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गोरखपुर विश्वविद्यालय कैंटीन: चाय बे-स्वाद, छोला-भटूरा और बर्गर बहुत महंगा

Sat, 11 Dec 2021 11:42 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 11 Dec 2021 11:42 AM IST
सार

गोविवि परिसर की कैंटीन के खानपान की दरों और गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने कुलसचिव से शिकायत की। बताया कि छह रुपये में सादी और आठ रुपये में मसाला चाय मिलती है।

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Gorakhpur University Canteen Complaint to registrar regarding rates and quality of food
गोविवि कुलसचिव से खानपान के सामान की गुणवत्ता व दाम कम करने की मांग करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में खुली कैंटीन के खानपान के सामान की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। कुछ सामान भी बहुत महंगे हैं। चाय बे-स्वाद है। इसमें दूध कम और चीनी व पानी ज्यादा है। छोला-भटूरा और बर्गर का दाम रेस्टोरेंट वाला वसूला जा रहा है। इसको लेकर छात्रों ने शुक्रवार को कुलसचिव से शिकायत की है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रों ने कुलसचिव विश्वेश्वर प्रसाद से मिलकर कैंटीन में खानपान की वस्तुओं के दाम कम कराने की मांग की। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में अधिकांश छात्र ग्रामीण इलाके से आते हैं। उनके लिए महंगे दाम पर खानपान के सामान खरीद पाना संभव नहीं है। छात्रहित में देखते हुए दाम कम किया जाए। इस अवसर पर प्रिंस गुप्ता, अरुण यादव, सत्यम यादव, सतीश चंद्र मिश्रा, शिवम त्रिपाठी, आदिल, अविनाश आदि मौजूद रहे।
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शिकायत करने की जानकारी पर अमर उजाला संवाददाता ने कैंटीन में जाकर पड़ताल की तो छात्रों की शिकायत में दम नजर आया। कैंटीन में भीड़ ठीक-ठाक थी, लेकिन ज्यादातर विद्यार्थी समोसा और चाय ही खरीद रहे थे। उनका कहना था कि समोसे की क्वालिटी सामान्य है, लेकिन चाय पीने लायक नहीं है। अन्य सामान के दाम बहुत ज्यादा है, इसलिए हम लोग चाय-समोसा ही ले रहे हैं। इस बाबत कैंटीन मैनेजर जितेंद्र सिंह का कहना है कि गुणवत्ता का ख्याल रखा जा रहा है। क्वालिटी से समझौता नहीं करेंगे। लगातार फीड बैक ले रहे हैं और सुधार किया जा रहा है।
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बीएससी प्रथम वर्ष के अनंत प्रजापति ने बताया कि समोसा और मसाला चाय लिया था। चाय की क्वालिटी बहुत खराब थी। इससे अच्छा तो गेट के बाहर जाकर पी लेते। बर्गर खाने की इच्छा थी, लेकिन बहुत महंगा है।

बीए तृतीय वर्ष के निखिलेश ने बताया कि छात्रों के लिए कैंटीन खुली है तो सामान का दाम भी वाजिब होना चाहिए। कैंटीन में कई बार चाय पीकर देख लिया है, क्वालिटी ठीक नहीं है। अन्य सामान के दाम बहुत ज्यादा हैं। इसे विश्वविद्यालय प्रशासन कम कराए।

 
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव विश्वेश्वर प्रसाद ने बताया कि कैंटीन की समस्या को लेकर विद्यार्थियों ने मुलाकात की थी। इस सिलसिले में अधिष्ठाता छात्र कल्याण को पत्र भी लिखा गया है। खाद्य सामग्री के दाम कम करने की बात भी कही गई है।
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