खुशखबर: कोरोना सहित संक्रामक बीमारियों पर शोध कराएगा विवि, एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ली जाएगी मदद
शोध के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय में वायरोलॉजी सेल का होगा गठन, एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ली जाएगी मदद
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय कोरोना सहित संक्रामक बीमारियों पर शोध कराएगा। शोध के लिए वायरोलॉजी सेल का गठन जल्द ही किया जाएगा। इसमें एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की मदद ली जाएगी।
परिसर के सेंटर फॉर जेनोमिक्स एंड बायो इन्फार्मेटिक्स में वायरोलॉजी सेल के गठन के साथ ही संक्रमण के निदान के विकल्पों की तलाश की जाएगी। कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने ऑनलाइन बैठक आयोजित कर इस योजना को कार्यरूप देने पर विचार-विमर्श किया। तय हुआ कि सेल में शोध के लिए विश्वविद्यालय के बायोटेक्नालॉजी, जूलोजी और बॉटनी विभाग की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सेल इसके लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज और एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी सहायता लेगा।
आज सभी स्ट्रेन पर अध्ययन करने की जरूरत
कुलपति ने कहा कि कोविड-19 के हर नई स्ट्रेन की जीनोम सिक्वेंसिंग जानने की जरूरत है। जिससे पता चल सके कि उस स्ट्रेन का सिक्वेंस क्या है? कितने नाइट्रोजन बेस पेयर पर नये स्ट्रेन में बदलाव आए हैं। अगर नये स्ट्रेन में ज्यादा बेस पेयर चेंज हो जाते हैं तो उसके लिए आरटीपीसीआर में पहचान के लिए नए तरीके से जांच की जरूरत पड़ेगी।
ऐसे ही मामलों में कोविड संक्रमण के बाद भी आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। हम जांच के पुराने तरीके से नये स्ट्रेन के बारे में नहीं जान सकते। आज जरूरत सभी स्ट्रेन पर अध्ययन करने की है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 6000 कोरोना वायरस स्ट्रेन पर दुनिया भर में काम हो रहा है।
राजभवन भेजी जाएगी जागरूकता अभियान की रिपोर्ट
संक्रमण से बचाव और टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विश्वविद्यालय के एनसीसी, रोवर्स-रेंजर्स और एनएसएस के समन्वयकों को कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश कुलपति ने दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वालंटियर्स द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की रिपोर्ट अब प्रतिदिन राजभवन भेजी जाएगी।
विवि के सभी सदस्यों की होगी जांच
कुलपति ने बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि सभी का टीकाकरण कराया जाएगा। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह से कुलपति ने कहा है कि वे प्रशासन को पत्र लिखकर जांच और टीकाकरण की व्यवस्था कराने के लिए आग्रह करें।