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गोरखपुर विश्वविद्यालय: नए पीएचडी के अध्यादेश व अयोध्या अध्ययन केंद्र पर लगी मुहर
Thu, 25 Jan 2024 12:17 PM IST
रोहित शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: रोहित शर्मा
Updated Thu, 25 Jan 2024 12:17 PM IST
सार
गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक बुधवार को संवाद भवन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में हुई। नए पीएचडी के अध्यादेश, अयोध्या अध्ययन केंद्र समेत अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विद्या परिषद ने अपनी संस्तुति प्रदान की। अब इन विषयों को एक फरवरी को आयोजित कार्य परिषद की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
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DDU gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक बुधवार को संवाद भवन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में हुई। विद्या परिषद ने नए पीएचडी के अध्यादेश, अयोध्या अध्ययन केंद्र समेत अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी संस्तुति प्रदान की। अब इन विषयों को एक फरवरी को आयोजित कार्य परिषद की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
विद्या परिषद की बैठक में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा, उनका फोकस समय से परीक्षा कराना और परिणाम घोषित करना है। गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला विवि है, जहां 10 जनवरी से सम सेमेस्टर में परास्नातक की कक्षाएं शुरू हो गई हैं।
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बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विद्या परिषद के सदस्यों लखनऊ विश्वविद्यालय की आचार्य एवं विश्वविद्यालय की लोकायुक्त प्रो. निरूपमा अग्रवाल, मेरठ विश्वविद्यालय के प्रो. अनुज कुमार, एमएस यूनिवर्सिटी बड़ोदा के प्रो. प्रफुल्ल झा एवं प्राचार्य बीआरडी पीजी कॉलेज सहित पहली बार सदस्य रूप में शामिल शिक्षाविदों को बधाई दी। बैठक में विद्या परिषद की ओर से यूजीसी द्वारा निर्गत नई शिक्षा नीति के आलोक में नवीनतम पीएचडी उपाधि प्रदान करने के लिए मानदंड एवं प्रक्रिया विनिमय 2022 की संस्तुतियों को स्वीकृति प्रदान की गई।
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विवि तथा महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के पीएचडी के मामले में कुलपति ने कहा कि विभागों द्वारा शिक्षकों का टाइम टेबल अनुकूलित कर उन्हें शोध करने की सहूलियत देनी चाहिए। विद्या परिषद के समस्त सदस्यों ने इस निर्णय का करतल ध्वनि से स्वागत किया। बता दें कि विश्वविद्यालय ने इस संदर्भ में एक समिति भी गठित की है, जिसकी तीन बैठक आयोजित की जा चुकी हैं।
युगल उपाधि व चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम को मिली स्वीकृति
विद्या परिषद ने युगल उपाधि, संयुक्त उपाधि तथा दोहरी उपाधि कार्यक्रमों की पेशकश के संदर्भ में भारतीय और विदेशी उच्चतर शिक्षा संस्थानों के बीच शैक्षिक सहयोग के संबंध में बनाई गई नीति को स्वीकृति दी। इसके साथ ही चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा तैयार क्रेडिट ढांचे (फ्रेमवर्क) के तहत गोरखपुर विश्वविद्यालय के स्नातक प्रोग्राम के क्रेडिट फ्रेमवर्क को स्वीकृति दी गई।
स्थापित होगा सेंटर फॉर आनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन
विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर आनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन स्थापित होगा। इसपर विद्या परिषद ने अपनी अनुशंसा प्रदान कर दी है। बैठक में विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा अध्ययन केंद्र तथा भारतीय भाषा संवर्धन केंद्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी।
फार्मेसी को पांच विभागों में संचालित करने पर विचार
बैठक में विद्या परिषद के सदस्यों को इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संकाय के अन्तर्गत इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी स्थापित करने के संदर्भ में कार्य परिषद की आकस्मिक बैठक में लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया। विश्वविद्यालय परिनियमावली के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में पांच विभागों को संचालित किए जाने पर विचार किया गया।
रैंकिग सेल के गठन की मिली संस्तुति
विद्या परिषद की इस बैठक में उपक्रम द्वारा प्राप्त निर्देश के क्रम में रैंकिंग सेल के गठन को भी संस्तुति प्रदान की गई। यह सेल विश्वविद्यालय को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग संस्थाओं द्वारा आयोजित रैंकिंग स्पर्धा में प्रतिभाग करने की तैयारी के लिए गठित किया जा रहा है।
कृषि संकाय परिषद की संस्तुति को सहमति
विश्वविद्यालय अध्यादेश में दिए गए प्रावधान एवं उसके अपबंधों के अंतर्गत कृषि संकाय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों की पाठ्यक्रम समिति में शिक्षाविदों को शामिल किए जाने के संदर्भ में अनुमोदन प्रदान किया गया। साथ ही कृषि संकाय परिषद की बैठक की विभिन्न संस्तुतियों को भी सहमति प्रदान की गई।
विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर आनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन स्थापित होगा। इसपर विद्या परिषद ने अपनी अनुशंसा प्रदान कर दी है। बैठक में विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा अध्ययन केंद्र तथा भारतीय भाषा संवर्धन केंद्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी।
फार्मेसी को पांच विभागों में संचालित करने पर विचार
बैठक में विद्या परिषद के सदस्यों को इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संकाय के अन्तर्गत इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी स्थापित करने के संदर्भ में कार्य परिषद की आकस्मिक बैठक में लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया। विश्वविद्यालय परिनियमावली के अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में पांच विभागों को संचालित किए जाने पर विचार किया गया।
रैंकिग सेल के गठन की मिली संस्तुति
विद्या परिषद की इस बैठक में उपक्रम द्वारा प्राप्त निर्देश के क्रम में रैंकिंग सेल के गठन को भी संस्तुति प्रदान की गई। यह सेल विश्वविद्यालय को विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग संस्थाओं द्वारा आयोजित रैंकिंग स्पर्धा में प्रतिभाग करने की तैयारी के लिए गठित किया जा रहा है।
कृषि संकाय परिषद की संस्तुति को सहमति
विश्वविद्यालय अध्यादेश में दिए गए प्रावधान एवं उसके अपबंधों के अंतर्गत कृषि संकाय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों की पाठ्यक्रम समिति में शिक्षाविदों को शामिल किए जाने के संदर्भ में अनुमोदन प्रदान किया गया। साथ ही कृषि संकाय परिषद की बैठक की विभिन्न संस्तुतियों को भी सहमति प्रदान की गई।