{"_id":"5fec0e636825be1e684fe32f","slug":"gorakhpur-university-employees-working-on-outsourcing-new-year-will-fade-in-due-to-not-get-salary","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर विश्वविद्यालय के 295 आउटसोर्सिंग कर्मियों का नया साल रहेगा फीका, जानिए क्या है बड़ी वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर विश्वविद्यालय के 295 आउटसोर्सिंग कर्मियों का नया साल रहेगा फीका, जानिए क्या है बड़ी वजह
Wed, 30 Dec 2020 10:52 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 30 Dec 2020 10:52 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर विश्वविद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत 295 कर्मचारियों का नया साल फीका रहेगा। उन्हें दो महीने से वेतन नहीं मिला है। तीसरा महीना भी पूरा होने वाला है। ज्यादातर कर्मचारी उधार लेकर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग पर कुशल और अकुशल दोनों तरह के कर्मचारी नियुक्त हैं। इन्हें एक फर्म की ओर से तैनात किया गया है। कुशल कर्मचारी को 10,500 रुपये और अकुशल कर्मचारी को 7,500 रुपये महीने मिलते हैं। कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद मॉनीटरिंग में गड़बड़ी पाई तो उन्होंने व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एक ऑउटसोर्सिंग मॉनीटरिंग कमेटी बना दी।
विज्ञापन
कमेटी ने सिस्टम को दुरुस्त करते हुए कई बदलाव किए। मसलन, कर्मचारी जहां भी तैनात हैं वहां के विभागाध्यक्ष या प्रभारी की ओर से उपस्थिति की प्रमाणित प्रति देना अनिवार्य है, ताकि बिना ड्यूटी कराए फर्म ज्यादा भुगतान न करा ले। हालांकि यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी कर्मचारियों का वेतन लटक गया है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सत्यापन और पारदर्शी व्यवस्था लाने में विलंब हुआ है। इसके चलते फर्म का भुगतान रोक दिया गया। जिसका खामियाजा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और उनके परिवार वालों को भुगतना पड़ रहा है।
आउटसोर्सिंग मॉनीटरिंग कमेटी के समन्वयक प्रो. विनीता पाठक ने बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सितंबर तक का वेतन दिया जा चुका है। ड्यूटी और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने से भुगतान में कुछ विलंब हुआ है। अक्तूबर और नवंबर के भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो गई है, जल्द ही फर्म को भुगतान कर दिया जाएगा।
आउटसोर्सिंग मॉनीटरिंग कमेटी के समन्वयक प्रो. विनीता पाठक ने बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को सितंबर तक का वेतन दिया जा चुका है। ड्यूटी और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने से भुगतान में कुछ विलंब हुआ है। अक्तूबर और नवंबर के भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो गई है, जल्द ही फर्म को भुगतान कर दिया जाएगा।