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गोरखपुर विश्वविद्यालय: पांच अंतरराष्ट्रीय विजिटिंग रिसर्च फेलोशिप देगा गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ, पढ़ें पूरी जानकारी
Wed, 14 Jul 2021 09:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 09:47 AM IST
सार
नाथपंथ अध्ययन को लोकप्रिय बनाने के लिए स्थापित शोधपीठ के भवन का उद्घाटन दिसंबर तक होने की उम्मीद है।
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महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ
- फोटो : Fb@महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोधपीठ की ओर से पांच अंतरराष्ट्रीय विजिटिंग रिसर्च फेलोशिप प्रदान की जाएगी। नाथपंथ अध्ययन को लोकप्रिय बनाने के लिए स्थापित शोधपीठ के भवन का उद्घाटन दिसंबर तक होने की उम्मीद है। नाथपंथ के अंतरराष्ट्रीयकरण के लिए विश्वविद्यालय ने पहले ही रूस, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, नेपाल में नाथपंथ के अंतरराष्ट्रीय केंद्रों की पहचान की है।
शोधपीठ दुनिया भर में नाथ पंथ पर काम करने वाले सभी शिक्षाविदों और केंद्रों को एक मंच पर लाएगा। ऑस्ट्रिया से योगी हॉलमैन नाथ, स्पेन से भगवान नाथ, ब्राजील से योगिनी देवकीनाथ, मिशिगन विश्वविद्यालय, अमेरिका के डॉ माधवदेश पांडेय को केंद्र के माध्यम से जोड़ा जाएगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय ने पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, रूस और नेपाल जैसे देशों में पांच केंद्रों की पहचान की है।
शोधार्थी को मिलेगी फेलोशिप
शोधपीठ द्वारा अमेरिका में तीन महीने के अध्ययन के लिए लगभग 7500 डॉलर प्रदान किये जायेंगे। इसे छह महीने या पीडीएफ या पीएचडी के रूप में केंद्र द्वारा अनुशंसित किया जा सकता है। इसके अंतर्गत इंटरनेशनल ट्रेवेल ग्रांट और रहने का खर्च 3-6 महीने के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह का प्रावधान रूस, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और नेपाल के केंद्रों के लिए भी किया जाएगा।
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शोधपीठ की इंटरनेशनल फेलोशिप के लिए आवेदन का मौका
इंटरनेशनल फे लोशिप के लिए आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थी www.ddugu.ac.in/notices लिंक से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए समन्वयक इंटरनेशनल सेल से संपर्क करें।
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शोधपीठ दुनिया भर में नाथ पंथ पर काम करने वाले सभी शिक्षाविदों और केंद्रों को एक मंच पर लाएगा। ऑस्ट्रिया से योगी हॉलमैन नाथ, स्पेन से भगवान नाथ, ब्राजील से योगिनी देवकीनाथ, मिशिगन विश्वविद्यालय, अमेरिका के डॉ माधवदेश पांडेय को केंद्र के माध्यम से जोड़ा जाएगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय ने पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, रूस और नेपाल जैसे देशों में पांच केंद्रों की पहचान की है।
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शोधार्थी को मिलेगी फेलोशिप
शोधपीठ द्वारा अमेरिका में तीन महीने के अध्ययन के लिए लगभग 7500 डॉलर प्रदान किये जायेंगे। इसे छह महीने या पीडीएफ या पीएचडी के रूप में केंद्र द्वारा अनुशंसित किया जा सकता है। इसके अंतर्गत इंटरनेशनल ट्रेवेल ग्रांट और रहने का खर्च 3-6 महीने के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह का प्रावधान रूस, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और नेपाल के केंद्रों के लिए भी किया जाएगा।
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शोधपीठ की इंटरनेशनल फेलोशिप के लिए आवेदन का मौका
इंटरनेशनल फे लोशिप के लिए आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थी www.ddugu.ac.in/notices लिंक से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए समन्वयक इंटरनेशनल सेल से संपर्क करें।