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Gorakhpur News: खरीफ सीजन की तैयारी शुरू, गोदामों में जमा होने लगे उर्वरक
Thu, 07 May 2026 01:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 07 May 2026 01:29 AM IST
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गोरखपुर। सहकारिता विभाग की ओर से अभी से खरीफ की तैयारी शुरू हो गई है। सरकारी गोदामों पर यूरिया और फास्फेटिक खादों का स्टाॅक जमा होने लगा है। यूरिया के लिए पूरे खरीफ सीजन के लिए निर्धारित लक्ष्य का आधा स्टॉक गोदामों में जमा हो गया है। फास्फेटिक खाद भी लक्ष्य के 100 प्रतिशत गोदामों में पहुंच गया है। विभाग का दावा है कि उर्वरक की कमी नहीं होने पाएगी।
ईरान व अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से यह कहा जा रहा था कि उर्वरक का आयात विदेशों से होता है। इस युद्ध के कारण उर्वरक के आयात पर असर पड़ेगा लेकिन जिले में अभी से उर्वरकों का स्टाॅक शुरू हो गया है।
सहकारिता विभाग के मुताबिक 2025-26 में खरीफ फसल के लिए यूरिया का लक्ष्य 11,900 मीट्रिक टन था लेकिन 22500 एमटी वितरित किया गया। इस साल खरीफ के लिए लक्ष्य 23,300 मीट्रिक टन रखा गया है। पिछले साल फास्फेटिक खाद का लक्ष्य 4770 एमटी था, इस साल बढ़ाकर 7470 एमटी रखा गया है। वर्तमान में 10,940 एमटी यूरिया का स्टाॅक उपलब्ध है, जबकि 7940 एमटी फास्फेटिक उपलब्ध है। इस तरह से खरीफ का अभियान मई के अंत में या जून के प्रथम सप्ताह में शुरू होगा लेकिन उर्वरक की जितनी जरूरत होगी उतना पहुंच गया है।
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इस संबंध में एआर नीरज कुमार ने बताया कि जनपद में खरीफ के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने पाएगी। अभी से यूरिया और फास्फेटिक खादों को गोदामों में जमा किया जाने लगा है। किसानों को जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराई जाएगी।
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ईरान व अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से यह कहा जा रहा था कि उर्वरक का आयात विदेशों से होता है। इस युद्ध के कारण उर्वरक के आयात पर असर पड़ेगा लेकिन जिले में अभी से उर्वरकों का स्टाॅक शुरू हो गया है।
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सहकारिता विभाग के मुताबिक 2025-26 में खरीफ फसल के लिए यूरिया का लक्ष्य 11,900 मीट्रिक टन था लेकिन 22500 एमटी वितरित किया गया। इस साल खरीफ के लिए लक्ष्य 23,300 मीट्रिक टन रखा गया है। पिछले साल फास्फेटिक खाद का लक्ष्य 4770 एमटी था, इस साल बढ़ाकर 7470 एमटी रखा गया है। वर्तमान में 10,940 एमटी यूरिया का स्टाॅक उपलब्ध है, जबकि 7940 एमटी फास्फेटिक उपलब्ध है। इस तरह से खरीफ का अभियान मई के अंत में या जून के प्रथम सप्ताह में शुरू होगा लेकिन उर्वरक की जितनी जरूरत होगी उतना पहुंच गया है।
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इस संबंध में एआर नीरज कुमार ने बताया कि जनपद में खरीफ के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने पाएगी। अभी से यूरिया और फास्फेटिक खादों को गोदामों में जमा किया जाने लगा है। किसानों को जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराई जाएगी।