्ड बंटवाने का निर्णय लिया है। ये कार्ड कठोर प्लास्टिक के बने होने के चलते जल्द खराब नहीं होते हैं। इन पर डिजिटल सिग्नेचर भी होता है। माना जा रहा है कि इस तरह के कार्ड में अभी गड़बड़ी करना कठिन है।
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कार्ड वितरण के आधार पर होगा भुगतान
पीवीसी कार्ड सभी पात्र व सही व्यक्तियों तक पहुंचे, इसके लिए आंगनबाड़ी, आशा और रोजगार सेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। इन कर्मचारियों को इसके लिए ब्लॉकवार प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब इन्हें कार्ड बांटने की ड्यूटी पर लगाया गया है। प्रत्येक कार्ड के वितरण पर तीन रुपये दिए जाने हैं। वितरण की पुष्टि होने पर ही इसका भुगतान किया जाएगा। सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने बताया कि जैसे-जैसे कार्ड मिलते जाएंगे, वितरण कराया जाएगा।
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जिले के चार लाख 32 हजार परिवारों के 19 लाख 39 हजार लोग आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हैं। अब तक सात लाख 79 हजार लोगों को कार्ड भी उपलब्ध कराया जा चुका है। इस योजना के तहत पंजीकृत लोगों को कार्ड कागज पर प्रिंट होकर मिलता था। इसको सुरक्षित रखने में दिक्कत आती है। दूसरी समस्या यह थी कि कई कॉमन सर्विस सेंटरों पर साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर हूबहू नकली कार्ड प्रिंट कर दिया जाता था। शासन स्तर पर कई बार इसकी शिकायत हो चुकी है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पंजीकृत लाभार्थियों को सरकार की तरफ से पीवीसी (पॉलीविनाइल क्लोराइड) कार्ड बंटवाने का निर्णय लिया है। ये कार्ड कठोर प्लास्टिक के बने होने के चलते जल्द खराब नहीं होते हैं। इन पर डिजिटल सिग्नेचर भी होता है। माना जा रहा है कि इस तरह के कार्ड में अभी गड़बड़ी करना कठिन है।
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कार्ड वितरण के आधार पर होगा भुगतान
पीवीसी कार्ड सभी पात्र व सही व्यक्तियों तक पहुंचे, इसके लिए आंगनबाड़ी, आशा और रोजगार सेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। इन कर्मचारियों को इसके लिए ब्लॉकवार प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब इन्हें कार्ड बांटने की ड्यूटी पर लगाया गया है। प्रत्येक कार्ड के वितरण पर तीन रुपये दिए जाने हैं। वितरण की पुष्टि होने पर ही इसका भुगतान किया जाएगा। सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे ने बताया कि जैसे-जैसे कार्ड मिलते जाएंगे, वितरण कराया जाएगा।
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