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Mafia Vinod Upadhyay: गुरु ने सूद में लगवाई विनोद की काली कमाई...अब बढ़ सकती है रार

Mon, 08 Jan 2024 12:00 PM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 08 Jan 2024 12:00 PM IST
सार

विनोद के सहयोगी गुरुजी के नाम की चर्चा उसके लोगों में खूब है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुजी विनोद के नाम की धमक देकर व्यापारियों व जरूरतमंदों को आठ से दस लाख रुपये ब्याज पर देकर उनसे 10 से 15 प्रतिशत तक वसूली करता था।

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Guru invested Mafia Vinod upadhyay black money in interest
माफिया विनोद उपाध्याय। (फाइल) - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

माफिया विनोद उपाध्याय की काली कमाई का मोटा हिस्सा गुरु नाम से कुख्यात एक खास ने सूद के धंधे में लगवाई थी। गुरु10 वर्ष पहले गुजरात से गोरखपुर आया था। विनोद ने शहर में अलग-अलग इलाकों में कुछ व्यापारियों के साथ मिलकर अपनी काली कमाई खपाई थी। अब जब विनोद नहीं रहा तो काले धंधे के हिस्सेदारों और उसके करीबियों के बीच रकम को लेकर तकरार हो सकती है। सूत्रों की मानें तो कुछ सहयोगी सूद की इस रकम को माफिया के परिवार के लोगों को दिलाना चाहते हैं।

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विनोद के सहयोगी गुरुजी के नाम की चर्चा उसके लोगों में खूब है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुजी विनोद के नाम की धमक देकर व्यापारियों व जरूरतमंदों को आठ से दस लाख रुपये ब्याज पर देकर उनसे 10 से 15 प्रतिशत तक वसूली करता था। विनोद कुछ जगहों पर वह ब्याज में साझेदार था तो कुछ लोगों से मोटी रकम देकर प्रतिमाह 8 से 10 प्रति ब्याज वसूल करवाता था।
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राजेंद्रनगर के एक किराना व्यापारी को विनोद के इस खास सहयोगी ने करीब 10 लाख रुपये ब्याज पर दिया था। ये रुपये विनोद के थे। प्रतिमाह की दर से ब्याज लेना था, लेकिन कुछ दिन के बाद व्यापारी ने देना बंद कर दिया। पहले प्रतिमाह 15 से 20 प्रतिशत के हिसाब से वसूली होती थी। सूत्रों के मुताबिक, यह रकम बढ़कर करीब 25 लाख रुपये हो गई।
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इसके बाद किराने की दुकान पर गुरुजी जी ने ताला लटका दिया। डर-सहम कर ब्याज देने में असमर्थ व्यापारी घर छोड़कर नेपाल चला गया। ऐसे ही राजेंद्रनगर के एक जमीन कारोबारी को भी 15 लाख रुपये ब्याज पर दिए गए थे। वर्तमान में देनदारी 25 लाख रुपये हो गई है। विनोद की मौत के दो दिन पहले ही उसके सहयोगी की ओर से ब्याज न दिए जाने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी। इसके अलावा गुरुजी ने पीपीगंज के एक सरकारी कर्मचारी को भी पांच लाख रुपये ब्याज पर दिलवाया था। आठ लाख रुपये कर्मचारी पर देनदारी लग चुकी है।

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पांच लाख कारतूस खर्च दिखाया तो कर लिया था किनारा
गोरखपुर से फरेंदा के बीच स्थित सरुआताल से मछली पकड़ने के काम पर विनोद और उसकी टीम का कब्जा था। यहां से मछलियों के अवैध कारोबार के साथ प्रतिदिन की वसूली होती थी। सूत्रों की मानें तो छह से सात वर्ष पहले इसमें गुरुजी ने पांच लाख रुपये का खेल कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि पैरवी के दौरान विनोद ने जब रुपये का हिसाब लिया तो गुरुजी ने पांच लाख रुपये कारतूस खरीदने में खर्च होने की बात कही। दस दिन बाद ही उसने वापस लौटा दिए। हालांकि तभी से माफिया ने गुरुजी से किनारा कर लिया।

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परिवारवाले अब इन रुपयों के लिए तरस न जाएं
सूत्र बताते हैं कि विनोद ने कई जमीनों की रजिस्ट्री गुरुजी और तीन अन्य सहयोगियों के नाम पर करवाई थी। विनोद का छोटा भाई संजय जेल में है। बड़े भाई की तबीयत खराब है। दो अन्य भाई अपराध से दूर रहे हैं। विनोद का एक साला है, जो धंधों में साथ रहता था। जबकि, पत्नी और बच्चे दिल्ली रहते थे। ऐसे में चर्चा यह भी है कि विनोद की काली कमाई शायद ही परिवार को मिल पाए।

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