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गोरखपुर प्रदूषण: अब क्षेत्र पराली जलाई गई तो नपेंगे थानेदार, डीएम ने दिया सख्त आदेश
Thu, 23 Nov 2023 09:09 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 23 Nov 2023 09:09 AM IST
सार
डीएम ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन हर हाल में होना चाहिए। डीएम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में कहा है कि पराली एवं अन्य कृषि अवशेष के जलाए जाने के कारण होने वाले पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन आवश्यक है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
पराली जलाने से फैल रहे प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर सख्त चेतावनी दी है कि अब कहीं भी पराली जलती मिली तो उस क्षेत्र के थानेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही बीट सिपाही और ग्राम प्रधान को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
डीएम ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन हर हाल में होना चाहिए। डीएम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में कहा है कि पराली एवं अन्य कृषि अवशेष के जलाए जाने के कारण होने वाले पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन आवश्यक है। पराली को जलाने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर बीट सिपाहियों, ग्राम प्रहरियों, राजस्वकर्मियों और ग्राम प्रधानों के माध्यम से जानकारी एकत्रित कर इसे रोकना होगा।
उन्होंने पत्र में कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही की शिकायत शासन के संज्ञान में आती है तो उसके लिए संबंधित थाना के थानाध्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होंगे। कहा कि पराली जलाए जाने की घटना की सतत निगरानी जरूरी है।
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डीएम ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन हर हाल में होना चाहिए। डीएम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में कहा है कि पराली एवं अन्य कृषि अवशेष के जलाए जाने के कारण होने वाले पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन आवश्यक है। पराली को जलाने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर बीट सिपाहियों, ग्राम प्रहरियों, राजस्वकर्मियों और ग्राम प्रधानों के माध्यम से जानकारी एकत्रित कर इसे रोकना होगा।
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उन्होंने पत्र में कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही की शिकायत शासन के संज्ञान में आती है तो उसके लिए संबंधित थाना के थानाध्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार होंगे। कहा कि पराली जलाए जाने की घटना की सतत निगरानी जरूरी है।
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