प्राइवेट स्कूलों में फीस माफी की मांग को लेकर अभिभावकों ने किया प्रदर्शन, कहा- 'फीस तबसे, स्कूल जब से'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में अभिभावकों के ऊपर फीस जमा कराने के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से बनाए जा रहे दबाव के विरोध में शुक्रवार को गार्जियन समिति की अगुवाई में अभिभावकों ने सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ के गेट पर प्रदर्शन किया। हाथों में ‘स्कूल जब से फीस तबसे’ लिखी तख्तियों को लेकर अभिभावकों ने सुबह साढ़े सात बजे स्कूल फीस माफ किए जाने की मांग की। अभिभावकों ने इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को छह सूत्री मांगपत्र भी सौंपा।
अभिभावकों ने कहा कि कोरोना संकटकाल में काम-धंधा बंद होने से बड़ी संख्या में लोगों के समक्ष आर्थिक संकट है। परिवार के लिए दो वक्त की रोटी और दवा की व्यवस्था किसी तरह हो रही है। इस विपरीत हालातों में स्कूल प्रबंधन समय से फीस जमा करने का दबाव बना रहा है। फीस नहीं जमा करने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से वंचित करने की धमकी दी जा रही है। पूरी तरह स्कूल खुलने पर ही पूरी फीस लेनी चाहिए।
ऑनलाइन क्लास के नाम पर महज खानापूर्ति हो रही है। बहुत सारे अभिभावक बच्चों को स्मार्ट फोन दिलाने में असमर्थ हैं। घंटों तक मोबाइल फोन देखने से बच्चे की आंखों व मस्तिष्क पर भी असर पड़ रहा है। इस दौरान अनुराग त्रिपाठी, संदीप श्रीवास्तव, देवेश पांडेय, राहुल सिंह, सुधीर राय, विजय शंकर, रितेश श्रीवास्तव, केपी राय, मन्नू खान, शालू सोढ़ी एवं ममता जायसवाल आदि मौजूद रहे।
शिव राष्ट्र सेना ने किया अभिभावकों की मांग का समर्थन
शिव राष्ट्र सेना ने अभिभावकों की मांग का समर्थन किया है। कहा कि अभिभावकों से तीन महीने की फीस के रूप में साठ हजार रुपये की मांग की जा रही है। जो व्यावहारिक नहीं है। ऐसी स्थिति में बच्चों को घर बैठाने या फीस चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
स्कूूल प्रबंधन की ओर से फीस जमा कराने के लिए अभिभावकों पर कोई दबाव नहीं बनाया गया है। मासिक फीस जमा कराने के लिए अभिभावकों को संदेश भेजा गया है। किसी भी बच्चे को ऑनलाइन क्लास या टेस्ट से वंचित नहीं किया जाएगा।
गोरखनाथ सेंट जोसेफ स्कूल के प्रधानाचार्य फादर जोश कोकंडाथील ने बताया कि अभिभावक अपनी क्षमता के मुताबिक कम से कम एक से दो महीने की फीस जमा करा दें, ताकि बच्चे का नाम स्कूल में कंफर्म रहे। अगर अभिभावक ये भी नहीं कर पा रहे हैं तो प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला दें, उसपर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा। अभिभावकों के प्रदर्शन की सूचना मिली है। मगर किसी ने मुलाकात नहीं की है। जो ज्ञापन दिया है, उसमें भी किसी का नाम नहीं हैं। हम किसी की मदद कैसे कर सकते हैं?