गोरखपुर विश्वविद्यालय: प्रो. पूनम टंडन ने संभाला कुलपति का कार्यभार, उपलब्धियों से भरा है उनका कॅरियर
लखनऊ से गोरखपुर पहुंचने पर प्रो. पूनम टंडन गोरखनाथ मंदिर पहुंचीं। उन्होंने गुरु गोरखनाथ का पूजन-अचर्न कर आशीर्वाद लिया। साथ में उनकी माता भी थीं। दर्शन करने के बाद वह विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पहुंचीं जहां शिक्षक एवं कर्मचारियों ने स्वागत किया।
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लखनऊ विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग की प्रो. पूनम टंडन ने सोमवार शाम दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। वह विश्वविद्यालय की 39वीं व दूसरी महिला कुलपति होंगी। उन्होंने विश्वविद्यालय को ए प्लस प्लस श्रेणी दिलाने के लिए निवर्तमान कुलपति प्रो. राजेश सिंह का आभार जताया।
प्रो. टंडन का 32 वर्ष का लंबा कॅरियर अनेक अकादमिक और प्रशासनिक उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने अपने शोध एवं शैक्षणिक कार्यकाल में अनेकों सम्मान अर्जित किया है। उन्हें जर्मनी के प्रतिष्ठित अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फेलोशिप सहित दर्जनों सम्मान मिले हैं। उन्होंने 32 पुस्तकों के लिए लेखन कार्य किया है व 250 से ज्यादा शोध पत्र विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं।
40 विद्यार्थियों ने प्रो. टंडन के निर्देशन में शोध कार्य पूर्ण किया है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पद का दायित्व ग्रहण करने से पहले प्रो. टंडन लखनऊ विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता छात्र कल्याण एव अधिष्ठाता ऐकडेमिक थीं।
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गुरु गोरखनाथ का दर्शन कर पहुंची विश्वविद्यालय
लखनऊ से गोरखपुर पहुंचने पर प्रो. पूनम टंडन गोरखनाथ मंदिर पहुंचीं। उन्होंने गुरु गोरखनाथ का पूजन-अचर्न कर आशीर्वाद लिया। साथ में उनकी माता भी थीं। दर्शन करने के बाद वह विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पहुंचीं जहां शिक्षक एवं कर्मचारियों ने स्वागत किया। स्वागत करने वालों में भौतिकी विज्ञान विभाग के प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो. अजय शुक्ला, कुलसचिव प्रो. अजय शुक्ला, मुख्य नियंता डाॅ. सत्यपाल सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
आवास पर कार्यभार ग्रहण कर कार्यालय पहुंचीं कुलपति
कुलपति प्रो. टंडन निवर्तमान कुलपति से चार्ज लेने अपराह्न 3:30 बजे उनके सरकारी आवास पर पहुंचीं। चार्ज लेने के बाद प्रशासनिक भवन स्थित कार्यालय पहुंचीं। यहां कर्मचारियों से परिचय प्राप्त कर गेस्ट हाउस चलीं गईं।