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Gorakhpur News: देवताओं से हरि ने कहा था वह देवकी के घर कृष्ण के रूप में जन्म लेंगे
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-समय माता मंदिर में चल रही कथा में व्यास पीठ से बोले कथा व्यास
गोरखपुर। चैत्र नवरात्र के पंचम दिवस में श्री समय माता मंदिर तुर्कमानपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित बालक दास ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्मा व शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा। इसलिए आप सब भी उस समय धरती पर किसी न किसी रूप में उपस्थित रहना।
उन्होंने बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार धारण की तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिव भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने थे। उन्होंने बताया कि इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो ये सब देवी-देवता भी वहां आते हैं।
महाराज ने कहा कि जब भगवान ने कृष्ण जन्म लिया, तब पृथ्वी पर न जाने कितने जन्मों से जीव भगवान की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी तरह जब भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है और उसमें जो लोग भाग लेते हैं, वे कोई साधारण जीव नहीं होते वे बहुत पुण्यात्मा होते हैं। संवाद
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गोरखपुर। चैत्र नवरात्र के पंचम दिवस में श्री समय माता मंदिर तुर्कमानपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित बालक दास ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्मा व शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा। इसलिए आप सब भी उस समय धरती पर किसी न किसी रूप में उपस्थित रहना।
उन्होंने बताया कि जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार धारण की तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिव भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने थे। उन्होंने बताया कि इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो ये सब देवी-देवता भी वहां आते हैं।
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महाराज ने कहा कि जब भगवान ने कृष्ण जन्म लिया, तब पृथ्वी पर न जाने कितने जन्मों से जीव भगवान की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी तरह जब भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है और उसमें जो लोग भाग लेते हैं, वे कोई साधारण जीव नहीं होते वे बहुत पुण्यात्मा होते हैं। संवाद
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