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Gorakhpur News:पुजारी के बेटे की बाइक रोकी, विरोध में मंदिर बंद- प्रदर्शन- जानिए कौन थे अधिकारी

Sat, 08 Mar 2025 03:19 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: रोहित सिंह Updated Sat, 08 Mar 2025 03:19 PM IST
सार

बुढ़िया माता मंदिर के पुजारी रामानंद के पुत्र बलिराम मंदिर से जंगल के रास्ते वनटांगिया टोले की ओर जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में उन्हें ट्रेनी आईएफएस सीकर वेंकट पटेल ने रोक लिया। वन संरक्षित क्षेत्र में घुसने के आरोप में उनकी गाड़ी जब्त कर ली और 1000 रुपये का चालान कर दिया।

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Gorakhpur's trainee IFS officer had stopped the bike of the son of the priest of Budhiya Mai temple, uproar
बुढ़िया माता मंदिर परिसर में दुकानदारों और पुजारी से बातचीत करते वन विभाग की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कुसम्ही स्थित बुढि़या माता मंदिर के पुजारी के बेटे की बाइक ट्रेनी आईएफएस ने बृहस्पतिवार शाम को वन संरक्षित क्षेत्र में घुसने के आरोप में जब्त कर ली। विरोध में शुक्रवार सुबह बुढ़िया माता मंदिर का कपाट बंद कर दिया गया। समर्थन में दुकानदारों ने भी दुकानें बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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ट्रेनी अधिकारी के मंदिर पहुंचने पर लोग नारेबाजी करने लगे और जबरन परेशान करने का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे एसडीओ डाॅ. हरेंद्र सिंह ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद मंदिर का कपाट खोलकर खुद पूजा-अर्चना की। मौजूद श्रद्धालुओं ने भी पूजन-अर्चन शुरू किया। करीब चार घंटे तक मंदिर का कपाट बंद रहा। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। बाद में बाइक छोड़ दी गई।
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बुढ़िया माता मंदिर के पुजारी रामानंद के पुत्र बलिराम मंदिर से जंगल के रास्ते वनटांगिया टोले की ओर जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में उन्हें ट्रेनी आईएफएस सीकर वेंकट पटेल ने रोक लिया। वन संरक्षित क्षेत्र में घुसने के आरोप में उनकी गाड़ी जब्त कर ली और 1000 रुपये का चालान कर दिया।
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इस कार्रवाई की जानकारी होने पर पुजारी ने शुक्रवार सुबह साफ-सफाई व पूजा के बाद मंदिर का कपाट बंद कर दिया। दुकानदारों ने भी अपनी-अपनी दुकानें बंद कर पुजारी के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप लगाने लगे कि यह कार्रवाई पिछले कई दिनों से हो रही है। इसी बीच ट्रेनी अफसर भी वहां पहुंचे तो दुकानदारों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

मामले की जानकारी होने पर पहुंचे एसडीओ डाॅ. हरेंद्र सिंह ने पुजारी के बेटे की जब्त गाड़ी को दिलाने का आश्वासन देते हुए यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की कोई कार्रवाई वन विभाग की ओर से नहीं की जाएगी। इसके बाद सभी मान गए।


वन क्षेत्र घूमने के लिए प्रतिबंधित है। बुढ़िया माई मंदिर होने की वजह से श्रद्धालु दर्शन करके जंगल में चले जाते हैं। इसके कारण अप्रिय घटनाएं हो जाती हैं। इसीलिए उन्हें रोका जाता है। मंदिर में जाने वाले श्रद्धालुओं काे कभी नहीं रोका गया है। बुढ़िया माता मंदिर आस्था का केंद्र है: डॉ. हरेंद्र सिंह, एसडीओ, वन विभाग

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