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आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दे सरकार : शशि
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नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मानदेय बढ़ाए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्
-नगर निगम पार्क में हजारों आशा कर्मियों ने वेतन वृद्धि के लिए किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। आशा कार्यकर्ता यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को हजारों की संख्या में आशा व आशा संगिनियां नगर निगम पार्क में एकत्रित हुईं। इस दौरान उन्होंने वर्षों से लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए सभा की।
सभा को संबोधित करते हुए विधान परिषद सदस्य व भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य शशि यादव ने कहा कि आशा कार्यकर्ता प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनसे स्थायी कर्मचारियों जैसा काम लिया जा रहा है, लेकिन अधिकार और सम्मान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स को राज्य कर्मचारी का दर्जा देना होगा, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आशा वर्कर यूनियन की अध्यक्ष आशा गुप्ता ने कहा कि मानदेय, प्रोत्साहन राशि, बीमा और अन्य बुनियादी मांगें वर्षों से लंबित हैं। आशा कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए।सभा के बाद आशा कर्मियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुशीनगर से आईं आशा प्रतिनिधि पुष्पा राय, मालती कसौधन और रीता पटेल ने कहा कि जमीनी स्तर पर आशा कर्मियों का भारी उत्पीड़न हो रहा है। निजी अस्पतालों की अवैध वसूली और प्रशासनिक दबाव पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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इस अवसर पर प्रेमशीला, आशा गुप्ता, तारा, अनिता, सोना, स्नेहलता, वीनिता, धनसीरा, अर्चना, सुमन, उषा, कौशिल्या पुष्पा, नीरज उपस्थित रहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। आशा कार्यकर्ता यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को हजारों की संख्या में आशा व आशा संगिनियां नगर निगम पार्क में एकत्रित हुईं। इस दौरान उन्होंने वर्षों से लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए सभा की।
सभा को संबोधित करते हुए विधान परिषद सदस्य व भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य शशि यादव ने कहा कि आशा कार्यकर्ता प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनसे स्थायी कर्मचारियों जैसा काम लिया जा रहा है, लेकिन अधिकार और सम्मान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स को राज्य कर्मचारी का दर्जा देना होगा, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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आशा वर्कर यूनियन की अध्यक्ष आशा गुप्ता ने कहा कि मानदेय, प्रोत्साहन राशि, बीमा और अन्य बुनियादी मांगें वर्षों से लंबित हैं। आशा कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा और सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए।सभा के बाद आशा कर्मियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन और तेज किया जाएगा। कुशीनगर से आईं आशा प्रतिनिधि पुष्पा राय, मालती कसौधन और रीता पटेल ने कहा कि जमीनी स्तर पर आशा कर्मियों का भारी उत्पीड़न हो रहा है। निजी अस्पतालों की अवैध वसूली और प्रशासनिक दबाव पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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इस अवसर पर प्रेमशीला, आशा गुप्ता, तारा, अनिता, सोना, स्नेहलता, वीनिता, धनसीरा, अर्चना, सुमन, उषा, कौशिल्या पुष्पा, नीरज उपस्थित रहीं।