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हज यात्रियों की सूची जारी: जिले के लिए आवंटित सीटों के तीन चौथाई के लिए ही हुआ आवेदन
Thu, 16 Jan 2020 10:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2020 10:16 AM IST
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हज हाउस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
इस्लामिक हिजरी 1440 के लिए आजमीने हज की सूची तैयार हो गई है। खास यह कि इस बार जिले में आवंटित सीटों पर केवल तीन चौथाई लोगों ने ही हज यात्रा के लिए आवेदन किया। इसका कारण हज यात्रा की प्रक्रिया ऑनलाइन किया जाना बताया जा रहा है।
हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से प्रत्येक जिले से हज यात्रियों की संख्या निर्धारित की जाती है। जिला अल्पसंख्यक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष यानी हिजरी 1440 के लिए गोरखपुर से हज यात्रियों के लिए चार सौ सीटें आवंटित की गईं थीं। बुधवार को हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से हज यात्रा के लिए चयनित आजमीने हज की सूची जारी की गई। गोरखपुर से इस बार मात्र तीन सौ लोगों ने ही आवेदन किया था।
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हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से प्रत्येक जिले से हज यात्रियों की संख्या निर्धारित की जाती है। जिला अल्पसंख्यक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष यानी हिजरी 1440 के लिए गोरखपुर से हज यात्रियों के लिए चार सौ सीटें आवंटित की गईं थीं। बुधवार को हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से हज यात्रा के लिए चयनित आजमीने हज की सूची जारी की गई। गोरखपुर से इस बार मात्र तीन सौ लोगों ने ही आवेदन किया था।
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अल्पसंख्यक मामलों के जानकारोें के मुताबिक यह पहली बार हुआ है कि आवंटित सीटों से कम पर आवेदन किया गया। हर साल आवेदन सीटों से अधिक होने के कारण लॉटरी के जरिए हज यात्रियों का चयन किया जाता था। इस बार एक चौथाई सीटें खाली रह जाएंगी। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि इस वर्ष चार सौ सीटों के सापेक्ष तीन सौ आवेदन ही आए। इसका कारण ऑनलाइन आवेदन प्रकिया हो सकती है।
वह हज यात्रा के लिए कम आवेदन आने का दूसरा कारण वह लोगों में उमराह की प्रवृत्ति बढ़ने को मान रहे हैं। उनके अनुसार अब उमराह के लिए अधिक लोग जा रहे हैं यह सस्ता भी पड़ता है और सामान्य दिनों में होने के कारण आसान भी। संभवत: यही कारण है कि हज के लिए कम आवेदन आए। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि हज यात्रा की पहली किस्त 16 जनवरी से 15 फरवरी के बीच जमा कराई जा सकती है। पहली किस्त में आवेदक को 60 हजार रुपये जमा करवाने हैं। दूसरी किस्त 1.20 लाख रुपये 15 मार्च से पहले जमा कराए जा सकते हैं। यदि आवेदक चाहे तो एक ही बार में पूरा शुल्क जमा करवा सकता है।
वह हज यात्रा के लिए कम आवेदन आने का दूसरा कारण वह लोगों में उमराह की प्रवृत्ति बढ़ने को मान रहे हैं। उनके अनुसार अब उमराह के लिए अधिक लोग जा रहे हैं यह सस्ता भी पड़ता है और सामान्य दिनों में होने के कारण आसान भी। संभवत: यही कारण है कि हज के लिए कम आवेदन आए। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि हज यात्रा की पहली किस्त 16 जनवरी से 15 फरवरी के बीच जमा कराई जा सकती है। पहली किस्त में आवेदक को 60 हजार रुपये जमा करवाने हैं। दूसरी किस्त 1.20 लाख रुपये 15 मार्च से पहले जमा कराए जा सकते हैं। यदि आवेदक चाहे तो एक ही बार में पूरा शुल्क जमा करवा सकता है।