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Ayodhya Ram Mandir: अनूठी है इस शख्स की कहानी, राम मंदिर के लिए तीन साल से करा रहा है हनुमान चालीसा का पाठ
Tue, 04 Aug 2020 04:36 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 04 Aug 2020 04:36 PM IST
सार
- पांच हजार से अधिक वितरित किया हनुमान चालीसा
- वर्ष 1992 के बाद पैदा हुए युवाओं को श्रीराम मंदिर आंदोलन से जोड़ने के लिए कराया दर्शन
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प्रेरक मिश्र। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण का सपना अब पूरा होने जा रहा है। पांच अगस्त को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य अतिथि हैं। राम मंदिर को लेकर होने वाले आंदोलन में कोई सड़क पर उतरा तो किसी ने गोली खाई, मगर हर्रैया क्षेत्र के छावनी इलाके मल्लूपुर गांव निवासी प्रेरक मिश्र इससे इतर रचनात्मक ढंग से आंदोलन को धार दे रहे हैं।
वे पिछले तीन साल से हर दिन हनुमान चालीस का पाठ कराने के लिए गांव-गांव जाते हैं। अब तक उन्होंने इस माध्यम से आंदोलन में हजारों लोगों को जोड़ लिया है। यही नहीं वे हनुमान चालीसा पुस्तक की करीब पांच हजार प्रतियां अब तक वितरित भी कर चुके हैं। प्रेरक नाम के अनुरूप लोगों को प्रेरणा देकर भगवान श्रीराम से जोड़ने में जुटे हैं। प्रभु राम मंदिर निर्माण की घोषणा के बाद वे फूले नहीं समा रहे।
इसे भी पढ़ें- अयोध्या में पीएम मोदी राम जन्मभूमि पूजन के बाद करेंगे ये खास पूजा
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प्रेरक कहते हैं कि जब श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कराना शुरू किया तो हजारों लोगों ने सामूहिक पाठ कर श्रीराम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था। कहते हैं कि वर्ष 1992 में जब राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं तब तमाम बच्चे छोटे थे और उन्हें याद नहीं कि श्रीराम मंदिर से उनका दिल का रिश्ता है।
इस रिश्ते को जिंदा करने के लिए युवाओं की टोली को जन्म भूमि का दर्शन करा कर अपने राम को पहचानने का संकल्प दिलाया। राम सभी के हैं। इस आदर्श वाक्य को लेकर रचनात्मक आंदोलन को अब शायद मंजिल मिल गई। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हमारा संकल्प था, जिसे अब पांच सौ साल बाद पूरा होने का अवसर आ गया है। हम सौभाग्य शाली हैं, जो इस मौके के गवाह बन रहे हैं।
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वे पिछले तीन साल से हर दिन हनुमान चालीस का पाठ कराने के लिए गांव-गांव जाते हैं। अब तक उन्होंने इस माध्यम से आंदोलन में हजारों लोगों को जोड़ लिया है। यही नहीं वे हनुमान चालीसा पुस्तक की करीब पांच हजार प्रतियां अब तक वितरित भी कर चुके हैं। प्रेरक नाम के अनुरूप लोगों को प्रेरणा देकर भगवान श्रीराम से जोड़ने में जुटे हैं। प्रभु राम मंदिर निर्माण की घोषणा के बाद वे फूले नहीं समा रहे।
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प्रेरक कहते हैं कि जब श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कराना शुरू किया तो हजारों लोगों ने सामूहिक पाठ कर श्रीराम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था। कहते हैं कि वर्ष 1992 में जब राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं तब तमाम बच्चे छोटे थे और उन्हें याद नहीं कि श्रीराम मंदिर से उनका दिल का रिश्ता है।
इस रिश्ते को जिंदा करने के लिए युवाओं की टोली को जन्म भूमि का दर्शन करा कर अपने राम को पहचानने का संकल्प दिलाया। राम सभी के हैं। इस आदर्श वाक्य को लेकर रचनात्मक आंदोलन को अब शायद मंजिल मिल गई। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हमारा संकल्प था, जिसे अब पांच सौ साल बाद पूरा होने का अवसर आ गया है। हम सौभाग्य शाली हैं, जो इस मौके के गवाह बन रहे हैं।