{"_id":"64920d4083cea3edde0b1ec0","slug":"government-asked-for-life-jackets-for-lekhpals-in-floods-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-214229-2023-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: बाढ़ में लेखपालों के लिए शासन से मांगे लाइफ जैकेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: बाढ़ में लेखपालों के लिए शासन से मांगे लाइफ जैकेट
विज्ञापन
संशोधित:
नोट: इसे प्रयोग करें।
-डीएम की ओर से सचिव एवं राहत आयुक्त को भेजा गया पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में बाढ़ के दौरान तैनात होने वाले लेखपालों के लिए लाइफ जैकेट की मांग शासन से की गई है। डीएम की ओर से इस संबंध में प्रदेश सरकार के सचिव एवं राहत आयुक्त को पत्र भेजा गया है। बरसात के पूर्व लाइफ जैकेट उपलब्ध होने पर सभी को इससे लैस कर दिया जाएगा।
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2020 में 375, 2021 में 398 और 2022 में कुल 302 राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इन गांवों में खाद्यान्न सामग्री और दवा वितरण, फसल क्षति का आंकलन सहित अन्य कामों में लेखपालों की तैनाती की गई थी। सरयू, राप्ती, रोहिन, आमी, कुआनो और गोर्रा नदियों के करीब 450 किमी लंबे क्षेत्र में लेखपाल बाढ़ की ड्यूटी करते हैं। ऐसे में उनकी जान भी खतरे में रहती है।
विज्ञापन
नोट: इसे प्रयोग करें।
-डीएम की ओर से सचिव एवं राहत आयुक्त को भेजा गया पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले में बाढ़ के दौरान तैनात होने वाले लेखपालों के लिए लाइफ जैकेट की मांग शासन से की गई है। डीएम की ओर से इस संबंध में प्रदेश सरकार के सचिव एवं राहत आयुक्त को पत्र भेजा गया है। बरसात के पूर्व लाइफ जैकेट उपलब्ध होने पर सभी को इससे लैस कर दिया जाएगा।
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2020 में 375, 2021 में 398 और 2022 में कुल 302 राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इन गांवों में खाद्यान्न सामग्री और दवा वितरण, फसल क्षति का आंकलन सहित अन्य कामों में लेखपालों की तैनाती की गई थी। सरयू, राप्ती, रोहिन, आमी, कुआनो और गोर्रा नदियों के करीब 450 किमी लंबे क्षेत्र में लेखपाल बाढ़ की ड्यूटी करते हैं। ऐसे में उनकी जान भी खतरे में रहती है।
विज्ञापन