गोरखपुर विश्वविद्यालय: प्रशासनिक भवन में भूख हड़ताल, मेन गेट पर नारेबाजी और धरना
प्रशासनिक भवन का गेट बंद होने के चलते बहुत सारे विद्यार्थी परेशान रहे। परीक्षा विभाग में रिजल्ट की गड़बड़ी को ठीक कराने आई एक छात्रा गार्ड से गिड़गिड़ाने लगी। सर प्लीज, गेट खोल दीजिए। लेकिन, गार्ड ने ऊपर से आदेश का हवाला देकर मना कर दिया।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाली के लिए आंदोलित सात छात्रनेताओं ने मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी। छात्र प्रशासनिक भवन में धरने पर बैठे थे। इसी दौरान विवि प्रशासन ने प्रशासनिक भवन के मेन गेट को बंद करा दिया, जिससे नाराज छात्रों ने गेट के बाहर ही नारेबाजी कर धरना शुरू कर दिया। भूख हड़ताल को समर्थन देने गए अधिवक्ता व विभिन्न संगठनों के लोगों से मुख्य नियंता की तीखी झड़प भी हुई। शुल्क जमा करने व रिजल्ट की जानकारी करने गए छात्र-छात्राओं को घंटों इंतजार करना पड़ा।
छात्रसंघ चुनाव की मांग कर रहे छात्रनेता योगेश प्रताप सिंह, अंकित पांडेय, उज्जवल सिंह, सतीश प्रजापति, सुशांत शर्मा, राहुल यादव, जतिन मिश्रा ने मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे भूख हड़ताल शुरू कर दी। उधर, विवि प्रशासन ने सोमवार की रात में आंदोलित 12 छात्रों के खिलाफ तहरीर दे दी और छह सप्ताह तक परिसर व छात्रावास में प्रवेश पर रोक लगा दिया।
इसकी सूचना पाते ही विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों के छात्रनेता भी मंगलवार को विश्वविद्यालय पहुंच गए। हंगामे के आसार को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक भवन के मेन गेट को बंद करा दिया। प्रशासनिक भवन जा रहे छात्रनेता गौतम यादव के नेतृत्व में छात्र मेन गेट पर धरने पर बैठ गए।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रनेताओं ने कहा कि उनसे वार्ता करने कोई नहीं आया है। नियंता की ओर से धमकाने का काम किया जा रहा है। जब तक चुनाव की घोषणा नहीं हो जाती है, भूख हड़ताल जारी रहेगी। धरने पर नित्या पांडेय, सुंदरम राय, प्रिया बौद्ध, गौरव वर्मा, अर्पित मिश्रा, सतीश चंद्र सिंघम, प्रतीक त्रिपाठी व छात्र बैठे रहे।
सर प्लीज, गेट खोल दीजिए
प्रशासनिक भवन का गेट बंद होने के चलते बहुत सारे विद्यार्थी परेशान रहे। परीक्षा विभाग में रिजल्ट की गड़बड़ी को ठीक कराने आई एक छात्रा गार्ड से गिड़गिड़ाने लगी। सर प्लीज, गेट खोल दीजिए। लेकिन, गार्ड ने ऊपर से आदेश का हवाला देकर मना कर दिया। कुछ छात्र बाउंड्री कूदकर अंदर प्रवेश करने की कोशिश करने लगे तो उन्हें सख्ती से रोक दिया गया। थक हारकर छात्र विवि प्रशासन को कोसते चले गए।
...और जब प्रोफेसर साहब भी फंस गए
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा के सामने पार्क गेट के पास आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त भी उपवास पर बैठे थे। उनके समर्थन में गए प्रो. अजेय गुप्ता भी काफी देर तक फंसे रहे। वीआईपी गेट पर ताला लगा था और कई बार उनके कहने पर भी गार्ड ने ताला नहीं खोला।